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आतंक के साथ सांप्रदायिकता का भी जहर फैलाने की साजिश

Sat, 16 Feb 2019 04:54 AM IST
राजेश सैनी मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: राजेश सैनी Updated Sat, 16 Feb 2019 04:54 AM IST
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Jaish e Mohammed big conspiracy of pulwama terror attack very deep
pulwama attack

पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस आतंकी हमले की साजिश बहुत गहरी बनाई है। इस बार उनका मकसद सिर्फ आतंकी हमले को अंजाम देना ही नहीं था, बल्कि देश में सांप्रदायिकता फैलाकर देशवासियों की एकता को भी तोड़ना था।

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सोची समझी गहरी साजिश के साथ ही आतंकी हमले से पहले जैश के फिदायीन आदिल अहमद डार के जरिए इस जहर को फैलाने की कोशिश की गई। खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के पास फिदायीन डार का पूरा वीडियो (10.10 मिनट) मौजूद है, जिसे लेकर पूरी गंभीरता बरती जा रही है।
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दरअसल, इस वीडियो में जैश के इस फिदायीन ने दो बार बाबरी मसजिद विवाद का जिक्र किया है। दोनों बार इस विवाद के जिक्र में सांप्रदायिकता का जहर घोलने की कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी गई है। वीडियो के शुरुआत में तो आतंक का बखान किया जा रहा है, लेकिन उसके बाद देश को तोड़ने की नापाक कोशिश की जा रही है।
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ताकि देश में मजहबी कड़वाहट का जहर फैल जाए। देश में लोकसभा चुनाव से पहले इस तरह की साजिश को लेकर भी खुफिया एजेंसियों खासी गंभीर है। इतना ही इस वीडियो में साउथ, नार्थ, सेंट्रल कश्मीर और जम्मू का भी जिक्र करते हुए इस राज्य में और अशांति फैलाने की बात कही जा रही है।

बड़े हमलों को बता रहे अपनी उपलब्धियां
मरने से पहले फिदायीन डार के इस वीडियो में कई बड़े हमलों का जिक्र कर उसे जैश की बड़ी उपलब्धि बताई जा रही है। आईसी 814 विमान हाईजैक, संसद अटैक , पठानकोट एयरबेस हमला, श्रीनगर एयरपोर्ट के पास बीएसएफ कैंप पर हमला, नगरोटा कैंप पर हमला, इत्यादि हमले भी वीडियो में गिनाए जा रहे हैं। साथ ही कायराना अंदाज में पुलवामा हमले की भी जानकारी दी जा रही है।

फिदायीनों के ऐसे वीडियो इसलिए तैयार किए जाते हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा वायरल हो सके। लेकिन जिम्मेदार भारतीय होने के नाते हमें ऐसा नहीं करना है।  देश के 99 फीसद लोगों पर इसका कोई असर नहीं होता। आतंकी विचारधारा केलोग ही इससे प्रभावित होते हैं। बाबरी मसजिद के विवाद को भी जानबूझकर छेड़ा गया है, ताकि देश का माहौल खराब किया जा सके। लेकिन पूरा देश आज इस आतंक के खिलाफ एकजुट खड़ा है।- मेजर जनरल सी. प्रकाश (रिटा.)

आतंकी अपने किसी भी मंसूबे में कामयाब नहीं हो पाएंगें। आर्मी को सरकार की ओर से और फ्री हैंड दे दिया गया है। घटना की समीक्षा चल रही है। फोर्स और सरकार अपना काम कर रही है। इस तरह के वीडियो प्रभावहीन रहते हैं, क्योंकि देश का हर इंसान जानता है कि दुनिया में आतंकवाद का समर्थक देश कौन है।- मेजर जनरल आरएस मान, एडीजी, एनसीसी निदेशालय

चुनाव से पहले बाबरी विवाद का जिक्र एक आतंकी संगठन द्वारा करना एक सोची समझी साजिश है। पाक और आतंकी कभी नहीं चाहते कि भारत में शांति बहाल रहे। मजहब के नाम पर युवाओं और किशोरों बहकाया जा रहा है। अब देशवासियों की निगाहें भारत के निजाम पर हैं, अब आतंक का मुहतोड़ जवाब देना बहुत जरूरी हो गया है।- वाहिद काजमी, सुविख्यात साहित्कार।

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