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Moosewala Murder : लॉरेंस का पंजाब से तिहाड़ लौटना मुश्किल, हरियाणा और राजस्थान पुलिस को भी है बिश्नोई की तलाश

Thu, 16 Jun 2022 01:22 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 16 Jun 2022 01:22 AM IST
सार

पंजाब-चंडीगढ़ में दर्ज 24 केसों में भी होगी पूछताछ। मूसेवाला केस के बाद बाकी केसों में लिया जाएगा रिमांड पर। पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने बिश्नोई के पिछले सभी केसों को भी खोलने की तैयारी शुरू कर दी है, जिनमें उसे मूसेवाला केस के बाद फिर से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। 

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It is difficult for Lawrence to return from Punjab to Tihar, Haryana and Rajasthan police are also looking for Bishnoi
लॉरेंस बिश्नोई - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब पुलिस गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या के मामले में कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को आखिरकार पंजाब लाने में सफल हो गई है। सूबे में लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ पहले से दर्ज केसों को देखते हुए माना जा रहा है कि अब यह अपराधी वापस तिहाड़ जेल नहीं लौट सकेगा। पंजाब पुलिस के अधिकारियों ने बिश्नोई के पिछले सभी केसों को भी खोलने की तैयारी शुरू कर दी है, जिनमें उसे मूसेवाला केस के बाद फिर से रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। यह भी तय है कि पंजाब पुलिस अब किसी हालत में लॉरेंस बिश्नोई को बचकर निकलने नहीं देगी, क्योंकि पहले से दर्ज मामलों में राज्य पुलिस ने कई बार बिश्नोई को ट्रांजिट वारंट पर लेने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी थी।

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मूसेवाला हत्याकांड में बुधवार को मोहाली स्थित इंटेलिजेंस मुख्यालय में बिश्नोई से पूछताछ भी शुरू हो गई है। मूसेवाला हत्याकांड के अलावा बिश्नोई पर पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में 36 केस दर्ज हैं, जिनमें पंजाब पुलिस समेत संबंधित प्रदेशों की पुलिस बिश्नोई को रिमांड पर लेने की तैयारी किए बैठी हैं। पुलिस रिकार्ड के अनुसार, पंजाब में बिश्नोई पर 17 केस दर्ज हैं और चंडीगढ़ में सात केस। पंजाब पुलिस 17 मामलों में बिश्नोई को बारी-बारी से फिर रिमांड पर लेगी। यह 17 केस फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, मोहाली, अमृतसर आदि जिलों में दर्ज हैं।
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फरीदकोट पुलिस को हत्या के दो मामलों में लॉरेंस बिश्नोई की तलाश थी, जिनमें एक मामला यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या का है। फरवरी 2021 में पहलवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और तब लॉरेंस और गोल्डी बराड़ ने सोशल मीडिया पर पहलवान की हत्या की जिम्मेदारी ली थी। उस समय लॉरेंस राजस्थान की अजमेर जेल में बंद था और उसे ट्रांजिट वारंट पर पंजाब लाने का प्रयास किया गया था। पुलिस ने उसका दो बार प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया लेकिन सुरक्षा कारणों का हवाला देकर उसे पंजाब पुलिस के हवाले नहीं किया गया था। लॉरेंस के खिलाफ चंडीगढ़ में भी 7, हरियाणा में 2, राजस्थान में 6 और दिल्ली में 4 केस दर्ज हैं।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि बिश्नोई ने जेल में रहते हुए ही अपना नेटवर्क फैलाया और जेल में बंद हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र और हिमाचल प्रदेश के अपराधियों को साथ लेकर इन प्रदेशों में अपना नेटवर्क मजबूत किया। उसे पहले राजस्थान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद 2021 में दिल्ली पुलिस ने मकोका व शस्त्र अधिनियम के तहत उसे पकड़ा था।


खुद नहीं, अपने गुर्गों से करवाता रहा हत्याएं
2010 में पंजाब विश्वविधालय छात्र संघ चुनाव में विरोधी पक्ष पर गोली चलाने के मामले में जेल गया लॉरेंस बिश्नोई अन्य गैंगस्टरों के संपर्क में आया और खुद भी गैंगस्टर बन गया। लॉरेंस बिश्नोई पर सिद्धू मूसेवाला की हत्या और फिल्म अभिनेता सलमान खान को जान से मारने की धमकी देने के अलावा जितने भी केस दर्ज हैं, उनमें विशेष बात यह है कि उसने खुद कभी किसी की हत्या नहीं की बल्कि सभी हत्याएं अपने गुर्गों से कराईं। उसके द्वारा सोशल मीडिया पर हत्याओं की जिम्मेदारी लेना, उसे ताउम्र जेल की सलाखों के पीछे रखने का कारण बन गया है।

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