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जालंधर उपचुनाव: कानून-व्यवस्था, अमृतपाल, बेअदबी, गैंगस्टर जैसे मुद्दे किए दरकिनार, आप से जनता की आस बरकरार
Sun, 14 May 2023 03:50 AM IST
भूपेंद्र सिंह
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला ब्यूरो, चंड़ीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला ब्यूरो, चंड़ीगढ़
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sun, 14 May 2023 03:50 AM IST
सार
जालंधर लोकसभा उपचुनाव में कानून-व्यवस्था, अमृतपाल, बेअदबी, गैंगस्टर जैसे मुद्दे दरकिनार किए गए। आप से जनता की आस बरकरार है। आप सरकार से जनता को बेहतर सुविधाओं की आस बरकरार है।
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सुशील रिंकू
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
जालंधर लोकसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी की शानदार जीत के साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी नेतृत्व क्षमता पर उठ रहे सवालों पर विराम लगा दिया है। वहीं जनता ने भी विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे कानून-व्यवस्था, वादाखिलाफी जैसे मुद्दों को सिरे से नकार दिया। इस जीत ने 14 माह पुरानी मान सरकार को यह हौसला भी दिया है कि सरकार जनहित को लेकर सही दिशा में आगे बढ़ रही है।
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जून, 2022 में संगरूर लोकसभा उपचुनाव मामूली अंतर से हारने के बाद जालंधर लोकसभा उपचुनाव आप सरकार के लिए एक बड़ी परीक्षा थी। कांग्रेस का गढ़ रही इस सीट पर आप ने सफलतापूर्वक सेंध लगा ली। खास बात यह रही कि स्थानीय मुद्दों को लेकर लड़े गए इस उपचुनाव में पार्टी का नेतृत्व खुद मुख्यमंत्री मान ने संभाला और उनका सूक्ष्म प्रबंधन विरोधियों पर भारी पड़ा।
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विपक्षी दल चुनाव लड़ने के अपने परंपरागत ढर्रे पर ही चलते रहे और मान सरकार का नकारात्मक पक्ष उजागर करने में पूरी ताकत झोंक दी। विपक्ष को पूरी उम्मीद थी कि राज्य की कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, सरकारी मुलाजिमों में असंतोष, बेअदबी और खालिस्तान के मुद्दे फिर से जीवित होने, सिद्धू मूसेवाला की हत्या और गैंगस्टरों का बोलबाला, जालंधर उपचुनाव में आप सरकार पर भारी पड़ेगा।
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इस चुनाव में मूसेवाला, अमृतपाल, अमृतसर में बम धमाके, मान के कैबिनेट मंत्री का वीडियो, जिसे विपक्ष ने चुनाव प्रचार के दौरान जमकर इस्तेमाल किया, उसे भी लोगों ने नकार दिया। सोशल मीडिया पर भी आप सरकार के खिलाफ जमकर अभियान चलाया गया, लेकिन जनता को विपक्ष के ये हथकंडे पसंद नहीं आए और जनता ने भगवंत मान समेत आप नेताओं द्वारा पेश किए गए मुफ्त बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसे सकारात्मक मुद्दों को समर्थन दिया।
इस जीत ने आप सरकार को यह संकेत भी दिया है कि आप सरकार से आम लोगों की उम्मीदें कम नहीं हुई हैं। पंजाब के लोग एक सकारात्मक एजेंडे की तलाश में हैं और लोगों का मानना है कि आप सरकार बेहतर सुविधाएं मुहैया करा सकती है।
मूसेवाला कांड का गुस्सा भी वोटों पर नहीं हुआ हावी
पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले को विपक्ष ने जालंधर उपचुनाव में भी जोरशोर से उठाया और मान सरकार पर मूसेवाला कांड के हत्यारों को पकड़ने में असफल रहने का आरोप लगाया। यहीं नहीं, सिद्धू मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भी जालंधर में आप सरकार के खिलाफ चुनाव प्रचार में उतरे और उन्होंने लोगों से आप प्रत्याशी को वोट न देने की अपील की। पंजाब में सिद्धू मूसेवाला युवा वर्ग के पसंदीदा गायक रहे हैं और उनके सुनने वालों की तादाद लाखों में है। इसके बावजूद, जालंधर में आप की जीत से साफ हो गया कि आम लोग मूसेवाला हत्याकांड में मान सरकार को दोषी नहीं मान रहे।