अमर उजाला के 10 सवाल, हुड्डा के तीखे जवाब
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हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का दावा है कि वे विधानसभा चुनाव में हैट्रिक बनाएंगे। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीद के विपरीत नतीजे आने के बावजूद सीएम का मानना है कि इस चुनाव में नरेंद्र मोदी की लहर नहीं चलेगी।
उन्होंने कहा कि मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान प्रचारित किया था कि महंगाई समेत अन्य समस्याओं से निजात के लिए उनके हाथ में जादू की छड़ी है लेकिन सवा दो माह में ही उनकी असलियत सामने आने लगी है।
हुड्डा ने दावा किया मोदी के गुजरात मॉडल से हरियाणा का विकास मॉडल कई गुना बेहतर है। हुड्डा ने चुनावी रणनीति समेत अन्य मुद्दों पर हरीश लखेड़ा और प्रवीण पांडेय से खुलकर बातचीत की। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश।
पहले 2 सवाल ये
. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मात्र एक सीट मिली, जबकि भाजपा सात सीटें जीतने में कामयाब रही। विधानसभा चुनाव में भाजपा को कितनी बड़ी चुनौती मान रहे हैं।
- लोकसभा और विधानसभा के चुनाव के मुद्दे अलग होते हैं। 1999 में कांग्रेस लोकसभा की सभी दस सीटें हार गई थीं लेकिन पांच माह बाद विधानसभा चुनाव में कांग्रेस 22 सीटें जीती थीं। सभी जानते हैं कि भाजपा अमीरों की पार्टी है। वह गरीब, किसानों, मजदूरों आदि की बात नहीं करती है। हरियाणा के लोग भाजपा को अच्छी तरह समझते हैं।
. आपको लगता है कि कांग्रेस हैट्रिक बनाएगी, मोदी फैक्टर का कितना असर होगा?
- हम हैट्रिक बनाएंगे। लोकसभा चुनाव में लोगों ने एक व्यक्ति के बारे में प्रचारित कर दिया कि उसके हाथ में जादू की छड़ी है लेकिन अब हकीकत सामने आने लगी है। डीजल, रेल किराया, चीनी आदि के दाम बढ़ाए जा चुके हैं। टमाटर, प्याज समेत सब्जियों और खाद्यान्न के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार को लेकर यह कह सकते हैं कि पूत के पांव पालने में दिखने लगे हैं। अब तक मैं 49 चुनावी सभाएं कर चुका हूं । जनता के समर्थन से यह पक्का है कि अगली सरकार कांग्रेस की ही बनेगी। रोहतक से मेरे परिवार ने 10 लोकसभा चुनाव लड़े हैं। जिसमें से 9 चुनाव जीते हैं। चौधरी देवीलाल को मैने तीन चुनावों में शिकस्त दी।
अगले 2 सवाल ये
. कांग्रेस के कई नेता बगावत कर रहे हैं या पार्टी छोड़ रहे हैं। चुनाव पर इसका कितना असर पड़ेगा?
- जो बगावती तेवर दिखा रहे हैं, वे अभी तक प्रदेश सरकार की तारीफ करते थे। कई ने तो यह भी कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री आज तक हरियाणा में नहीं हुआ। यह सब बातें रिकार्ड में दर्ज हैं लेकिन अब वे निजी स्वार्थ के चलते आरोप लगा रहे हैं। वे जनता के हित में नहीं बोल रहे।
. आरोप है कि हरियाणा में विकास सिर्फ रोहतक तक सीमित रहा है?
- आरोप वे लगा रहे हैं, जिनके पास मुद्दे नहीं हैं। हमने सिरसा में यूनिवर्सिटी बनाई। कुरुक्षेत्र में एनआईएफटी, करनाल में मेडिकल कॉलेज, सोनीपत में मेडिकल कॉलेज और महिला विश्वविद्यालय, फरीदाबाद में विश्वविद्यालय, गुड़गांव में देश का पहला डिफेंस विश्वविद्यालय, रेवाड़ी में सैनिक स्कूल, भिवानी और जींद में भी विश्वविद्यालय बनाए। सिरसा में चौधरी देवीलाल के नाम पर बने विश्वविद्यालय का अनुदान 3 करोड़ से बढ़ा कर 33 करोड़ कर दिया। इसके अलावा जो भी सरकारी योजनाएं हैं वे पूरे प्रदेश के लोगों को लाभ पहुंचाती हैं।
2 अन्य सवाल ये
. विकास को लेकर गुजरात मॉडल की चर्चा होती रहती है। हरियाणा मॉडल किस पायदान पर मानते हैं?
- हम गुजरात मॉडल से बहुत आगे हैं। वहां वृद्धावस्था पेंशन मात्र 400 रुपये हैं। हम एक हजार रुपये देते हैं। डीजल गुजरात की तुलना में 8 रुपये प्रति लीटर सस्ता है। बिजली भी सस्ती है। वहां पूर्व सैनिक को 10 हजार रुपये प्रति माह पेंशन मिलती हैं। हरियाणा में यह पेंशन 25 हजार है। प्रति व्यक्ति आय में हरियाणा गुजरात से बहुत आगे हैं। यदि गुजरात मॉडल इतना ही अच्छा है तो हरियाणा से भाजपा के चुने गए सांसद अब तक ऐसा क्यों नहीं कह रहे हैं कि यहां भी गुजरात मॉडल लागू किया जाए।
. हरियाणा लिंग अनुपात के मामले में पिछड़ा है। कहा जाता है कि लड़कों को दूसरे राज्यों से दुलहन लानी पड़ती है।
- कांग्रेस सरकार आने के बाद इस मामले में बहुत बदलाव आया है। लिंग अनुपात कम हो रहा है। हालत यह है कि लड़कियां शिक्षा ग्रहण के साथ-साथ खेलों में सूबे का नाम रोशन कर रही हैं।
ये 2 सवाल और पूछे गए
. चुनाव में इनेलो से कितनी चुनौती मानते हैं। कॉलेज छात्राओं को स्कूटी देने के वादे का क्या असर होगा?
- इनेलो कांग्रेस के लिए चुनौती नहीं है। पार्टी इस तरह के वादे करके जनता को पहले भी गुमराह करती रही है। 2009 में उन्होंने इस तरह के वादे किए थे।
. विपक्ष का आरोप हैं कि आपने बिजली का वादा पूरा नहीं किया?
- 2005 में 1587 मेगावाट उत्पादन हरियाणा में होता था। इस समय हमारे यहां 5350 मेगावाट बिजली का उत्पादन है। जबकि अन्य राज्यों के साथ अनुबंध करके अब 10 हजार मेगावाट बिजली उपलब्ध करा रहे है। निर्देश दिए हैं कि धान की सिंचाई के लिए बिजली कटौती नहीं हो चाहे किसी भी कीमत पर बिजली खरीदनी पड़े।
पढि़ए 2 अन्य सवाल के जवाब
.खेलों के मामले में हरियाणा आगे है, यह कैसे संभव हुआ?
- गर्व के साथ कह सकता हूं कि खेल के मामले में हरियाणा देश में अव्वल है। युवा इसे अपने भविष्य के तौर पर अपना रहे हैं। गांव से लेकर शहर तक में स्टेडियम बनवाए गए हैं। खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दे रहे हैं। हरियाणा को खेलों के क्षेत्र में सरकार ने इतना आगे कर दिया है कि देश दुनिया में हमारा नाम हो रहा है। वह समय जल्द ही आएगा जब हरियाणा स्पोर्ट्स पावर बन कर दुनिया के सामने देश का नाम ऊंचा करेगा। कामनवेल्थ समेत सभी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वालों को सबसे ज्यादा प्रोत्साहन राशि देते हैं।
.आपको लगता है कि भाजपा हरियाणा में सांप्रदायिक दांव खेल सकती है।
- हरियाणा की जनता समझदार है। वह कभी भी सांप्रदायिक ताकतों को महत्व नहीं देती है। कांग्रेस ने कभी भी जातीयता की राजनीति नहीं की है।