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बड़ा फैसलाः यशपाल मलिक गुट करेगा बीजेपी मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का बहिष्कार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Mon, 23 Jul 2018 10:07 AM IST
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यशपाल मलिक और कैप्टन अभिमन्यु
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जाट आरक्षण के लिए संघर्ष कर रहे यशपाल मलिक गुट ने हरियाणा सरकार में कैबिनेट मंत्री कैप्टन अभिमन्यु का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया है। यशपाल मलिक की अध्यक्षता वाली जाट आरक्षण संघर्ष समिति की जिला इकाई की रविवार को कृष्णलाल हुड्डा की अध्यक्षता में जसिया में बैठक हुई। इसमें प्रदेश के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु का सामाजिक बहिष्कार करने का फैसला लिया गया।
फैसले के तहत, जो व्यक्ति कैप्टन से संपर्क रखेगा उसका भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब तक कैप्टन केसों को वापस नहीं ले लेते। अब यदि किसी को गिरफ्तार किया गया तो गंभीर परिणाम होंगे। वहीं, जवाब में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु का कहना है कि ये कौन होते हैं सामाजिक बहिष्कार का फैसला करने वाले। ये तो आपराधिक तत्व हैं। इनका गिरोह जाट कौम का अहित कर रहा है। ऐसे लोगों का बहिष्कार या संबंध क्या मायने रखता है। इनके बहकावे में जाट समाज आने वाला नहीं हैं।
फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए दंगों में वित्तमंत्री अभिमन्यु की रोहतक स्थित कोठी को जला दिया गया था। इस संबंध में सीबीआई ने 51 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें 16 लोगों को भगोड़ा घोषित किया है। सीबीआई ने पिछले दिनों भगोड़ा घोषित पवन जसिया और सोमबीर जसिया को उठाया है। यशपाल मलिक गुट की जाट आरक्षण संघर्ष समिति इसका विरोध कर रही है।
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति की जसिया में हुई जिला स्तरीय बैठक में कई फैसले लिए गए। समिति के मुख्य महासचिव कृष्णलाल हुड्डा ने कहा कि सोमबीर और पवन समाज के बीच रहते थे। ऐसे में वे भगोड़े कैसे हो गए? सरकार ने चार बार जाट आरक्षण संघर्ष समिति के साथ समझौता किया, लेकिन समझौते का उल्लंघन किया।
उन्होंने कहा कि आगामी तीन दिनों में जिले के अंदर गांव-गांव में भाईचारा सम्मेलन होंगे, जिसमें सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किये जाएंगे। प्रत्येक गांव में 10-10 ट्रैक्टरों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, ताकि तत्काल आंदोलन शुरू किया जा सके। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के महासचिव कृष्णलाल हुड्डा का कहना है कि दंगों में दर्जनों युवक मारे गए, लेकिन सीबीआई उनकी मौत की जांच करने के बजाए मंत्री की कोठी जलाने के मामले की जांच कर रही है। क्या कोठी युवाओं की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण है?
यह आपराधिक तत्वों का गिरोह है, जिसने जाट समाज का अहित ही किया है। ये कौम के दुश्मन हैं। जाट समाज बहुत बड़ा है, जिसका अपना गौरवशाली इतिहास है। ऐसे लोगों का बहिष्कार या संबंध क्या मायने रखता है।
- कैप्टन अभिमन्यु, वित्त मंत्री प्रदेश सरकार
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फैसले के तहत, जो व्यक्ति कैप्टन से संपर्क रखेगा उसका भी सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा। बहिष्कार तब तक जारी रहेगा जब तक कैप्टन केसों को वापस नहीं ले लेते। अब यदि किसी को गिरफ्तार किया गया तो गंभीर परिणाम होंगे। वहीं, जवाब में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु का कहना है कि ये कौन होते हैं सामाजिक बहिष्कार का फैसला करने वाले। ये तो आपराधिक तत्व हैं। इनका गिरोह जाट कौम का अहित कर रहा है। ऐसे लोगों का बहिष्कार या संबंध क्या मायने रखता है। इनके बहकावे में जाट समाज आने वाला नहीं हैं।
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फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए दंगों में वित्तमंत्री अभिमन्यु की रोहतक स्थित कोठी को जला दिया गया था। इस संबंध में सीबीआई ने 51 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इनमें 16 लोगों को भगोड़ा घोषित किया है। सीबीआई ने पिछले दिनों भगोड़ा घोषित पवन जसिया और सोमबीर जसिया को उठाया है। यशपाल मलिक गुट की जाट आरक्षण संघर्ष समिति इसका विरोध कर रही है।
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जाट आरक्षण संघर्ष समिति की जसिया में हुई जिला स्तरीय बैठक में कई फैसले लिए गए। समिति के मुख्य महासचिव कृष्णलाल हुड्डा ने कहा कि सोमबीर और पवन समाज के बीच रहते थे। ऐसे में वे भगोड़े कैसे हो गए? सरकार ने चार बार जाट आरक्षण संघर्ष समिति के साथ समझौता किया, लेकिन समझौते का उल्लंघन किया।
उन्होंने कहा कि आगामी तीन दिनों में जिले के अंदर गांव-गांव में भाईचारा सम्मेलन होंगे, जिसमें सरकार के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास किये जाएंगे। प्रत्येक गांव में 10-10 ट्रैक्टरों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा, ताकि तत्काल आंदोलन शुरू किया जा सके। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के महासचिव कृष्णलाल हुड्डा का कहना है कि दंगों में दर्जनों युवक मारे गए, लेकिन सीबीआई उनकी मौत की जांच करने के बजाए मंत्री की कोठी जलाने के मामले की जांच कर रही है। क्या कोठी युवाओं की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण है?
यह आपराधिक तत्वों का गिरोह है, जिसने जाट समाज का अहित ही किया है। ये कौम के दुश्मन हैं। जाट समाज बहुत बड़ा है, जिसका अपना गौरवशाली इतिहास है। ऐसे लोगों का बहिष्कार या संबंध क्या मायने रखता है।
- कैप्टन अभिमन्यु, वित्त मंत्री प्रदेश सरकार