Chandigarh: किरण खेर से जान को खतरा बताने वाला निवेश सलाहकार पहुंचा हाईकोर्ट, अग्रिम जमानत देने की मांग
चैतन्य अग्रवाल निवेश सलाहकार हैं। चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने एसएसपी विंडो पर शिकायत देकर चैतन्य पर छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। जिला अदालत ने चैतन्य की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत देने का आग्रह किया है।
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सांसद किरण खेर पर जान से मारने की धमकी देने समेत कई गंभीर आरोप लगाने वाले निवेश सलाहकार चैतन्य अग्रवाल ने अब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में गुरुवार को याचिका दायर कर अग्रिम जमानत देने की मांग की। याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने चंडीगढ़ प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
सांसद किरण खेर ने एसएसपी विंडो पर शिकायत देकर चैतन्य अग्रवाल पर छह करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। खेर ने शिकायत में कहा गया था कि मनीमाजरा निवासी चैतन्य अग्रवाल निवेश सलाहकार के तौर पर कार्य करता है। उसके कहने पर उन्होंने उसे आठ करोड़ रुपये की रकम निवेश करने को दी थी। चैतन्य अग्रवाल ने निवेश के लिए दी गई रकम में से केवल दो करोड़ रुपये ही वापस किए। बाकी के छह करोड़ नहीं लौटाए। वह उसे बकाया रकम वापस करने के लिए कई बार कह चुकी हैं लेकिन उसने रकम नहीं लौटाई।
इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए चैतन्य अग्रवाल ने जिला अदालत में याचिका दाखिल की थी जो खारिज कर दी गई। ऐसे में अब उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत देने का आग्रह किया है।
इससे पहले पैसे के लेन-देन के मामले में सांसद पर उत्पीड़न व जान से मारने की धमकी का आरोप लगाते हुए उन्होंने हाईकोर्ट से सुरक्षा की मांग की थी। पिछले महीने चैतन्य अग्रवाल ने हाईकोर्ट में सुरक्षा की मांग करते हुए सांसद किरण खेर से जान को खतरा बताया था। उनके अनुसार सांसद ने आठ करोड़ निवेश के लिए दिए थे और उसने इसे बाजार में लगाया था। इससे पहले भी उसने किरण खेर को निवेश के माध्यम से अच्छा मुनाफा दिला था।
23 अगस्त को उसे यह पैसा निवेश के लिए मिला था लेकिन उसी दौरान बाजार में मंदी आ गई। इस पर किरण खेर ने उसे तुरंत पैसा लौटाने को कहा। उसने दो करोड़ रुपये वापस कर दिए और बाजार का हवाला देते हुए बाकी पैसा जमा करवाने के लिए कुछ मोहलत मांगी। इस दौरान उसे किरण खेर ने अपने घर बुलाया और उसकी तलाशी ली गई और घड़ी से लेकर मोबाइल तक अपने पास रखवा लिया गया। इस दौरान उसको खूब बेइज्जत किया गया और उसका शारीरिक उत्पीड़न भी हुआ।
इसमें किरण खेर, उनके पीए सहदेव सलारिया व अन्य लोग शामिल थे। उसके गिड़गिड़ाने पर उसे कपड़े पहनने को दिए गए। इसके बाद उसके घर से लैपटॉप व चेक मंगवाए गए। उससे 7.44 करोड़ और 5.56 करोड़ के पोस्ट डेटेड चेक लिए गए और कहा गया कि अगर दो गुना पैसा नहीं मिला तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। उस समय हाईकोर्ट ने एसपी व एसएचओ को आदेश दिया था कि याचिकाकर्ता व उसके परिवार को एक सप्ताह के लिए सुरक्षा दी जाए। इसके बाद समीक्षा की जाए कि उन्हें आगे सुरक्षा की आवश्यकता है या नहीं। आवश्यकता होने पर ही सुरक्षा को आगे बढ़ाया जाए।