हरियाणा: रंजीत सिंह हत्याकांड मामले में जस्टिस अरविंद सांगवान ने खुद को केस से किया अलग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 03 Sep 2021 01:41 AM IST

सार

रंजीत सिंह हत्याकांड में 24 अगस्त को पंचकूला की सीबीआई अदालत को अपना अंतिम फैसला सुनाना था लेकिन मृतक के बेटे ने सीबीआई जज पर सवाल उठाते हुए केस किसी और को सौंपने की अपील हाईकोर्ट में कर दी। इसके बाद हाईकोर्ट ने सीबीआई अदालत के अंतिम फैसले पर रोक लगा दी थी। फिलहाल ये रोक जारी रहेगी।
प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
ख़बर सुनें

विस्तार

डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या के मामले में सीबीआई जज पर सवाल उठाते हुए केस किसी और को सौंपने की अपील पर सुनवाई कर रहे जज अरविंद सांगवान ने खुद को केस से अलग कर लिया है। उन्होंने अब सुनवाई के लिए नई बेंच निर्धारित करने के लिए याचिका को मुख्य न्यायधीश को रेफर कर दिया है। ऐसे में अब सीबीआई कोर्ट द्वारा इस मामले में अंतिम फैसला सुनाने पर लगाई गई रोक फिलहाल जारी रहेगी।
विज्ञापन


याची जगसीर सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए बताया कि जब 2002 में उसके पिता की हत्या हुई थी तब वह 8 साल का था। इस मामले में आरोपी राम रहीम था, जिसके चलते केस लंबे समय तक चलता रहा। याची ने कहा कि इस मामले में जबसे नए सीबीआई जज आएं है तबसे लगातार सुनवाई को टाला जा रहा है। कई बार सरकारी वकील भी सुनवाई को टालने की मांग कर देते हैं।


याची ने कहा कि उसे लगता है कि इस मामले में एकतरफा फैसला सुनाया जा सकता है। साथ ही यह भी बताया गया कि सीबीआई जज के खिलाफ एक अन्य मामले में भी आरोपियों के संपर्क में रहने की शिकायत मुख्य न्यायाधीश को भेजी गई थी जो फिलहाल विचाराधीन है। ऐसे में इस केस को पंचकूला की सीबीआई कोर्ट से पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की किसी अन्य सीबीआई अदालत में भेजने की याची ने मांग की है। 

याचिका के बाद हाईकोर्टके आदेश के चलते सीबीआई जज ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर टिप्पणियां हाईकोर्ट में सौंप दी। इन टिप्पणियों की सभी पक्षों को केवल देखने की अनुमति दी गई। इस पर सभी ने इसे देख कर अपना पक्ष रखने के लिए मोहलत मांग ली। सीबीआई ने अपने जवाब में वकील केपी सिंह का बचाव करते हुए कहा कि वह वहां पर सीबीआई की सहायता के लिए मौजूद रहते हैं, किसी तरह का कोई दबाव बनाने के लिए लिए नहीं। साथ ही सीबीआई ने कहा कि कोर्ट चाहे तो केस को कहीं और ट्रांसफर कर सकता है।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00