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Hindi News ›   Chandigarh ›   It is illegal to send a permanent employee back on deputation, fine of Rs 1 lakh on VC and Registrar.

Chandigarh News: स्थायी कर्मचारी को डेपुटेशन पर मान वापस भेजना अवैध, वीसी व रजिस्ट्रार पर 1 लाख जुर्माना

Tue, 16 Jul 2024 05:27 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 16 Jul 2024 05:27 AM IST
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It is illegal to send a permanent employee back on deputation, fine of Rs 1 lakh on VC and Registrar.
रजिस्ट्रार के निर्णय को हाईकोर्ट ने माना अधिकार क्षेत्र के बाहर, दोनों को जेब से करना होगा भुगतान
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डॉ. बीआर अंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय सोनीपत में हुई थी याची की डेपुटेशन पर नियुक्ति

चंडीगढ़। सोनीपत के डाॅ. बीआर अंबेडकर राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की उप रजिस्ट्रार को डेपुटेशन पर मान उन्हें माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में वापस भेजना अवैध व अधिकार क्षेत्र के बाहर मानते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कुलपति (वीसी) और रजिस्ट्रार पर एक लाख रुपये जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने आदेश में स्पष्ट किया कि याचिका के खर्च के रूप में इस राशि का दोनों को जेब से भुगतान करना होगा। याचिका दाखिल करते हुए विश्वविद्यालय की पूर्व उप रजिस्ट्रार वीना सिंह ने बताया कि 2008 में उनकी नियुक्ति माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल के तौर पर हुई थी। इसके बाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी सोनीपत ने 2020 में डिप्टी रजिस्ट्रार पद के लिए आवेदन मांगे और याची को चयनित कर लिया गया। एक साल की प्रतिनियुक्ति के बाद उन्हें तीन साल तक सेवा विस्तार दिया गया। इसके बाद कार्यकारी परिषद की मंजूरी मिली और उन्हें मंजूर पद पर नियमित कर दिया गया। इसके बाद इसी वर्ष मार्च में रजिस्ट्रार ने आदेश जारी कर उन्हें सेवा मुक्त करते हुए मूल विभाग शिक्षा निदेशालय में भेज दिया। सभी तथ्यों और तर्कों पर विचार के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि कार्यकारी परिषद ने याची को स्वीकृत पद पर उप रजिस्ट्रार नियुक्त करने का फैसला लिया था। इस फैसले के साथ ही याची यूनिवर्सिटी की स्थायी कर्मचारी बन गई थी। कार्यकारी परिषद के इस फैसले में कभी कोई संशोधन नहीं किया गया। ऐसे में रजिस्ट्रार को उन्हें मूल विभाग में भेजने का कोई अधिकार नहीं था। कुलपति और अन्य अधिकारियों को प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए शक्तियां दी गई हैं। वरिष्ठ अधिकारियों ने याची को नियमित करने के आदेश की अनुपालना के स्थान पर उसे मूल विभाग में भेजने का आदेश जारी कर दिया। ऐसा करके इन अधिकारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर काम किया, जिसकी निंदा की जानी चाहिए। ऐसे में हाईकोर्ट ने रजिस्ट्रार के आदेश को रद्द कर दिया है सोनीपत की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को याची को तुरंत सेवा में वापस लेने का आदेश दिया है।
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