उमरानंगल ब्लैंकेट बेल: आदेश वापस लेने की अर्जी पर जज ने खुद को मामले से अलग किया
बेअदबी मामले में गिरफ्तार आईजी परमराज सिंह उमरानंगल को ब्लैंकेट बेल देने वाले आदेश को वापस लेने की पंजाब सरकार की अर्जी पर जस्टिस रामेंद्र जैन ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। इसके साथ ही उन्होंने यह मामला चीफ जस्टिस को भेज दिया।
निलंबित आईजी उमरांगल की याचिका पर 7 मार्च को सुनवाई करते हुए जस्टिस रामेंद्र जैन ने उन्हें किसी भी मामले में गिरफ्तार या कोई कार्रवाई करने से 7 दिन पहले नोटिस दिए जाने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के इस फैसले को वापस लिए जाने के लिए पंजाब सरकार ने रिकॉल की अर्जी दायर की थी।
अर्जी में पंजाब सरकार ने कहा कि यह आदेश दिए जाने से पहले सरकार का पक्ष तक नहीं सुना गया और सीधे ही याचिकाकर्ता को राहत दे दी गई। यह बेहद महत्वपूर्ण मामला है जिसमें याचिकाकर्ता आरोपी है।
पंजाब सरकार की इस अर्जी पर 18 मार्च को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को 25 मार्च के लिए नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। 25 मार्च को याचिकाकर्ता ने जवाब के लिए समय मांगा तो सुनवाई 29 मार्च तक स्थगित कर दी गई।
29 मार्च को सरकार की अर्जी पर सुनवाई ही नहीं हुई। सरकार की मांग पर सुनवाई 1 अप्रैल तक स्थगित कर दी गई, लेकिन बाद में पता चला कि सुनवाई 2 जुलाई तक स्थगित कर दी गई।
इसके बाद सरकार ने दोबारा कोर्ट से आग्रह किया तो सुनवाई 23 अप्रैल तक स्थगित कर दी गई। मंगलवार को पंजाब सरकार ने इसी मामले में दोबारा अर्जी दायर कर मामले की शीघ्र सुनवाई की मांग की। इस पर बेंच और पंजाब की एडिशनल एडवोकेट जनरल रमिजा हाकिम में काफी बहस हुई। इसके बाद आखिरकार जस्टिस रामेंद्र जैन ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग करते हुए यह केस अन्य बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस को भेज दिया।