{"_id":"251ba4fab4d663e72e9b0bf352d441ba","slug":"jat-protest-for-reservation-condition-going-to-normalcy-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बर्बादी के बाद हरियाणा में पटरी पर लौटने लगी जिंदगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बर्बादी के बाद हरियाणा में पटरी पर लौटने लगी जिंदगी
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
Updated Wed, 24 Feb 2016 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जाट आरक्षण आंदोलन के दसवें दिन मंगलवार को हिसार को छोड़कर प्रदेश के अधिकतर जिलों में हालात सामान्य रहे। हिसार और हांसी में कर्फ्यू के चलते बाजार पूरी तरह से बंद रहे, हालांकि इस बीच कहीं हिंसा की घटना नहीं हुई।
विज्ञापन
हांसी में एक युवक शव मिला है, जिसकी मौत दो दिन पहले उपद्रव के दौरान गोलीबारी में होना बताई जा रही है। आंदोलनकारी सभी नेशनल हाइवे, स्टेट हाइवे और ट्रैक से हट चुके हैं। हिसार में हिसार-दिल्ली नेशनल हाइवे से जाम हटाने के बाद सुबह आंदोलनकारियों ने रामायण गांव के पास हिसार-दिल्ली रेलवे ट्रेक को भी खाली कर दिया।
विज्ञापन
अगले दो दिन में प्रदेशभर में रेलगाड़ियों का आवागमन सामान्य होने की उम्मीद है। रोडवेज ने भी आधी से अधिक बसों को रूटों पर रवाना कर दिया। हिंसा प्रभावित जिलों खासकर रोहतक, हिसार, जींद, झज्जर, भिवानी, सोनीपत से अन्य जिलों को रोडवेज बसें नहीं चली और न ही आई।
विज्ञापन
रेवाड़ी में बसों को रूट ट्रायल के लिए चलाया गया। हिसार व हांसी में कर्फ्यू के दौरान पूरी सख्ती रही, लेकिन रोहतक, भिवानी और तोशाम, गोहाना में ढील दी गई। सेना और अद्धसैनिक बलों ने फ्लैग मार्च निकाला। अन्य सभी जगहों पर कर्फ्यू हटा दिया गया है।
हिसार और हांसी में मंगलवार को भी तनाव के हालात रहे और इसके चलते यहां बेमियादी कर्फ्यू लगा है। सेना और पुलिस की सख्ती के चलते बाजार पूरी तरह सुनसान रहे। जातीय उपद्रव में जले हांसी कस्बे के ढाणी पाल गांव में मिंटू गुर्जर नामक व्यक्ति का शव मिलते ही प्रशासन ने अलर्ट जारी कर एहतियात के तौर पर हिसार शहर में कर्फ्यू लगा दिया।
हांसी, बरवाला, सिसाय में भी कर्फ्यू बरकरार रहा। सुबह करीब 10 बजे सेना और पुलिस ने पूरे शहर को सील कर दिया। उधर सोनीपत में सोमवार रात जीटी रोड को पूरी तरह खाली करवाने के बाद वाहनों का आवागमन सुचारू हो गया।
करोड़ों का नुकसान झेलने के बाद मंगलवार को रोडवेज प्रशासन ने भी रोड खुलते ही आधी से अधिक बसों को रूटों पर दौड़ा दिया। हालांकि हिसार, रोहतक, जींद, झज्जर, भिवानी, कैथल को जाने वाले कई रूटों पर अभी बस सेवा सामान्य नहीं हो पाई है। निगम प्रशासन का कहना है कि अभी कई जिलों में रोड पर अवरोधक पूरी तरह नहीं हटें हैं, इसलिए सेना और पुलिस को बसों में भेजकर रूट ट्रायल किया गया है। क्लीयरेंस मिलते ही सभी जिलों में बस सेवा बहाल कर दी जाएगी।
दूध-फल, सब्जी और तेल टैंकर रवाना
आंदोलन प्रभावित जिलों में हालात सुधरने के साथ ही बाहर से फल, सब्जी और तेल के टेंकर पहुंचने लगे। रोहतक, पानीपत, सोनीपत, बहादुरगढ़ में फंसे तेल टैंकर और फलों से लदे ट्रक गंतव्यों को रवाना हो गए।
हिसार में छठे दिन भी शांति नहीं
हिसार शहर के कुछ इलाकों में जातीय दंगा करने की कोशिश होती रहीं। पुलिस पार्टी के साथ मिलगेट में गैर जाट संगठनों के कुछ लोगों ने झड़प की। उपद्रवियों ने पुलिस पार्टी पर पथराव भी किया। इसी के चलते प्रशासन ने ट्रेन व रोडवेज बसों को चलाने का ऑर्डर जारी नहीं किया। बहबलपुर में उपद्रवियों ने एक मेडिकल स्टोर को आग लगा दी और सरसौद गांव में जलघर को बिजली आपूर्ति काट दी।
रामायण में ट्रैक खाली, आज से गाड़ियां चलने की उम्मीद
छह दिन बाद जाट आंदोनकारी रामायण गांव में हिसार-दिल्ली ट्रैक खाली कर घर लौट गए। ऐसे में अगले दो दिन में सभी ट्रेनें चला दी जाएंगी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेतृत्व में रामायण-मय्यड़ रेलवे ट्रैक पर 17 फरवरी से धरना शुरू किया था। मंगलवार सुबह 11 बजे आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त कर टैंट-माइक उतार लिए।
इन रोड से हटा जाम
रोहतक-दिल्ली एनच-10, रोहतक-पानीपत 73ए, जीटी रोड एनएच1, हिसार-दिल्ली, रेवाड़ी-दिल्ली-जयपुर, महेंद्रगढ़-झुंझुनूं
ये ट्रैक हुए बहाल
रोहतक-दिल्ली, हिसार-दिल्ली, सोनीपत में अंबाला-दिल्ली ट्रैक, रेवाड़ी में रेवाड़ी-दिल्ली-बीकानेर, जींद-रोहतक, रोहतक-पानीपत