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जाट नेता यशपाल मलिक ने BJP के 5 दिग्गज नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप, कहा...

Wed, 14 Feb 2018 01:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल/जींद
ब्यूरो/अमर उजाला, कैथल/जींद Updated Wed, 14 Feb 2018 01:24 PM IST
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jat leader yashpal malik alleged five leaders of haryana bjp
Haryana CM Manohar Lal & Yashpal Malik - फोटो : File Photo
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने भाजपा के पांच दिग्गज नेताओं पर बड़े ही गंभीर आरोप लगाए हैं। यशपाल मलिक ने मंगलवार को जींद और कैथल में मीडिया से बातचीत में दावा किया है कि मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखने वाले भाजपा के कुछ नेताओं ने साल 2016 में हरियाणा में आगजनी करवाई।
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उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश धनखड़, मनीष ग्रोवर और राजकुमार सैनी ने प्लान के तहत ऐसा किया। उन्होंने वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु और सुभाष बराला का भी नाम लिया। मलिक ने कहा कि पहले आगजनी और बाद में मुझ पर हमला करवाने में भी हमारी जाति के लोग शामिल रहे, लेकिन समाज के एक होने के कारण उनकी साजिशें फेल हो चुकी हैं।
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मलिक ने यह भी दावा किया कि प्रदेश को जलाने में भाजपा नेताओं का हाथ होने के सबूत सीएम मनोहर लाल को दिल्ली में हुई बैठक में सौंपे हैं। उन सबूतों से सीएम भी सहमत हैं। मलिक ने कहा कि भाजपा में हर कोई सीएम बनना चाहता है और अपने आपको जनता का लीडर साबित करके वहां तक पहुंचने की कोशिश करता है। उन्होंने कहा कि जिसको राजनीति की बीमारी है उसका कोई इलाज नहीं है।
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धनखड़ के रिश्तेदार ने जाटों के नाम पर संगठन बनाकर आंदोलन कराया

jat leader yashpal malik alleged five leaders of haryana bjp
minister OP Dhankar - फोटो : file photo
जींद में पत्रकारों से बातचीत में यशपाल मलिक ने आरोप लगाया कि 14 फरवरी 2016 को प्रदेश के कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के एक रिश्तेदार ने जाटों के नाम पर एक संगठन खड़ा करके रोहतक में आंदोलन शुरू करवाया, ताकि बाद में सरकार से समझौता करवाकर वह लीडर बन सके।

इसके बाद आंदोलन बढ़ गया और सरकार ने समझौते के प्रयास किए, लेकिन आंदोलनकारी इस नेता से बेकाबू हो गए और आंदोलन बढ़ गया। सरकार अपने लोगों से बातचीत का प्रयास करती रही, लेकिन आंदोलनकारियों से कोई बात नहीं की। इस कारण मामला बढ़ता गया।

इसी तरह 19 फरवरी को रोहतक से भाजपा विधायक मनीष ग्रोवर ने अपने घर बैठक करके भाजपा कार्यकर्ताओं को आंदोलन भड़काने के लिए प्रेरित किया। इससे पहले दिसंबर 2015 में एक शादी समारोह में वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने उनसे कहा कि था कि प्रदेश में कुछ खुड़का-दुड़का करवाओ।

कैप्टन अभिमन्यु ने की फंडिंग, बराला ने रची साजिश

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हरियाणा के वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु
यशपाल मलिक ने कहा कि 14 अगस्त 201 7 को भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने अपने निवास स्थान पर बैठक करके उनकी समैण गांव में रैली पर साजिश के तहत हमला करवाया। इस मामले की फंडिंग वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने की।

मलिक ने कहा कि सुभाष बराला और कैप्टन अभिमन्यु खुद को सीएम का दावेदार पेश करना चाहते थे। कुछ जाट नेताओं को अपने पक्ष में करके मास लीडर बनना चाहते थे। मलिक ने कहा कि उन्होंने इन सब बातों के सबूत मुख्यमंत्री को दिल्ली में हुई बैठक में सौंपे हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया है।

चार मांगों पर सहमति बनी, तभी खत्म की भाईचारा न्याय यात्रा
कैथल में पत्रकारों से बातचीत में यशपाल मलिक ने कहा कि सरकार के साथ चार मांगों पर सहमति हुई है। समझौते के बाद भाईचारा न्याय यात्रा स्थगित की गई है। ऐसे में सरकार के साथ हुए समझौते की रखवाली करनी जरूरी है, ताकि समझौता लागू हो सके।

उन्होंने कहा कि आरक्षण संघर्ष समिति ने भले ही अपना 15 तारीख का आंदोलन स्थगित कर दिया हो, लेकिन 18 फरवरी को तय समय और स्थान के मुताबिक बलिदान दिवस कार्यक्रम जारी रहेंगे। मलिक ने कहा कि जो खाप पंचायती समझौते का विरोध कर रही हैं। उनकी साजिशों का पर्दाफाश हो चुका है। जाट आंदोलन का विरोध करने पर कई खाप पंचायतों के प्रधानों को बदल दिया गया है।

सरकार के मोटिवेशन से सैनी कर रहे गंदी भाषा का प्रयोग

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राजकुमार सैनी - फोटो : file photo
यशपाल मलिक ने आरोप लगाया कि सरकार के मोटिवेशन से राजकुमार सैनी जैसे लोग गंदी भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। सैनी जिस थाली में खा रहे हैं उसी में छेद कर रहे हैं। आने वाले चुनावी सीजन में सैनी की गलतफहमी दूर हो जाएगी। सरकार से जो समझौता हुआ है उसके प्रति सरकार गंभीर है।

आरक्षण भी मिलेगा और अन्य मांगें भी लागू होंगी। मलिक ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से लेकर कन्या कुमारी तक के जाट एक हैं। उन्हीं के हकों की संघर्ष समिति लड़ाई लड़ रही है। जाट सहित तीन अन्य जातियों को लेकर आरक्षण के लिए देश के स्तर पर एक कमेटी बनेगी, जो अपनी मांगों के लिए आंदोलन की रूपरेखा तय करेगी।

चौधरी बीरेंद्र सिंह ने मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभाई है और वह पूरे समझौते के गवाह हैं। एक प्रश्न के उत्तर में मलिक ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि मैं बाहर का हूं यह उन लोगों का षड्यंत्र है कि देश को जाति के नाम पर बांटते हैं।

उन्होंने कहा कि इनेलो जिन मुद्दों पर रैली का विरोध कर रही है उनकी मांगें जायज हैं। उनका एसवाईएल का मुद्दा है। इस मौके पर उनके साथ संघर्ष समिति के जिला प्रधान प्रवीण किच्छाना, बलवान कोटड़ा सहित अन्य जाट नेता भी उपस्थित रहे।
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