फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Iraq Crisis: Youngers in Iraq Talk on Phone with Families

युवकों ने फोन पर बताई इराक की हैवानियत

Sat, 21 Jun 2014 04:15 PM IST
आर. रघुवंशी/अमर उजाला, बटाला
आर. रघुवंशी/अमर उजाला, बटाला Updated Sat, 21 Jun 2014 04:15 PM IST
विज्ञापन
Iraq Crisis: Youngers in Iraq Talk on Phone with Families

क्षेत्र के नजदीकी गांवों के इराक में फंसे चार नौजवानों के परिजन अपने लाडलों की सुरक्षा के प्रति खासे चिंतित हैं। मंदिर और गुरुद्वारों में उनकी सलामती के लिए दुआएं मांगी जा रही हैं।

विज्ञापन


इराक के शहर बसरा में फंसे जगप्रीत सिंह (25) के भाई राजबीर सिंह गांव निक्के घुमणां बटाला ने बताया कि जगप्रीत छह माह पहले इराक में लेबर का काम करने गया था।
विज्ञापन


इस समय वह इराक की वादीसभा कंपनी में काम कर रहा था। इस कंपनी ने आगे उसे किसी अन्य कंपनी के काम में लगा दिया। वीरवार रात जगप्रीत का फोन आया था कि इराक में हालात बहुत खराब हो चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इन हालातों में भी डाला जा रहा काम का दबाव

Iraq Crisis: Youngers in Iraq Talk on Phone with Families

इस गंभीर हालातों में भी उसे दो-तीन किमी दूर पैदल काम करने के लिए भेजा जा रहा है। कंपनी में काम करने वाले भारतीयों को उनके पासपोर्ट वापस नहीं किए जा रहे हैं।

उन्हें कहा जा रहा है कि यदि वह काम नहीं करेंगे तो उन्हें पैसा और खाना नहीं दिया जाएगा। उसने बताया कि छह माह से उन्हें पगार नहीं मिली है। कंपनी के दबाव के कारण उन्हें सब कुछ करना पड़ रहा है।

जगप्रीत सिंह के भाई राजबीर ने सरकार से अपील की कि केंद्र सरकार इराक में फंसे भारतीयों को कंपनियों से पासपोर्ट वापस दिलवाकर और उन्हें टिकट के पैसे देकर भारत लाए ताकि वह विदेश में फंसे अपने पारिवार के सदस्य से मिल सकें।

कंपनियां वापस नहीं लौटा रही उनके पासपोर्ट

Iraq Crisis: Youngers in Iraq Talk on Phone with Families

कुलवंत सिंह (45) के भाई निशान सिंह वासी गांव भगतपुर रब्बवाला बटाला ने बताया कि कुलवंत सिंह एक साल पहले इराक के बालून शहर में वेल्डर का काम करने के लिए गया था। इससे पहले वह गांव में खेती बाड़ी का काम करता था। उसकी दो बेटियां और एक बेटा है। कुलवंत इराक में बलदाबिया कंपनी में काम करता है।

निशान सिंह ने बताया कि कई दिनों के बाद वीरवार रात कुलवंत का फोन आया। उसने बताया कि इराक में हालात बहुत खराब हो चुके हैं। इराक में उसके साथ 70 अन्य पंजाबी फंसे हुए हैं। निशान ने बताया कि फोन पर कुलवंत सिंह ने बताया कि इराक की कंपनी उन्हें पासपोर्ट वापस नहीं दे रही है।

केंद्र सरकार से की वापस लाने की अपील

Iraq Crisis: Youngers in Iraq Talk on Phone with Families

दविंदर सिंह (24) के भाई भूपिंदर सिंह वासी बसंत नगर बटाला ने बताया कि उसका भाई 25 दिन पहले ही इराक में वॉल पेंटिंग के काम के लिए गया था। उसका भाई यहां से जीएमएस कंपनी में गया था लेकिन वहां उसे किसी अन्य कंपनी में भेज दिया गया। जब से इराक में हालात खराब हुए हैं तब से एक ही बार दविंदर से बात हुई है।

वीरवार रात करीब 12 बजे उसका फोन आया। उसने बताया कि उसे जल्द से जल्द भारत ले आएं। उसके पास के क्षेत्र में 15 लोग मर चुके हैं। इस समय कंपनी उन्हें खाना तक नहीं दे रही और न ही कहीं बाहर भेज रही है।

इराक में फंसे सुरजीत सिंह के भाई गुरमीत सिंह वासी गांव बलड़वाल श्री हरगोबिंदरपुर ने बताया कि उसका भाई इराक के एक रिसोर्ट में वेटर का काम करता है। सुरजीत ने उन्हें फोन पर अपने सुरक्षित होने की सूचना दी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed