जेल में बंद कैदी चला रहा था नशे का कारोबार
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कपूरथला जेल में बंद कैदी गुरनाम उर्फ गामा की ओर से चलाए जा रहे नशे के व्यापार का जालंधर देहात की पुलिस ने काउंटर इंटेलीजेंस की मदद से पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार गामा जेल से ही नशे का कारोबार चला रहा था।
पुलिस ने दो आरोपियों को 56 बोरियां चुरापोस्त समेत काबू किया है। आरोपियों की पहचान गुरदेव चंद निवासी मोहल्ला रंगड़ा (नूरमहल) और सुखविंदर कुमार उर्फ बिल्ला निवासी दाना मंडी नूरमहल के रूप में हुई है।
जालंधर देहात के एसएसपी हरमोहन सिंह संधू ने कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि जेल के अंदर बंद कैदी नशे का कारोबार चला रहा है। इसकी जांच करने के लिए एक टीम का गठन किया गया।
इसमें एसपी इंवेस्टीगेशन हरकमलप्रीत सिंह खख, डीएसपी नकोदर बलकार सिंह और मुख्य अफसर बिलगा विजय कंवर पाल शामिल थे। उन्होंने कहा कि पुलिस को जानकारी मिली थी कि चुरापोस्त से एक ट्रक को बंगाल से जम्मू कश्मीर में भेजा जा रहा है।
जेल में बंद गुरनाम गामा को प्रोडक्शन वारंट पर लाया जाएगा
पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान ट्रक से 56 बोरियां 11 क्विंटल 20 किलो चुरापोस्त बरामद किया। ट्रक को लेकर जाने वाले दोनों आरोपी गुरदेव चंद और सुखविंदर कुमार बिल्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर केस दर्ज किया गया।
उन्होंने कहा कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि गुरदेव चंद का भाई जेल में बंद कैदी गुरनाम उर्फ गामा है। उसके खिलाफ पहले से ही नशे का कारोबार करने के आरोप में जालंधर समेत अलग-अलग थानों और हरियाणा स्टेट में केस दर्ज हैं। गामा इस समय कपूरथला जेल में बंद है।
गुरनाम सिंह ने जेल के अंदर जाने के बाद भी नशे का कारोबार जारी रखा। उन्होंने बताया कि नशे के धंधे में उसने अपने भाई गुरदेव चंद और पुराने ड्राइवर सुखविंदर सिंह को शामिल कर लिया।
गुरनाम की तरफ से जेल में नशे का नेटवर्क चलाने की पुष्टि मोबाइल फोन की कॉल डिटेल और लोकेशन निकलवाने पर पाई गई। उन्होंने कहा कि जेल में बंद गुरनाम गामा को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर इस केस में गिरफ्तार कर पूछताछ की जाएगी।