झींडा ने एसजीपीसी की संपत्ति में मांगा हिस्सा
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नवगठित हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा सोमवार गुरुद्वारा कमेटी के सदस्यों के साथ श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे। इस मौके पर उन्होंने एसजीपीसी की प्रॉपर्टी में 40 प्रतिशत का हिस्सा मांगा।
साथ ही हरियाणा के गुरुद्वारों से एसजीपीसी टास्क फोर्स के सदस्यों को हटाने की मांग भी की। माथा टेकने के बाद झींडा ने कहा कि अब वह विधिपूर्वक हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का काम शुरू कर देंगे।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह के आदेश के बारे में एचएसजीएमसी कार्यकारिणी में एजेंडा पेश करके जो भी फैसला लिया जाएगा, उसी पर अमल होगा। रविवार को जत्थेदार ने एचएसजीएमसी के नवनियुक्त पदाधिकारियों के कामकाज पर रोक लगाने के आदेश जारी किए थे।
एसजीपीसी पर अवैध कब्जा करने का आरोप
झींडा ने एसजीपीसी पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। सोमवार को हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने से पहले मीडिया के साथ झींडा ने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारा साहिबों में अभी भी एसजीपीसी की टास्क फोर्स के कर्मचारी, अकाली दल के कई नेता अवैध व गैर कानूनी रूप में कब्जा जमाए बैठे हैं।
इसके लिए हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी की एक बैठक जल्दी बुलाई जाएगी। गुरुद्वारा साहिबों पर हुए कब्जों पर चर्चा होगी और कब्जों के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित करके पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़, श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, हरियाणा के मुख्यमंत्री, हरियाणा के राजपाल, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, और केंद्रीय गृह मंत्री को भेजे जाएंगे ताकि वहां टास्क फोर्स व अकाली दल बादल के वर्करों द्वारा किए कब्जों को छुड़वाया जाए। फिर भी एसजीपीसी ने कब्जे न छोड़े तो जो भी फैसला हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी करेगी उसके अनुसार अगली कार्रवाई की जाएगी।
पंथ से निकालने का फैसला गलत
श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से पंथ से निकले के मुद्दे पर झींडा ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उनके समेत तीन सदस्यों को पंथ से निकालने का फैसला गलत है। आज वे सिर्फ माथा टेकने के लिए आए हैं। पंथ से निकले के मुद्दे पर अभी वे कोई बात नहीं करना चाहते।
हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद झींडा ने फिर स्पष्ट किया कि हरियाणा की कमेटी बिलकुल सही है। हरियाणा कमेटी के गठन के संबंध में जो भी प्रचार बादल और मक्कड़ कर रहे हैं वे झूठ हैं। इस संबंध में वे चाहते हैं कि तीन जजों की एक कमेटी बनाई जाए और जांच करवाई जाए। जो भी दोषी हो उसे सजा दी जाए।
विज्ञापन बाजी और भाई भाई विरोधी जंग में मक्कड़ तथा बादल ने गुरुघर की गोलक से करोड़ों रुपये बरबाद किए गए हैं। संगत को दोनों इसका हिसाब दें।
संपत्ति के लिए आवाज उठाएगी कमेटी
झींडा ने कहा कि पता चला है कि हरियाणा की सिख संगत को एसजीपीसी की ओर से सरायों में कमरे नहीं दिए जा रहे हैं। हमारी मांग है कि एसजीपीसी ने जो भी सराएं बनाई हैं उनमें हरियाणा राज्य बनने के दौरान समझौता के तहत 40 प्रतिशत कोटा हरियाणा के सिखों को दिया जाए।
नहीं तो एक सराय हरिमंदिर साहिब कांपलेक्स में हरियाणा कमेटी को सौंपी जाए। झींडा ने कहा कि चंडीगढ़ में जो प्रापर्टी एसजीपीसी की है उसमें भी नियमों अनुसार 40 प्रतिशत हिस्सा हरियाणा कमेटी को सौंपा जाए। इसके लिए भी हरियाणा कमेटी आवाज उठाएगी।
झींडा को अकाल तख्त के बाहर रोका
झींडा जब अपने साथियों के साथ हरिमंदिर साहिब से माथा टेक कर बाहर आए तो पंथ से निकाले जाने के बावजूद उनको बाहर प्रसाद दिया गया। हालांकि जब वे श्री अकाल तख्त साहिब की तरफ जाने लगे तो एसजीपीसी की टास्क फोर्स के सदस्यों ने सीढ़ियों पर कब्जा जमा लिया।
झींडा ने बाहर से ही श्री अकाल तख्त साहिब पर माथा टेका। इसके बाद झींडा गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब और शहीदी यादगार में भी माथा टेकने के लिए गए।
यूनाइटेड सिख मूवमेंट ने सिरौपा देकर सम्मानित किया
हरिमंदिर साहिब में तो झींडा को कोई सिरोपा नहीं दिया गया, लेकिन हरिमंदिर साहिब कांपलेक्स में दाखिल होने से पहले यूनाइटेड सिख मूवमेंट के नेता भाई मोहकम सिंह की ओर से झींडा और उसके सभी साथियों को सिरोपे देकर सम्मानित किया।