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पंजाब को दहलाने के लिए आतंकी भेजने को नए रास्ते तलाश रही आईएसआई, मिल रहे हैं संकेत

Mon, 24 Aug 2020 11:42 AM IST
खुशबू गोयल अशोक नीर, अमृतसर
अशोक नीर, अमृतसर Published by: खुशबू गोयल Updated Mon, 24 Aug 2020 11:42 AM IST
सार

  • एक साथ पांच घुसपैठियों का हथियारों और नशीले पदार्थों के साथ घुसपैठ करना दे रहा कई संकेत
  • बीएसएफ के पूर्व अधिकारियों को शक, हेरोइन की खेप कहीं जांच भटकाने की साजिश तो नहीं

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ISI Pakistan Finding New Ways to Send Terrorists in Punjab, Border Security Force
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई पंजाब के सीमावर्ती इलाकों से आतंकवादियों के प्रवेश का नया रास्ता तलाश कर रही है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित भारतीय निगरान चौकी ढल के नजदीक मारे गए पांच पाकिस्तानी घुसपैठिये इस बात का संकेत हैं।
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पिछले चार दशक से पंजाब सीमा से कई बार पाकिस्तानी घुसपैठिये भारत में घुसते समय बीएसएफ की गोलियों से ढेर हुए हैं। उनकी संख्या एक से तीन के बीच रहती थी। सीमा सुरक्षा बल द्वारा जब भी इन घुसपैठियों पर गोली चलाई जाती, तो हर बार कुछ लोग बचकर वापस पाकिस्तानी सीमा की तरफ भाग जाते थे। इस बार पहली बार एक साथ पांच घुसपैठिए हथियारों व हेरोइन के साथ भारत में घुसे हैं।
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बीएसएफ ने जब इन पर गोलियां चलाई तो इनमें से किसी ने भागने का प्रयास नहीं किया, बल्कि पाकिस्तान से लाए हथियारों से बीएसएफ का मुकाबला किया। पहले मारे गए घुसपैठिये कपड़ों से कुरियर लगते थे। शनिवार को मारे गए पांचों घुसपैठियों के कपड़े इस बात का संकेत है कि वह नशीले पदार्थों के कुरियर नहीं थे। वह किसी अन्य उद्देश्य की पूर्ति के लिए आए थे।
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सुरक्षा एजेंसियों की जांच को भटकाने की साजिश

सीमा सुरक्षा बल के पूर्व अधिकारियों के अनुसार पांचों घुसपैठियों से हेरोइन की बरामदगी सुरक्षा एजेंसियों की जांच को भटकाने की एक साजिश का हिस्सा हो सकती है। अधिकारियों का कहना है कि इनसे मिले मोबाइल की गहन जांच होनी चाहिए, ताकि पता चल सके कि भारत में उनके संपर्क सूत्र कौन-कौन थे।

उनका कहना है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए एक से तीन कुरियर सीमा के रास्ते से प्रवेश करने की कोशिश करते रहे हैं। बीएसएफ उन पर फायर करती थी तब वह भाग खड़े होते थे, इस केस में ऐसा नहीं हुआ है। वहीं इतनी संख्या में घुसपैठिये पाकिस्तान रेंजर की मदद के बिना भारत में प्रवेश नहीं कर सकते थे। इन पांचों घुसपैठियों की मंशा क्या थी, इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।

कहीं पंजाब को दहलाने के लिए आईएसआई फिर कोई साजिश तो नहीं रच रही है, यह जांच से सामने आ जाएगा। जानकारी के अनुसार, मारे गए घुसपैठिये इंटरनेशनल बॉर्डर को पार करते हुए भारतीय सीमा में 500 मीटर तक घुस आए थे। जैसे ही यह घुसपैठिये कंटीले तार के नजदीक पहुंचे, बीएसएफ के जवानों ने इनको ढेर कर दिया। सुरक्षा एजेंसियों ने इस मामले में अपनी जांच शुरू कर दी है।

अभी तक पाकिस्तान ने बीएसएफ के साथ सांझा नहीं की कोई जानकारी

मारे गए पांच पाकिस्तानी घुसपैठियों के बारे में शनिवार सुबह ही पाकिस्तान रेंजर को जानकारी दे दी गई थी। घटना को दो दिन हो गए हैं लेकिन पाकिस्तानी रेंजर अधिकारियों ने अभी तक मारे गए घुसपैठियों के बारे में बीएसएफ के साथ कोई भी जानकारी सांझा नहीं की है। पाकिस्तानी रेंजर ने बीएसएफ को इस मामले की तफ्तीश करने, घुसपैठियों के पाकिस्तानी होने की जानकारी देने के लिए समय मांगा है।

बीएसएफ ने पांचों घुसपैठियों के शव तरनतारन पुलिस को सौंप दिए थे। उनके शव पट्टी स्थित सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखे हैं। जिला प्रशासन ने इन घुसपैठियों के शवों के पोस्टमार्टम की मंजूरी नहीं दी ही। पंजाब के सीमावर्ती जिलों के पाकिस्तान के साथ सटे गांवों में जितनी बार भी घुसपैठिये मारे गए हैं, पाकिस्तान ने हमेशा उन शवों को लेने से यह कह कर इंकार दिया है कि यह पाकिस्तानी नहीं है।

घुसपैठियों के पास से मिले मोबाइल की फोरेंसिक टीम की तरफ से जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार घुसपैठियों से दो मोबाइल फोन बरामद हुए थे। जिस खेत में घुसपैठिये मारे गए थे, वहां पानी में गिरने के कारण मोबाइल बंद हो गए थे। बीएसएफ मोबाइल का पैटर्न लॉक खुलवाने के लिए एक्सपर्ट की मदद ले रही है। पुलिस को उम्मीद है कि यह मोबाइल इस पार के तस्करों व पाकिस्तानी तस्करों के बीच जुड़े तारों का खुलासा कर सकते हैं।
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