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Chandigarh News: हरियाणा में घग्गर और यमुना को साफ होने में लगेंगे एक साल
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180 सीटीपी पूरी क्षमता के साथ चल रहे हैं, 12 एसटीपी अगले साल दिसंबर तक होंगे तैयार
चंडीगढ़। हरियाणा में घग्गर व यमुना नदी को साफ होने में एक साल और लगेंगे। दोनों नदियों को दूषित होने से बचाने के लिए सरकार ने कवायद तेज कर दी है। नदियों के कैचमेंट एरिया में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने का काम तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार के मुताबिक दोनों नदियों पर 180 एसटीपी पूरी क्षमता के साथ कार्य करने लगे हैं। इन एसटीपी की क्षमता 1965 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) है। राज्य सरकार के मुताबिक 300 एमएलडी क्षमता के 12 और एसटीपी निर्माणाधीन हैं। इनके दिसंबर 2024 तक पूरा होने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बढ़ती आबादी के साथ भविष्य में 410 एमएलडी के पांच एसटीपी लगाने का भी प्रस्ताव तैयार किया है।
कुछ समय पहले तक घग्गर और यमुना नदियां दोनों ही काफी प्रदूषित थीं। आए दिन इससे संबंधित खबरें सुर्खियां बनती थीं। इस पर राष्ट्रीय हरित ब्यूरो (एनजीटी) ने स्वत: ही संज्ञान लेकर इस मुद्दे पर हरियाणा समेत अन्य राज्यों को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान एनजीटी ने सभी सरकारों को नदियों को दूषित होने से बचाने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने और उसे जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद हरियाणा सरकार ने इसका एक एक्शन प्लान तैयार किया और उसी के तहत एसटीपी व सीवरेज लाइन बिछाने का काम चल रहा है। राज्य सरकार के मुताबिक कैचमेंट एरिया में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) भी लगाए जा रहे हैं। अब तक 22 सीईटीपी भी लगाए जा चुके हैं। इनकी ट्रीटमेंट क्षमता 215 मिलियन लीटर प्रतिदिन है। 126 एमएलडी क्षमता के सात और सीईटीपी प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही 2282 किमी. सीवरेज लाइन में से 2123 किमी. लाइन बिछाई जा चुकी है। बाकी लाइन दिसंबर 2024 तक पूरी हो जाएगी।
घग्गर में 72 और यमुना में 73 एसटीपी चालू
राज्य सरकार के मुताबिक घग्गर के कैचमेंट में 72 एसटीपी कार्य कर रहे हैं। इसकी क्षमता 553.45 एमएलडी है और यमुना के कैचमेंट में 73 एसटीपी लगे हैं, जिनकी क्षमता 1186.7 एमएलडी है। इसके अलावा अन्य जगहों पर 35 एसटीपी कार्य कर रहे हैं। घग्गर के कैचमेंट एरिया में 27.6 लाख आबादी है। इस आबादी का प्रतिदिन 298.24 एमएलडी सीवरेज निकलता है। वहीं, यमुना के कैचमेंट एरिया में आबादी करीब 92.3 लाख है, जिससे रोजाना करीब 1239 एमएलडी सीवरेज निकलता है।
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चंडीगढ़। हरियाणा में घग्गर व यमुना नदी को साफ होने में एक साल और लगेंगे। दोनों नदियों को दूषित होने से बचाने के लिए सरकार ने कवायद तेज कर दी है। नदियों के कैचमेंट एरिया में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने का काम तेजी से चल रहा है। राज्य सरकार के मुताबिक दोनों नदियों पर 180 एसटीपी पूरी क्षमता के साथ कार्य करने लगे हैं। इन एसटीपी की क्षमता 1965 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) है। राज्य सरकार के मुताबिक 300 एमएलडी क्षमता के 12 और एसटीपी निर्माणाधीन हैं। इनके दिसंबर 2024 तक पूरा होने की संभावना है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बढ़ती आबादी के साथ भविष्य में 410 एमएलडी के पांच एसटीपी लगाने का भी प्रस्ताव तैयार किया है।
कुछ समय पहले तक घग्गर और यमुना नदियां दोनों ही काफी प्रदूषित थीं। आए दिन इससे संबंधित खबरें सुर्खियां बनती थीं। इस पर राष्ट्रीय हरित ब्यूरो (एनजीटी) ने स्वत: ही संज्ञान लेकर इस मुद्दे पर हरियाणा समेत अन्य राज्यों को नोटिस जारी किया था। सुनवाई के दौरान एनजीटी ने सभी सरकारों को नदियों को दूषित होने से बचाने के लिए एक्शन प्लान तैयार करने और उसे जल्द से जल्द जमीन पर लागू करने के निर्देश दिए थे। उसके बाद हरियाणा सरकार ने इसका एक एक्शन प्लान तैयार किया और उसी के तहत एसटीपी व सीवरेज लाइन बिछाने का काम चल रहा है। राज्य सरकार के मुताबिक कैचमेंट एरिया में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) भी लगाए जा रहे हैं। अब तक 22 सीईटीपी भी लगाए जा चुके हैं। इनकी ट्रीटमेंट क्षमता 215 मिलियन लीटर प्रतिदिन है। 126 एमएलडी क्षमता के सात और सीईटीपी प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही 2282 किमी. सीवरेज लाइन में से 2123 किमी. लाइन बिछाई जा चुकी है। बाकी लाइन दिसंबर 2024 तक पूरी हो जाएगी।
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घग्गर में 72 और यमुना में 73 एसटीपी चालू
राज्य सरकार के मुताबिक घग्गर के कैचमेंट में 72 एसटीपी कार्य कर रहे हैं। इसकी क्षमता 553.45 एमएलडी है और यमुना के कैचमेंट में 73 एसटीपी लगे हैं, जिनकी क्षमता 1186.7 एमएलडी है। इसके अलावा अन्य जगहों पर 35 एसटीपी कार्य कर रहे हैं। घग्गर के कैचमेंट एरिया में 27.6 लाख आबादी है। इस आबादी का प्रतिदिन 298.24 एमएलडी सीवरेज निकलता है। वहीं, यमुना के कैचमेंट एरिया में आबादी करीब 92.3 लाख है, जिससे रोजाना करीब 1239 एमएलडी सीवरेज निकलता है।
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