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ओलंपिक में गोल्ड की चाहत में पहलवानों ने छोड़ी सबसे पसंदीदा चीज
अंकित चौहान/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 18 May 2016 12:50 PM IST
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इंटरनेशनल पहलवान साक्षी मलिक, विनेश फोगट और संदीप तोमर
- फोटो : फाइल फोटो
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ओलंपिक में गोल्ड की चाहत ने हरियाणा के पहलवानों को अपनी सबसे पसंदीदा चीज से दूर कर दिया है। पहलवान 24 में से 12 घंटे प्रैक्टिस कर रहे हैं। ये पसंदीदा चीज है मोबाइल फोन। पहलवानों ने अपने मोबाइल नंबर तक भी बंद करा दिए हैं।
प्रैक्टिस और गोल्ड पर फोकस करने के लिए पहलवानों ने खुद को देश और दुनिया से काट लिया है। पहलवान 24 में से 12 घंटे प्रैक्टिस कर रहे हैं। सभी ने एकजुट हो ठान लिया है कि इस बार ओलंपिक में कुश्ती में इंडिया को गोल्ड दिला सूखे को खत्म करना है। रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले सबसे ज्यादा पहलवान हरियाणा से ताल्लुक रखते हैं।
ओलंपिक के पदक विजेता सोनीपत के योगेश्वर दत्त के अलावा मेहर सिंह अखाड़े के संदीप तोमर, बहादुरगढ़ के रविंद्र खत्री जैसे नाम इसमें शामिल हैं। जबकि महिलाओं में भिवानी की फौगाट बहनें विनेश फौगाट और बबीता फौगाट के साथ ही रोहतक की साक्षी मलिक क्वालिफाई कर चुकी हैं।
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प्रैक्टिस और गोल्ड पर फोकस करने के लिए पहलवानों ने खुद को देश और दुनिया से काट लिया है। पहलवान 24 में से 12 घंटे प्रैक्टिस कर रहे हैं। सभी ने एकजुट हो ठान लिया है कि इस बार ओलंपिक में कुश्ती में इंडिया को गोल्ड दिला सूखे को खत्म करना है। रियो ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने वाले सबसे ज्यादा पहलवान हरियाणा से ताल्लुक रखते हैं।
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ओलंपिक के पदक विजेता सोनीपत के योगेश्वर दत्त के अलावा मेहर सिंह अखाड़े के संदीप तोमर, बहादुरगढ़ के रविंद्र खत्री जैसे नाम इसमें शामिल हैं। जबकि महिलाओं में भिवानी की फौगाट बहनें विनेश फौगाट और बबीता फौगाट के साथ ही रोहतक की साक्षी मलिक क्वालिफाई कर चुकी हैं।
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ओलंपिक में गोल्ड दिलाने को एकजुट हुए खिलाड़ी
भारतीय पहलवान विनेश फोगट
- फोटो : अमर उजाला
ओलंपिक में कुश्ती में देश को गोल्ड के लिए तरसना पड़ रहा है। सोने के इस सूखे को खत्म करने के लिए पहलवानों ने एकजुट हो देश दुनिया से दूर रहने का फैसला लिया है। अधिकतर पहलवान 8 से 12 घंटे प्रैक्टिस कर रहे हैं। उन्होंने रिश्तेदारों और करीबियों तक के यहां आना-जाना भी बंद कर दिया है।
इनका मानना है कि मोबाइल फोन प्रैक्टिस पर असर डालता है। पहलवानों ने अपने मोबाइल नंबर तक भी बंद करा दिए हैं। अगर उनको विशेष परिस्थितियों में घर या अन्य किसी से बात करनी होगी तो उसके लिए कैंप में मिलने वाले फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्वालिफाई करने के बाद 12 घंटे की प्रैक्टिस शुरू कर दी है। क्योंकि इस बार देश के लिए गोल्ड जीतकर लाना है। प्रैक्टिस में ध्यान न भटके, इसलिए मैंने ओलंपिक तक अपना मोबाइल नंबर बंद करा दिया है। घर बात करनी होती है तो दोस्त या कैंप का फोन इस्तेमाल करता हूं।
- संदीप तोमर, ओलंपिक क्वालिफायर पहलवान
देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना मेरा सबसे पहला लक्ष्य है। चाहे इसके लिए कितनी भी मेहनत करनी पड़े। ऐसी स्थिति में दोस्तों व रिश्तेदारों से मिलना मुश्किल है। मोबाइल इस्तेमाल भी नहीं कर रही हूं।
- साक्षी मलिक, ओलंपिक क्वालिफायर पहलवान
इनका मानना है कि मोबाइल फोन प्रैक्टिस पर असर डालता है। पहलवानों ने अपने मोबाइल नंबर तक भी बंद करा दिए हैं। अगर उनको विशेष परिस्थितियों में घर या अन्य किसी से बात करनी होगी तो उसके लिए कैंप में मिलने वाले फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं।
क्वालिफाई करने के बाद 12 घंटे की प्रैक्टिस शुरू कर दी है। क्योंकि इस बार देश के लिए गोल्ड जीतकर लाना है। प्रैक्टिस में ध्यान न भटके, इसलिए मैंने ओलंपिक तक अपना मोबाइल नंबर बंद करा दिया है। घर बात करनी होती है तो दोस्त या कैंप का फोन इस्तेमाल करता हूं।
- संदीप तोमर, ओलंपिक क्वालिफायर पहलवान
देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना मेरा सबसे पहला लक्ष्य है। चाहे इसके लिए कितनी भी मेहनत करनी पड़े। ऐसी स्थिति में दोस्तों व रिश्तेदारों से मिलना मुश्किल है। मोबाइल इस्तेमाल भी नहीं कर रही हूं।
- साक्षी मलिक, ओलंपिक क्वालिफायर पहलवान