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जाट आरक्षण पर सरकार ने दी बड़ी राहत
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 25 Mar 2015 11:43 PM IST
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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि जाट आरक्षण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने वीरवार को नई दिल्ली में हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों के जाट समाज के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया है, जहां पर वे अपना पक्ष रख सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि चूंकि मामला केंद्र सरकार व सुप्रीम कोर्ट के बीच है, फिर भी राज्य सरकार मामले के प्रति कानूनी सहायता सहित हर प्रकार के सहयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने यह बात बुधवार को अपने आवास पर हरियाणा की विभिन्न खापों के प्रतिनिधियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही।
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उन्होंने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट का है और संविधान विशेषज्ञों से सलाह मशविरे से ही इसका रास्ता निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में जाट समुदाय के लिए नौकरियों में आरक्षण का लाभ जारी रहेगा।
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मौजूदा सरकार ने सीधी भर्ती के लिए विशेष पिछड़े वर्ग व आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग समुदाय के उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष छूट दी है। उन्होंने कहा कि वे हरियाणा के 36 बिरादरी के ढाई करोड़ लोगों के प्रतिनिधि हैं। जो समाज पीछे रह गया, उसे लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के समय एनडीए सरकार द्वारा राजस्थान में जाटों को आरक्षण का लाभ दिया गया था। यूपीए सरकार ने देश में लागू करने के लिए इसे आगे बढ़ाया परंतु इसमें नकते छोड़े गए। भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की ठीक से पैरवी भी की।
हरियाणा मामलों के प्रभारी डा. अनिल जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद हम चाहते हैं कि यह मामला सुलझे और बातचीत बनी रहे। वीरवार को प्रधानमंत्री के साथ बैठक में सार्थक हल निकलने की उम्मीद है। भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला ने कहा कि मामले के प्रति भाजपा संवेदनशील है और इसके समाधान के पक्ष में है।
उन्होंने कहा कि राजनीति से ऊपर उठकर हम इसका हल चाहते हैं। कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री ने जाट बाहुल्य अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया है। केंद्र में हरियाणा से संबंधित मंत्रियों, सांसदों सहित हरियाणा के मंत्री एवं विधायक भी बैठक में आमंत्रित हैं।
इसके अलावा, जाट आरक्षण संघर्ष समिति व खापों से 10 प्रतिनिधि भी आमंत्रित किए गए हैं। वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने अपने संबोधन में कहा कि मामले के बारे में सबको मालूम है कि यूपीए सरकार ने जल्दबाजी में इसे लागू किया था।
इस अवसर पर सर्वखाप पंचायत के अध्यक्ष नफे सिंह नैन, प्रवक्ता सूबे सिंह समैण, टेक राम कंडेला, कैप्टन केएस संधू, पूर्व कमांडेंट हवा सिंह सांगवान, सर्वखाप पंचायत की महिला अध्यक्ष प्रो. संतोष दहियाने भी विचार रखे। बैठक में विधायक महिपाल ढांडा, जसबीर देशवाल, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, ओएसडी कैप्टन भूपेन्द्र व भूपेश दयाल, राजनीतिक सलाहकार जगदीश चोपड़ा भी उपस्थित थे।