जाट नेता की चेतावनी- शर्तें मानें तभी होने देंगे शाह की बाइक रैली; सीएम ने दिया ये जवाब
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को सीबीआई द्वारा मानेसर घोटाले में चार्जशीट करने के बाद तीन दिन से खट्टर उनके गढ़ रोहतक में ही डटे थे। मुख्यमंत्री के इन तेवरों से हरियाणा में विधानसभा के चुनाव समय से पहले लोकसभा के साथ कराने की अटकलों को बल मिला है। रोहतक सुनारिया स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी) में कहा कि जाटों की अधिकतर मांगों को मान लिया है।
आरक्षण पर एक्ट बनाने के लिए चर्चा चल रही है। ऐसे में आरक्षण के नाम पर आंदोलन का कोई औचित्य नहीं है। रोहतक से मुख्यमंत्री जींद और वहां से सोनीपत के लिए रवाना हुए। सोनीपत के गांव निजामपुर में उन्होंने चुनावी बिगुल फूंकते हुए कहा कि वह इस गांव से अगले विधानसभा चुनाव के लिए वोट मांगने की शुरूआत कर रहे हैं।
मांगें माने तो शाह जटैत में आवैं नहीं तो किते और रैली कर ले
सोमवार को हांसी रोड स्थित एक निजी होटल में प्रदेश कार्यकारिणी की मीटिंग में जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव अशोक बलहारा ने भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि कुड़ते पड़वान खातर सड़क पै ना लिकड़ियो। मांगें मानै तो जटैत में आवै नहीं तो अमित शाह देश में और किते रैली कर ले। भाजपा वालों को किसी भी सूरत में जींद नहीं पहुंचने दिया जाएगा।
ये है जाट नेताओं का प्लान
महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और दादरी से भाजपा की रैली में आने वाले लोगों को भिवानी में रोका जाएगा। दिल्ली, झज्जर, गुड़गांव, फरीदाबाद से आने वाले लोगों को रोहतक में रोका जाएगा। इसी प्रकार कुरुक्षेत्र, कैथल, नरवाना, नारनौंद में जाट समाज के लोग जाम जैसी स्थिति बनाकर लोगों को रैली में आने से रोकेंगे।
शाह की रैली के दिन ही जींद में जाटों की भाईचारा न्याय यात्रा
जाट नेता यशपाल मलिक ने 18 फरवरी से प्रदेश में जाट आरक्षण आंदोलन फिर से शुरू करने की चेतावनी दे रखी है। 15 फरवरी को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की जींद में बाइक रैली होनी है। अमित शाह की रैली को रोकने के लिए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने योजना बना ली है।
15 फरवरी को ही समिति ने जींद में भाईचारा न्याय यात्रा का आह्वान किया है। समिति का प्लान है कि सभी जिलों से लोग 14 फरवरी की शाम से ही अपने-अपने ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर निकलेंगे। यदि पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को रोकने का प्रयास किया तो जहां पर पुलिस रोकेगी, उसी स्थान पर लोग धरना देकर बैठ जाएंगे। इस कारण पूरे प्रदेश की सड़क जाम कर दी जाएगी।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने सोमवार को जींद में कहा कि पहले भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जाट समाज की पांच शर्तें मानें, उसके बाद जींद में रैली करें। 15 फरवरी की रैली से पहले अमित शाह को जाट समाज के पांच सवालों के जवाब देने होंगे। यदि इन सवालों के जवाब नहीं दिए तो फिर हरियाणा का जाट समाज जींद की ओर कूच करेगा।