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एसएमई की चुनौतियों पर चर्चा की शिक्षाविदों ने
अमर उजाला, मोहाली
Updated Sun, 01 Dec 2013 09:13 AM IST
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इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस में कांफ्रेंस लीप (लेवरेजिंग एंटरप्राइजेज थ्रू एकेडेमिक पार्टिसिपेशन) का आयोजन किया गया। जिसमें पंजाब व हिमाचल से मैनुफैक्चरिंग सेक्टर के प्रतिनिधि, सरकारी अधिकारी और शिक्षाविद शामिल हुए। कांफ्रेंस में एसएमई को पेश आ रही चुनौतियों और उनके हल पर चर्चा की गई।
कांफ्रेंस में हीरो कॉरपोरेट के चेयरमैन एसके मुंजाल, प्रो. चार्ल्स एच फाइन, प्रो. लोरेंडाना पैड्यूरीन, प्रो. मनमोहन सोढी, डॉ. इशरत हुसैन, प्रमुख सचिव करन अवतार सिंह, आईएसबी के डिप्टी डीन प्रदीप सिंह व सीनियर डायरेक्टर रामनाथन हरिहरन भी शामिल हुए। पहले सेशन में स्थानीय इंडस्ट्री की आईएसबी से अपेक्षाएं विषय पर चर्चा हुई।
करन अवतार सिंह ने पंजाब के मैनुफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। एसके मुंजाल ने बताया कि आईएसबी स्थित मुंजाल इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल मैनुफैक्चरिंग में किस तरह रिसर्च के जरिए मैनुफैक्चरिंग सेक्टर की समस्याओं के व्यावहारिक हल ढूंढे जाते हैं।
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इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कराची के डॉ. इशरत हुसैन ने बताया कि किस तरह पाकिस्तान अपनी स्थिति का फायदा उठाने में असमर्थ रहा।
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कांफ्रेंस में हीरो कॉरपोरेट के चेयरमैन एसके मुंजाल, प्रो. चार्ल्स एच फाइन, प्रो. लोरेंडाना पैड्यूरीन, प्रो. मनमोहन सोढी, डॉ. इशरत हुसैन, प्रमुख सचिव करन अवतार सिंह, आईएसबी के डिप्टी डीन प्रदीप सिंह व सीनियर डायरेक्टर रामनाथन हरिहरन भी शामिल हुए। पहले सेशन में स्थानीय इंडस्ट्री की आईएसबी से अपेक्षाएं विषय पर चर्चा हुई।
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करन अवतार सिंह ने पंजाब के मैनुफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। एसके मुंजाल ने बताया कि आईएसबी स्थित मुंजाल इंस्टीट्यूट ऑफ ग्लोबल मैनुफैक्चरिंग में किस तरह रिसर्च के जरिए मैनुफैक्चरिंग सेक्टर की समस्याओं के व्यावहारिक हल ढूंढे जाते हैं।
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इंस्टीट्यूट ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन कराची के डॉ. इशरत हुसैन ने बताया कि किस तरह पाकिस्तान अपनी स्थिति का फायदा उठाने में असमर्थ रहा।