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जाट आरक्षण पर बयान से सैनी की मुश्किलें बढ़ी, कोर्ट का समन
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरुक्षेत्र
Updated Sun, 03 Apr 2016 12:16 PM IST
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कुरुक्षेत्र से बीजेपी सांसद राजकुमार सैनी
- फोटो : अमर उजाला
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जाटों को आरक्षण देने के मुद्दे पर लगातार विवादित बयानबाजी करने वाले कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार सैनी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। भड़काऊ भाषण देने के आरोप में दायर याचिका पर सीजेएम कोर्ट ने उन्हें समन जारी कर 24 मई को पेश होने के लिए कहा है। सर्व जातीय सर्व खाप महापंचायत की महिला विंग की प्रदेशाध्यक्ष संतोष दहिया ने सैनी के खिलाफ याचिका दायर की थी। उधर सैनी ने कहा है कि उन्हें कोई समन नहीं मिला।
समन जारी होने के बाद दहिया ने जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सांसद राजकुमार सैनी को 153 ए व बी के तहत समन जारी हुए हैं। उन्होंने कहा कि सैनी ने समाज के माहौल को बिगाड़ा है। किसी भी सांसद को अधिकार नहीं है कि वे जातिगत स्तर पर लोगों को भड़काएं। उन्होंने कहा कि सांसद ने वोटों की ओछी राजनीति की है और सांसद बनने के बाद ली गई शपथ को तोड़ा है।
अलग-अलग बयानों को बनाया आधार
याचिकाकर्ता दहिया ने बताया कि उन्होंने सांसद सैनी के खिलाफ 27 मई 2015 को याचिका दायर की थी। याचिका में सैनी के अलग -अलग मौकों पर जाट समुदाय के खिलाफ दिए गए बयानों को आधार बनाया गया था। इसमें प्रमुख रूप से वह बयान शामिल थे, जिसमें सैनी ने जाटों को कभी रावण, कभी कंस तो कभी जंगल के भूखे शेर कहा।
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खुद को संविधान से बड़ा नहीं मानता: सैनी
सांसद सैनी ने कहा कि अब तक उन्हें कोई समन नहीं मिला है। मैं कोर्ट का पूरा सम्मान करता हूं। मुझे न्यायिक प्रणाली पर पूरा भरोसा है। कमजोर वर्ग के हितों की लड़ाई लड़ता रहूंगा। उन्होंने कहा वे खुद को जाति विशेष के लोगों की तरह संविधान, कोर्ट और लोकतंत्र से बड़ा नहीं मानते।
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समन जारी होने के बाद दहिया ने जाट धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सांसद राजकुमार सैनी को 153 ए व बी के तहत समन जारी हुए हैं। उन्होंने कहा कि सैनी ने समाज के माहौल को बिगाड़ा है। किसी भी सांसद को अधिकार नहीं है कि वे जातिगत स्तर पर लोगों को भड़काएं। उन्होंने कहा कि सांसद ने वोटों की ओछी राजनीति की है और सांसद बनने के बाद ली गई शपथ को तोड़ा है।
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अलग-अलग बयानों को बनाया आधार
याचिकाकर्ता दहिया ने बताया कि उन्होंने सांसद सैनी के खिलाफ 27 मई 2015 को याचिका दायर की थी। याचिका में सैनी के अलग -अलग मौकों पर जाट समुदाय के खिलाफ दिए गए बयानों को आधार बनाया गया था। इसमें प्रमुख रूप से वह बयान शामिल थे, जिसमें सैनी ने जाटों को कभी रावण, कभी कंस तो कभी जंगल के भूखे शेर कहा।
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खुद को संविधान से बड़ा नहीं मानता: सैनी
सांसद सैनी ने कहा कि अब तक उन्हें कोई समन नहीं मिला है। मैं कोर्ट का पूरा सम्मान करता हूं। मुझे न्यायिक प्रणाली पर पूरा भरोसा है। कमजोर वर्ग के हितों की लड़ाई लड़ता रहूंगा। उन्होंने कहा वे खुद को जाति विशेष के लोगों की तरह संविधान, कोर्ट और लोकतंत्र से बड़ा नहीं मानते।