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Hindi News ›   Chandigarh ›   Jobs to the Dependents of Martyrs in Haryana

शहीदों के आश्रितों को मिलेगी सरकारी नौकरी

Tue, 03 Jun 2014 03:15 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 03 Jun 2014 03:15 PM IST
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Jobs to the Dependents of Martyrs in Haryana

हरियाणा के शहीदों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर तीसरे या चौथे दर्जे की नौकरी दी जाएगी। हरियाणा सरकार ने हिदायतें जारी कर दी हैं।

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एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि हरियाणा के रहने वाले जिन सशस्त्र बलों या अर्द्ध-सैन्य बलों के जवान सीमा पर मुठभेड़, आतंकी हमले या दंगों में ‘शहीद’ हो गए हैं, उनके एक पात्र पारिवारिक सदस्य को अनुकंपा के आधार पर तृतीय या चतुर्थ श्रेणी के पद पर नौकरी देने का फैसला लिया गया है।
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इसके अलावा शोक संतप्त परिवार को राज्य सरकार के निर्देशानुसार अन्य वित्तीय लाभ भी दिए जाएंगे। यह फैसला एक जनवरी, 2014 से लागू होगा।

तीन साल के अंदर करना होगा आवेदन

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उन्होंने कहा कि अनुकंपा सहायता प्राप्त करने के लिए शहीद पर पूरी तरह निर्भर पुत्र, पुत्री या पत्नी, जिसके पास कोई आय नहीं है, को पात्र पारिवारिक सदस्य माना जाएगा।

शहीद के पात्र पारिवारिक सदस्य को नियुक्त करने के लिए शहीद होने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि के भीतर फार्म-क में संबंधित उपायुक्त को आवेदन करना होगा।

उपायुक्त कार्यालय आवेदन को मुख्य सचिव कार्यालय को भेजेगा। मुख्य सचिव कार्यालय आवेदक को नियुक्ति पत्र जारी करने के लिए खाली पद वाले विभाग में भेजेगा।

नियमित स्वीकृत पदों पर दी जाएंगी नियुक्तियां

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इन दिशा निर्देशों के तहत नियुक्तियां तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी में फीडर पद पर की जाएगी। नियुक्तियां केवल नियमित आधार और नियमित स्वीकृत पद पर की जाएंगी। इन नियुक्तियों को हरियाणा सरकार की अधिसूचित भर्ती एजेंसियों के माध्यम से नियुक्ति किए जाने की शर्त से छूट होगी। इसके अलावा अन्य किसी प्रावधान में कोई छूट नहीं दी जाएगी।

बहरहाल विशेष मामले के तौर पर केवल उन मामलों में छूट दी जाएगी, जहां शहीद की मृत्यु पर बच्चा अनाथ हो गया है। ऐसे अनाथ बच्चों की नियुक्ति का दावा तब तक रहेगा, जब तक की बच्चा सरकारी सेवा में आने के लिए निर्धारित की गई कम से कम पात्र आयु प्राप्त नहीं कर लेता।

अनुकंपा के आधार पर नियुक्त किए जाने वाले पात्र व्यक्ति को फार्म-ग में एक अंडरटेकिंग भी देनी होगी कि वह शहीद के सभी अन्य आश्रित सदस्यों की पूरी देखभाल करेगा और यदि बाद में ऐसा सिद्ध होता है कि परिवार के सदस्यों की अनदेखी की जा रही है तो उसकी नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी।

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यह है शहीद की परिभाषा

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प्रवक्ता ने बताया कि ‘शहीद’ का तात्पर्य उस व्यक्ति से होगा, जो गृह मंत्रालय के तहत स्थायी आधार पर सशस्त्र बलों (जल, थल एवं वायु सेना) या अर्द्ध-सैन्य बलों (बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, असम राईफल्स, रैपिड एक्शन फोर्स आदि) में कार्यरत थे और सीमा पर मुठभेड़, आतंकी हमले या दंगों में मारे गए। जिन्हें रक्षा मंत्रालय, केंद्र सरकार या गृह मंत्रालय ने शहीद घोषित किया।

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