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वार पलटवार पॉलिटिक्सः ‘आरक्षण आंदोलन में हिंसा कांग्रेस ने भड़काई’

Fri, 25 Mar 2016 09:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 25 Mar 2016 09:09 AM IST
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jat reservation: congress Violence in jat provoked reservation
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर - फोटो : अमर उजाला
हरियाणा विधानसभा में मंगलवार को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा व आगजनी पर लाए गए स्थगन प्रस्ताव पर हुई चर्चा में सत्ता पक्ष और विपक्ष ने सारा दोष कांग्रेस पर मढ़ दिया। नेता प्रतिपक्ष इनेलो के अभय चौटाला द्वारा लाए गए इस प्रस्ताव पर करीब तीन घंटे चली चर्चा में जहां विपक्ष ने हालात के लिए सरकार को फेल करार दिया, वहीं उपद्रव में कांग्रेस की भूमिका पर भी उंगली उठाई।
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दूसरी ओर, सत्ता पक्ष के सदस्यों ने चर्चा में हिस्सा लेते हुए सीधे तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को जिम्मेदार ठहराया। स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान खास बात यह रही कि निर्दलीय विधायक जयप्रकाश ने हुड्डा पर आक्षेपों को गलत ठहराते हुए आंदोलन के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इस पर सदन में काफी देर तक हंगामा भी हुआ और एक समय जयप्रकाश चौतरफा शब्द बाणों से घिरने के बाद सदन से उठकर चले गए।
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भाजपा विधायक मुनीष ग्रोवर, संतोष चौहान सारवान और पवन सैनी ने प्रदेश में घटी हिंसक घटनाओं के लिए सीधे तौर पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा व उनके करीबी लोगों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यह पूरी की पूरी साजिश हुड्डा द्वारा रची गई। मनीष ग्रोवर ने कहा कि रोहतक में हुड्डा के करीबी लोगों ने चुन-चुनकर गैर कांग्रेसी लोगों की दुकानों और संस्थानों को आग लगाई, जबकि कांग्रेस नेताओं के घर, दफ्तर व दुकानों को छुआ तक नहीं गया। उन्होंने हुड्डा के साथ-साथ महम के विधायक आनंद सिंह डांगी को भी इस घटनाक्रम के लिए जिम्मेदार ठहराया। भाजपा की ओर से सीमा त्रिखा और मूलचंद शर्मा ने चर्चा में हिस्सा लिया।
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हुड्डा समर्थकों ने लगाई थी मेरे घर को आग
हरियाणा के वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि इस हिंसा की पटकथा पिछली सरकार ने जाते-जाते लिखी थी। जिस प्रकार युद्ध में हारी हुई सेना भागते हुए तालाबों के पानी में जहर मिला देती है, उसी प्रकार पूर्व की सरकार ने भी अपने अंतिम समय में योजनाबद्ध ढंग से जाट आरक्षण का स्वांग रचा और इसमें कई प्रकार की खामियां छोड़ दीं।


वित मंत्री ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अढ़ाई करोड़ लोगों द्वारा चुनी गई वर्तमान सरकार को एक दिन भी चलते नहीं देखना चाहती थी। वित्त मंत्री ने कहा कि यदि प्रदेश का भौगोलिक नक्शा देखा जाए तो यह साफ हो जाता है कि हिंसा केवल उन्हीं क्षेत्रों तक ही सीमित रही, जहां कांग्रेस विधायक चुन कर आएं हैं। कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि रोहतक में वकीलों के वे दोनों ही गुट कांग्रेस पार्टी और हुड्डा के समर्थक थे, जिनके बीच झगड़ा हुआ था। इसी प्रकार, उनके घर को आग के हवाले भी करने वाली भीड़ की अगुवाई करने वाले भी उन्हीं के समर्थक थे। उन्होंने खुलासा किया कि जिस वक्त रोहतक स्थित उनके घर को आग लगाई गई उस समय उनकी पत्नी व बेटे सहित परिवार के कुल 10 सदस्य घर के अंदर मौजूद थे।
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