{"_id":"666a1500f2c387267b034344","slug":"irregularities-in-garbage-collection-in-gurugram-and-faridabad-government-preparing-to-cancel-the-contract-of-the-company-chandigarh-news-c-16-1-pkl1007-443978-2024-06-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: गुरुग्राम और फरीदाबाद में कूड़ा उठाने में गड़बड़ी, सरकार कंपनी का ठेका रद्द करने की तैयारी में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: गुरुग्राम और फरीदाबाद में कूड़ा उठाने में गड़बड़ी, सरकार कंपनी का ठेका रद्द करने की तैयारी में
विज्ञापन
विभाग के प्रस्ताव पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मंत्री ने लगाई मुहर
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गुरुग्राम और फरीदाबाद में कूड़ा उठाने में गड़बड़ी और लापरवाही के मामले सामने आने के बाद अब सरकार यह काम देख रही ईको ग्रीन का ठेका रद्द करने की तैयारी में है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा करार खत्म करने को लेकर प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इस पर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने अपनी मुहर लगा दी है और यह फाइल अब मुख्यमंत्री नायब सैनी के पास पहुंच गई है। मुख्यमंत्री की मुहर लगने के बाद कंपनी के साथ करार खत्म हो जाएगा। ईको ग्रीन कंपनी के पास 2017 से गुरुग्राम और फरीदाबाद में घर-घर से कूड़ा उठाने का जिम्मा है। सरकार के साथ कंपनी का 21 साल तक का करार है। निगमों की बैठक में भी कंपनी के खिलाफ पार्षदों ने आरोप लगाए हैं। लेकिन कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है। दूसरा, करार के बावजूद कंपनी द्वारा कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट नहीं लगाया गया, जिससे शहर का पर्यावरण खराब हो रहा है। बताया जाता है कि दोनों शहरों से रोजाना 2 हजार टन से अधिक कचरा निकलता है और कंपनी को एक टन कचरे पर 1000 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में हर माह कंपनी को करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन फिर भी शिकायतें अधिक हैं।
शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता पर होगी निगरानी
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई पर निगरानी रखेगी जाएगी। इसको लेकर विभाग की ओर से पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसमें हर शहरी निकाय के सफाई टेंडर से लेकर कर्मियों की संख्या और शिकायतों का ब्योरा होगा। साथ ही शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को मजबूती देने के लिए आरडब्ल्यूए और हाउसिंग सोसायटी की ओर से निगरानी कमेटियां गठित की जाएंगी, जोकि स्वच्छता अभियान पर नजर रखेंगे।
बाक्स
गुरुग्राम के लिए ‘स्वीप’ कार्यक्रम शुरू
चंडीगढ़़। गुरुग्राम में सही प्रकार से कूड़े का निस्तारण नहीं होने के चलते सरकार ने यहां पर स्वीप (ठोस अपशिष्ट पर्यावरण आवश्यकता कार्यक्रम) कार्यक्रम शुरू किया है। बुधवार को हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने गुरुग्राम में अनुपचारित अपशिष्ट के चिंताजनक स्तर और पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए गुरुग्राम में पालिका ठोस अपशिष्ट की नितांत आवश्यकता घोषित की है। टीवीएसएन प्रसाद ने बताया कि मंडलायुक्त, उपायुक्त, म्युनिसिपल कमिश्नर, गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ पर्यावरण इंजीनियर और पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) को मिलाकर एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति गुरुग्राम और जीएमडीए क्षेत्रों के सभी 35 वार्डों में अपशिष्ट संग्रह, पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण और निपटान के लिए तीन स्तरीय प्रणाली को लागू करने का काम सौंपा गया है। मुख्य सचिव का कहना है कि स्वीप पहल को हरियाणा के अन्य पालिका क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। गुरुग्राम और फरीदाबाद में कूड़ा उठाने में गड़बड़ी और लापरवाही के मामले सामने आने के बाद अब सरकार यह काम देख रही ईको ग्रीन का ठेका रद्द करने की तैयारी में है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा करार खत्म करने को लेकर प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। इस पर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री सुभाष सुधा ने अपनी मुहर लगा दी है और यह फाइल अब मुख्यमंत्री नायब सैनी के पास पहुंच गई है। मुख्यमंत्री की मुहर लगने के बाद कंपनी के साथ करार खत्म हो जाएगा। ईको ग्रीन कंपनी के पास 2017 से गुरुग्राम और फरीदाबाद में घर-घर से कूड़ा उठाने का जिम्मा है। सरकार के साथ कंपनी का 21 साल तक का करार है। निगमों की बैठक में भी कंपनी के खिलाफ पार्षदों ने आरोप लगाए हैं। लेकिन कंपनी की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं हुआ है। दूसरा, करार के बावजूद कंपनी द्वारा कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट नहीं लगाया गया, जिससे शहर का पर्यावरण खराब हो रहा है। बताया जाता है कि दोनों शहरों से रोजाना 2 हजार टन से अधिक कचरा निकलता है और कंपनी को एक टन कचरे पर 1000 रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ऐसे में हर माह कंपनी को करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा रहा है, लेकिन फिर भी शिकायतें अधिक हैं।
शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता पर होगी निगरानी
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की ओर से शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई पर निगरानी रखेगी जाएगी। इसको लेकर विभाग की ओर से पोर्टल तैयार किया जा रहा है, जिसमें हर शहरी निकाय के सफाई टेंडर से लेकर कर्मियों की संख्या और शिकायतों का ब्योरा होगा। साथ ही शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को मजबूती देने के लिए आरडब्ल्यूए और हाउसिंग सोसायटी की ओर से निगरानी कमेटियां गठित की जाएंगी, जोकि स्वच्छता अभियान पर नजर रखेंगे।
विज्ञापन
बाक्स
गुरुग्राम के लिए ‘स्वीप’ कार्यक्रम शुरू
चंडीगढ़़। गुरुग्राम में सही प्रकार से कूड़े का निस्तारण नहीं होने के चलते सरकार ने यहां पर स्वीप (ठोस अपशिष्ट पर्यावरण आवश्यकता कार्यक्रम) कार्यक्रम शुरू किया है। बुधवार को हरियाणा के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने गुरुग्राम में अनुपचारित अपशिष्ट के चिंताजनक स्तर और पर्यावरण के साथ-साथ लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए गुरुग्राम में पालिका ठोस अपशिष्ट की नितांत आवश्यकता घोषित की है। टीवीएसएन प्रसाद ने बताया कि मंडलायुक्त, उपायुक्त, म्युनिसिपल कमिश्नर, गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी के चीफ इंजीनियर, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वरिष्ठ पर्यावरण इंजीनियर और पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) को मिलाकर एक उच्च स्तरीय समिति बनाई गई है। यह समिति गुरुग्राम और जीएमडीए क्षेत्रों के सभी 35 वार्डों में अपशिष्ट संग्रह, पृथक्करण, परिवहन, प्रसंस्करण और निपटान के लिए तीन स्तरीय प्रणाली को लागू करने का काम सौंपा गया है। मुख्य सचिव का कहना है कि स्वीप पहल को हरियाणा के अन्य पालिका क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
विज्ञापन