{"_id":"652d3cf635cf40d8340f3456","slug":"ips-ashish-kapoor-gets-regular-bail-from-high-court-in-disproportionate-assets-case-chandigarh-news-c-16-1-pkl1041-262899-2023-10-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chandigarh News: आय से अधिक संपत्ति मामले में आईपीएस आशीष कपूर को हाईकोर्ट से मिली नियमित जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chandigarh News: आय से अधिक संपत्ति मामले में आईपीएस आशीष कपूर को हाईकोर्ट से मिली नियमित जमानत
विज्ञापन
विजिलेंस ने 30 मई को दर्ज की थी एफआईआर, भ्रष्टाचार के मामले में 6 अक्टूबर 2022 को हुए थे गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी आशीष कपूर को नियमित जमानत दे दी है। भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस ने उन्हें 6 अक्टूबर 2022 को गिरफ्तार किया था और मामले में उन्हें 30 मई को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। जमानत मिलने के दिन ही विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। 26 सितंबर को हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी और अब उनकी नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
विजिलेंस ने आशीष कपूर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी आमदनी से 129.3 फीसदी अधिक खर्च किया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने 1 अगस्त 2017 से 31 अगस्त 2022 तक चंडीगढ़ और मोहाली के आसपास गैरकानूनी ढंग से कई कीमती अचल संपत्ति अर्जित की। इनकी मार्केट वैल्यू रजिस्टर्ड कीमत से कहीं अधिक है। इस दौरान उनकी संपत्ति 2 करोड़ 44 लाख 64 हजार 871 रुपये थी, जबकि उनका खर्च 5 करोड़ 60 लाख 90 हजार 650 था। आशीष कपूर परिवार समेत विदेशी दौरों पर गए व एशो आराम का जीवन जीने पर करोड़ों रुपये खर्च किए। जांच में पता चला कि आशीष कपूर, आशीष कपूर एंड संस (एचयूएफ) व उनकी पत्नी कमल कपूर के नाम पर विभिन्न बैंकों में तकरीबन 10 बैंक खाते हैं। इनमें 65 लाख रुपये जमा हैं। कपूर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने ऊपर लगाए आरोपों को नकारते हुए जमानत की मांग की है। याची ने कहा कि विजिलेंस ने उनकी आय और व्यय की गणना करते हुए कई तरह की चूक की हैं।
इससे पहले उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था और उन्हें 6 अक्टूबर 2022 को हिरासत में ले लिया गया था। इस मामले में जिला अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने 30 मई 2023 को उन्हें नियमित जमानत दे दी थी। जेल से बाहर आते इससे विजिलेंस ने एक और एफआईआर दर्ज कर ली और उसी दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, जिसके चलते वह जमानत मिलने के बाद भी जेल से बाहर नहीं आ सके थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आय से अधिक संपत्ति के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आईपीएस अधिकारी आशीष कपूर को नियमित जमानत दे दी है। भ्रष्टाचार के मामले में विजिलेंस ने उन्हें 6 अक्टूबर 2022 को गिरफ्तार किया था और मामले में उन्हें 30 मई को हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। जमानत मिलने के दिन ही विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। 26 सितंबर को हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम जमानत दी थी और अब उनकी नियमित जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
विजिलेंस ने आशीष कपूर के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने अपनी आमदनी से 129.3 फीसदी अधिक खर्च किया है। जांच में सामने आया कि उन्होंने 1 अगस्त 2017 से 31 अगस्त 2022 तक चंडीगढ़ और मोहाली के आसपास गैरकानूनी ढंग से कई कीमती अचल संपत्ति अर्जित की। इनकी मार्केट वैल्यू रजिस्टर्ड कीमत से कहीं अधिक है। इस दौरान उनकी संपत्ति 2 करोड़ 44 लाख 64 हजार 871 रुपये थी, जबकि उनका खर्च 5 करोड़ 60 लाख 90 हजार 650 था। आशीष कपूर परिवार समेत विदेशी दौरों पर गए व एशो आराम का जीवन जीने पर करोड़ों रुपये खर्च किए। जांच में पता चला कि आशीष कपूर, आशीष कपूर एंड संस (एचयूएफ) व उनकी पत्नी कमल कपूर के नाम पर विभिन्न बैंकों में तकरीबन 10 बैंक खाते हैं। इनमें 65 लाख रुपये जमा हैं। कपूर ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अपने ऊपर लगाए आरोपों को नकारते हुए जमानत की मांग की है। याची ने कहा कि विजिलेंस ने उनकी आय और व्यय की गणना करते हुए कई तरह की चूक की हैं।
विज्ञापन
इससे पहले उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया गया था और उन्हें 6 अक्टूबर 2022 को हिरासत में ले लिया गया था। इस मामले में जिला अदालत से जमानत याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट की शरण ली थी। हाईकोर्ट ने 30 मई 2023 को उन्हें नियमित जमानत दे दी थी। जेल से बाहर आते इससे विजिलेंस ने एक और एफआईआर दर्ज कर ली और उसी दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, जिसके चलते वह जमानत मिलने के बाद भी जेल से बाहर नहीं आ सके थे।
विज्ञापन