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Chandigarh News: आर्थिक अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए जांच अधिकारियों की ली परीक्षा
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आर्थिक अपराधों के अनुसंधान का तरीका बदलें, जांच अधिकारियों की रिपोर्ट पर होता है फैसला : एडीजीपी ओपी सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए हरियाणा पुलिस जांच अधिकारियों को तैयार कर रही है। शनिवार को आर्थिक अपराधियों को कानून की गिरफ्त में लाने और अपराधियों को सज़ा दिलवाने के लिए प्रदेश की मुख्य जांच एजेंसी स्टेट क्राइम ब्रांच ने जांच अधिकारियों की परीक्षा ली। डायल 112 भवन में हुई परीक्षा में सभी 22 यूनिट के 86 जांच अधिकारी शामिल हुए।
परीक्षा का आधार सीनियर आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर की किताब आर्थिक अपराधों का अन्वेषण रही। राज्य अपराध शाखा के एडीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि एक जांच अधिकारी की लिखी गई रिपोर्ट ही केस की दशा और दिशा तय करते हैं। किसी भी केस में की गई तफ्तीश ही केस की सफलता निर्धारित करती है। इसलिए आर्थिक अपराधों की जांच को लेकर अधिकारी गंभीरता के साथ जांच करें। स्टेट क्राइम ब्रांच वर्तमान में इंटरपोल, रेड कार्नर नोटिस जैसे संजीदा विषयों में कार्रवाई कर रही है। इसके अतिरिक्त सीबीआई, इंटरपोल, गृह मंत्रालय से समन्वय की ज़िम्मेदारी भी स्टेट क्राइम ब्रांच पर ही है। इसके लिए ही जांच अधिकारियों को तैयार किया जा रहा है।
सुशील कुमार रहे प्रथम
एक घंटे तक चली 50 अंकों की परीक्षा में एएसआई सुशील कुमार ने सबसे अधिक 48 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, 47 अंक पाकर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर महिला एएसआई रूचि, एएसआई नमना व एएसआई शीतल रही। एएसआई राजेश कुमार, एएसआई कुलदीप 46 अंक पाकर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। स्टेट क्राइम ब्रांच चीफ एडीजीपी ने पहले तीन स्थान पर आने वाले जांच अधिकारियों को प्रथम श्रेणी प्रमाण पत्र व नकद इनाम देने की घोषणा की है। 30 जांच अधिकारियों ने इस परीक्षा में 40 से अधिक अंक प्राप्त किए। इसके अतिरिक्त 44 जांच अधिकारियों ने 30 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। आर्थिक अपराधियों पर नकेल कसने के लिए हरियाणा पुलिस जांच अधिकारियों को तैयार कर रही है। शनिवार को आर्थिक अपराधियों को कानून की गिरफ्त में लाने और अपराधियों को सज़ा दिलवाने के लिए प्रदेश की मुख्य जांच एजेंसी स्टेट क्राइम ब्रांच ने जांच अधिकारियों की परीक्षा ली। डायल 112 भवन में हुई परीक्षा में सभी 22 यूनिट के 86 जांच अधिकारी शामिल हुए।
परीक्षा का आधार सीनियर आईपीएस अधिकारी शत्रुजीत कपूर की किताब आर्थिक अपराधों का अन्वेषण रही। राज्य अपराध शाखा के एडीजीपी ओपी सिंह ने कहा कि एक जांच अधिकारी की लिखी गई रिपोर्ट ही केस की दशा और दिशा तय करते हैं। किसी भी केस में की गई तफ्तीश ही केस की सफलता निर्धारित करती है। इसलिए आर्थिक अपराधों की जांच को लेकर अधिकारी गंभीरता के साथ जांच करें। स्टेट क्राइम ब्रांच वर्तमान में इंटरपोल, रेड कार्नर नोटिस जैसे संजीदा विषयों में कार्रवाई कर रही है। इसके अतिरिक्त सीबीआई, इंटरपोल, गृह मंत्रालय से समन्वय की ज़िम्मेदारी भी स्टेट क्राइम ब्रांच पर ही है। इसके लिए ही जांच अधिकारियों को तैयार किया जा रहा है।
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सुशील कुमार रहे प्रथम
एक घंटे तक चली 50 अंकों की परीक्षा में एएसआई सुशील कुमार ने सबसे अधिक 48 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, 47 अंक पाकर संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर महिला एएसआई रूचि, एएसआई नमना व एएसआई शीतल रही। एएसआई राजेश कुमार, एएसआई कुलदीप 46 अंक पाकर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। स्टेट क्राइम ब्रांच चीफ एडीजीपी ने पहले तीन स्थान पर आने वाले जांच अधिकारियों को प्रथम श्रेणी प्रमाण पत्र व नकद इनाम देने की घोषणा की है। 30 जांच अधिकारियों ने इस परीक्षा में 40 से अधिक अंक प्राप्त किए। इसके अतिरिक्त 44 जांच अधिकारियों ने 30 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं।
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