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चंडीगढ़ में योग दिवस की धूम: पीजीआई में बना रिकॉर्ड, प्रशासक ने बताया योग का महत्व

Fri, 21 Jun 2024 10:25 AM IST
नवीन दलाल अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: नवीन दलाल Updated Fri, 21 Jun 2024 10:25 AM IST
सार

चंडीगढ़ पीजीआई में योग करने का एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। यहां करीब 1924 स्वास्थ्य कर्मियों ने एक ही जगह पर योग किया है। चंडीगढ़ के रॉक गार्डन में भी योग दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

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Yoga Day celebrated in Chandigarh: Record made in PGI, administrator told the importance of yoga
योगाभ्यास करते लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश-विदेश की तर्ज पर चंडीगढ़ में भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। चंडीगढ़ पीजीआई में योग करने का एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। यहां करीब 1924 स्वास्थ्य कर्मियों ने एक ही जगह पर योग किया है। चंडीगढ़ के रॉक गार्डन में भी योग दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मुख्य अतिथि चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित रहे।

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प्रशासक ने कहा कि योग करने से आत्मा स्वच्छ होती है। मन स्वच्छ होता है। योग करेंगे तो शरीर के अंदर जो बदलाव होंगे वह खुद महसूस करेंगे। योग में जाति पाति का कहीं कोई भेदभाव नहीं है। इसे हर किसी को अडॉप्ट करना चाहिए।



पुरोहित ने कहा कि योग से फिजिकल हेल्थ के साथ साथ मेंटल हेल्थ भी बेहतर होती है। हम कितने भी तनावपूर्ण माहौल में क्यों ना हो, कुछ मिनट का ध्यान हमें शांति प्रदान करता है। शांत रहने का योग से अच्छा फार्मूला कोई भी नहीं है। योग हमें शांति प्रदान करता है।



उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में लोगों का फिटनेस के साथ अलग ही लगाव है। रोजाना सुबह शाम सुखना लेक और शहर भर के पार्कों में लोग टहलते हैं। जॉगिंग करते हैं और योग अभ्यास करते हुए भी देखे जाते हैं। निरोगी जीवन के लिए योग बहुत ही आवश्यक है। योग की आवश्यकता समझना बहुत जरूरी है। इसे इग्नोर नहीं करना चाहिए।



प्रशासक ने सभी से आग्रह किया कि सभी लोग योग के लिए समय निकालें। जो लोग योग को इग्नोर करते हैं, वह लाखों रुपये दवाइयों पर खर्च करते हैं। योग करने में तो कोई पैसा भी खर्च नहीं होता। बहुत ज्यादा समय भी नहीं लगता। बस मन को इसके लिए तैयार करना होगा। प्रशासन ने कहा कि कई लोग उनसे पूछते हैं कि वह सामाजिक कार्य करना चाहते हैं क्या करें। आज उसका जवाब मिल गया। वह योग की अच्छी किताबें पढ़ें और खुद को टीचर के रूप में ढाल लें और लोगों को योग सिखाएं। यह राष्ट्र और मानवता की बहुत बड़ी सेवा होगी।
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