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आंदोलन पर जाट हुए दो फाड़, छह जिलों में धारा 144 लागू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 28 Jan 2017 01:29 PM IST
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सीएम से मिला एक गुट
- फोटो : अमर उजाला
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आरक्षण और अन्य मांगों को लेकर प्रस्तावित आंदोलन पर जाट दो फाड़ हो गए हैं। आंदोलन से खुद को अलग करते हुए जहां एक गुट ने शुक्रवार को सीएम खट्टर से मुलाकात की वहीं, मलिक गुट 29 जनवरी से धरने पर अडिग है।
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इधर, रोहतक में एक गुट ने पिछले साल आंदोलन में गिरफ्तार युवाओं को रिहा करने की मांग को लेकर अनिश्चिकालीन धरना शुरू कर दिया। शासन-प्रशासन ने भी आंदोलन के मद्देनजर कमर कस ली है। रोहतक, सोनीपत, कैथल फतेहाबाद, अंबाला और झज्जर जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है।
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जाट संगठनों और खाप नेताओं ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मुलाकात की। करीब तीन घंटे तक चली वार्ता में मुख्यमंत्री ने पिछले जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मृतकों के परिवार के एक-एक सदस्य को 15 दिनों में नौकरी देने पर हामी भर दी।
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उधर, रोहतक में कड़ी सुरक्षा के बीच जाट जागृति सेना का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार से शुरू हो गया है। जागृति सेना का कहना है कि जब तब उनकी मांगें नहीं मानी जाएगी तब तक धरना जारी रहेगा। उधर, जसिया में 29 जनवरी से यशपाल मलिक गुट धरना देगा।
मृतकों के परिजन को 15 दिनों में मिलेगी नौकरी : खट्टर
मुख्यमंत्री खट्टर
- फोटो : अमर उजाला
प्रतिनिधियों ने सरकार से आम माफी की भी मांग की, जिस पर मुख्यमंत्री ने फैसला लेने की बात कही है। आंदोलन में निर्दोषों पर दर्ज मामले वापस लेने की मांग पर सीएम ने दोबारा जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।
जाट संगठनों और खापों ने 29 जनवरी को प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरने का समर्थन नहीं करने का भरोसा देते हुए युवाओं से इससे दूर रहने की अपील की।
- आंदोलन के दौरान के सभी मृतकों के परिवार से एक-एक व्यक्ति को आवेदन के 15 दिनों के अंदर नौकरी दी जाएगी।
- निर्दोष के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच की जाएगी
- आम माफी की मांग पर कानून के दायरे में रहकर होगी उचित पहल
- 29 से प्रस्तावित धरने का अधिकतर प्रतिनिधियों ने समर्थन न करने की बात कही, बावजूद इसके सरकार की ओर से सुरक्षा के लिए सभी जरूरी एहतियात बरते जा रहे हैं।
- सुरक्षा के लिए पैरा मिलिट्री की 55 कंपनियां पहुंच चुकी हैं
- कोई भी संगठन या प्रतिनिधि मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहते हैं तो रख सकते हैं।
जाट संगठनों और खापों ने 29 जनवरी को प्रस्तावित अनिश्चितकालीन धरने का समर्थन नहीं करने का भरोसा देते हुए युवाओं से इससे दूर रहने की अपील की।
- आंदोलन के दौरान के सभी मृतकों के परिवार से एक-एक व्यक्ति को आवेदन के 15 दिनों के अंदर नौकरी दी जाएगी।
- निर्दोष के खिलाफ दर्ज मामलों की जांच की जाएगी
- आम माफी की मांग पर कानून के दायरे में रहकर होगी उचित पहल
- 29 से प्रस्तावित धरने का अधिकतर प्रतिनिधियों ने समर्थन न करने की बात कही, बावजूद इसके सरकार की ओर से सुरक्षा के लिए सभी जरूरी एहतियात बरते जा रहे हैं।
- सुरक्षा के लिए पैरा मिलिट्री की 55 कंपनियां पहुंच चुकी हैं
- कोई भी संगठन या प्रतिनिधि मुख्यमंत्री के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहते हैं तो रख सकते हैं।