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हरियाणा विधानसभा में गूंजी आप की जीत: जेजेपी विधायक ने कहा- मुख्यमंत्री जी! झाड़ू वाले का ख्याल रखना, बहुत खतरनाक है

Tue, 15 Mar 2022 04:39 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Tue, 15 Mar 2022 04:39 PM IST
सार

हरियाणा सरकार ने सवा तीन साल में 2,77,676 बुजुर्गों की पेंशन बंद होने को लेकर तस्वीर साफ की है। 2,41,183 बुजुर्गों की पेंशन मृत्यु होने पर बंद की गई, जबकि बीते 3 साल में 4 लाख 60 हजार से अधिक बुजुर्गों को पेंशन से जोड़ा गया है।

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JJP MLA mentions AAP victory in Punjab in Haryana Assembly
विधायक रामकुमार गौतम - फोटो : फाइल

विस्तार

नारनौंद से जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के विधायक रामकुमार गौतम ने कहा कि मुख्यमंत्री जी लोगों के काम करो, आपका नाम होगा। नहीं तो झाड़ू वाले का ख्याल रखना, बहुत खतरनाक हैं। अरविंद केजरीवाल को हल्के में ना लेना। जैसे ही गौतम ने यह बात कही तो पूरे सदन में हंसी छूट गई। सदन में गौतम ने पंचकूला के सेक्टरों में एंहासमेंट के मामले को उठाते हुए यह बात कही। 

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गौतम ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सिवानी का है और हिसार में पढ़ा है। पहले उसने दिल्ली पर राज किया, अब अपने पड़ोसी राज्य पंजाब में फतह की है। अगला टारगेट उसका हरियाणा है, इसलिए लोगों के काम करो। एक हरियाणवी कहावत के माध्यम से उन्होंने केजरीवाल की मजबूती भी बताई। गौतम ने मांग की है कि लोगों के 25-25 लाख रुपये की एंहासमेंट निकाली हुई है, वो कैसे देंगे। इसका समाधान करो और उनको कंपलीशन दो। 
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मृत्यु होने पर बंद हुई 2.42 लाख बुजुर्गों की वृद्धावस्था पेंशन
हरियाणा सरकार ने सवा तीन साल में 2,77,676 बुजुर्गों की पेंशन बंद होने को लेकर तस्वीर साफ की है। 2,41,183 बुजुर्गों की पेंशन मृत्यु होने पर बंद की गई, जबकि बीते 3 साल में 4 लाख 60 हजार से अधिक बुजुर्गों को पेंशन से जोड़ा गया है। प्रतिमाह औसतन 12000 बुजुर्गों को सरकार ने लाभान्वित किया है। 
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मंगलवार को बजट सत्र के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज में अंतिम पायदान पर खड़े अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाओं का लाभ पहुंचे, यह सरकार की प्राथमकिता है। इसी कड़ी में सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार बुजुर्गों को पेंशन देती है।

वर्ष 2004 में 9.95 लाख लाभार्थियों को 300 रुपये बुढ़ापा पेंशन मिलती थी, जिस पर 358 करोड़ रुपये का वार्षिक खर्च था। 2014 में 13.47 लाख बुजुर्गों को 1000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से बुढ़ापा पेंशन मिलती थी, जिस पर 1617 करोड़ रुपये खर्च होते थे। आज 17.45 लाख बुजुर्गों को 2500 रुपये मासिक पेंशन मिल रही है, जिसमें 5234 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं। इस लिहाज से देखा जाए तो 7 साल में पेंशन पर होने वाले खर्च को सरकार ने करीब साढे़ तीन गुना कर दिया है।

वर्ष 2019 में 171026, 2020 में 129016, 2021 में 132758 और वर्ष 2022 में अब तक 27398 बुजुर्गों को बुढ़ापा पेंशन शुरू हुई है। सरकार ने वृद्धावस्था सम्मान भत्ते को परिवार पहचान पत्र के साथ जोड़ दिया है। यह भत्ता पाने के लिए लोगों को कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। व्यक्ति की आयु 60 वर्ष होने पर वृद्धावस्था पेंशन खुद ब खुद लग जाएगी। प्रदेश में हर हकदार को पेंशन अवश्य मिलेगी।

जींद में पार्क और सामुदायिक केंद्र खोलने को जमीन तलाशी
जींद शहर में जयंती देवी मंदिर के सामने अस्थायी नंदीशाला को स्थायी नंदीशाला में स्थानांतरित कर इस स्थान पर पार्क विकसित करने और सामुदायिक केंद्र खोलने के लिए जयंती देवी मंदिर के सामने 124 कनाल 4 मरले के स्थल की पहचान की गई है। विधायक कृष्ण मिड्डा के सवाल के जवाब में यह जानकारी हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता ने विधानसभा में दी। 

गुप्ता ने बताया कि इस अस्थायी नंदीशाला में 3500 मवेशी हैं। इस अस्थायी नंदीशाला को शहर से बाहर स्थानांतरित करने बारे विचार किया जा रहा है। नगर परिषद जींद द्वारा हस्तांतरण नीति के अनुसार शहर के बाहर स्थायी नंदीशाला स्थापित करने के लिए बागवानी विभाग को लगभग 70 करोड़ रुपये जमा करवाने होंगे। 

2 साल में 41107 उद्योग स्थापित 
हरियाणा में पिछले दो साल में 41107 उद्योग स्थापित किए गए हैं। यहां पर 75 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू है। महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के सवाल पर सदन में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने यह जानकारी दी। दुष्यंत ने बताया कि हरियाणा राज्य के स्थानीय उम्मीदवारों का नियोजन अधिनियम 2020 को 2 मार्च 2021 को अधिसूचित किया गया और यह प्रभावी रूप से 15 जनवरी 2022 से लागू है। अधिनियम की धारा 6 के अनुसार सभी नियोक्ताओं को अपने मौजूदा कर्मचारियों जिनका वेतन 30 हार से अधिक नहीं है, को 15 जनवरी से तीन माह की अवधि के अंदर पोर्टल पर पंजीकृत कराना जरूरी है।

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