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Faridkot: इंटरनेशनल शूटिंग खिलाड़ी सिफत कौर समरा का पेरिस ओलंपिक के लिए चयन, खेल प्रेमियों में जश्न
Fri, 17 May 2024 03:00 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 17 May 2024 03:00 PM IST
सार
फरीदकोट की रहने वालीं सिफत कौर डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन की पढ़ाई और शूटिंग एक साथ नहीं चल सकती थी। उन्हें किसी एक को चुनना था। उन्होंने और उनके माता-पिता ने निशानेबाजी को चुना। सिफत कौर का छोटा भाई भी निशानेबाज है। वह स्कूल नेशनल में पदक जीत चुका है।
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सिफत कौर समरा
- फोटो : X @MP_SanjeevArora
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विस्तार
पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए फरीदकोट की इंटरनेशनल शूटिंग खिलाड़ी सिफत कौर समरा का चयन हो गया है। इससे पहले भी सिफत कौर नेशनल और इंटरनेशनल स्तर के खेल मुकाबलों में दमखम दिखा चुकी हैं। उनके चयन की सूचना से परिवार व खेल प्रेमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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टीचर के कहने पर सीखी थी शूटिंग
डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली सिफत कौर ने स्कूल में पढ़ते समय शौकिया तौर पर राइफल शूटिंग शुरू की थी। सिफत कौर ने फरीदकोट के बाबा फरीद पब्लिक स्कूल में दसवीं कक्षा में पढ़ते हुए अपनी शिक्षिका के कहने पर स्कूल में शूटिंग सीखना शुरू किया और प्रतियोगिताओं में भाग लेने लगी। हालांकि बाद में ऐसा शौक जगा कि वह धीरे-धीरे जुनून में बदल गया। इसके बाद सिफत ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अच्छे प्रदर्शन के बाद सिफत कौर का अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन हुआ।
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कॉलेज ने परीक्षा में बैठने नहीं दिया तो पढ़ाई छोड़ी
2021 में नीट के बाद फरीदकोट मेडिकल कॉलेज में सिफत कौर ने दाखिला लिया था। शूटिंग के कारण सिफत कौर को अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई छोड़नी पड़ी। विभिन्न टूर्नामेंटों में भाग लेने की वजह से सिफत को देश-विदेश की यात्रा करनी पड़ती थी। इसका असर उनके कॉलेज उपस्थिति पर पड़ा। बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ने पिछले वर्ष एमबीबीएस प्रथम वर्ष की परीक्षा में सिफत को बैठने नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने पढ़ाई ही छोड़ दी और खेल को चुना।
किसान हैं पिता, पांच चचेरे भाई-बहन डॉक्टर
सिफत कौर के पिता किसान हैं। मगर उनके चार से पांच चचेरे भाई-बहन डॉक्टर हैं। सिफत कौर ने एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़ निशानेबाजी को अपनाया और आज दुनिया में देश का नाम रोशन कर दिया।
सिफत कौर के पिता किसान हैं। मगर उनके चार से पांच चचेरे भाई-बहन डॉक्टर हैं। सिफत कौर ने एमबीबीएस की पढ़ाई छोड़ निशानेबाजी को अपनाया और आज दुनिया में देश का नाम रोशन कर दिया।