Haryana : कैंसर का नकली इंजेक्शन बेचने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़, तुर्किये के नागरिक समेत चार दबोचे
कनिष्क राजकुमार ने बताया कि वह जनवरी 2023 से तुर्किये के नागरिक मोहम्मद अली तरमानी के संपर्क में है। वह मोहम्मद अली तरमानी से 1.75 लाख रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से खरीदकर 2.50 लाख रुपये में बेचता है।
विस्तार
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने कैंसर में लगने वाले नकली इंजेक्शन बेचने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह को पकड़ा है। इसमें शामिल तुर्किये के नागरिक समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी इटली की कंपनी का नकली इंजेक्शन 1.75 लाख रुपये में खरीद कर 2.5 लाख रुपये में बेचते थे।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने चंडीगढ़ में पत्रकार वार्ता में बताया कि विश्व स्वाथ्य संगठन ने गत 11 अप्रैल को चेतावनी जारी की थी कि कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाला इटली की दवा कंपनी का नकली डेफीटेलिओ इंजेक्शन अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेचा जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम ने इसके बारे में जानकारी जुटाई और 21 अप्रैल को संदीप भुई नाम के आदमी को यह नकली इंजेक्शन 2.50 लाख रुपये में बेचते पकड़ लिया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने असली दवा निर्माता कंपनी को ईमेल भेजकर इंजेक्शन के बारे में जानकारी मांगी। कंपनी ने बताया कि यह इंजेक्शन नकली है और यह बैच संयुक्त अरब अमीरात व किर्गीस्तान में भी पाया गया है। आरोपी संदीप भुई ने बताया कि वह दिल्ली के ओखला में रहने वाले मोती उर रहमान अंसारी के लिए काम करता है। इसके बाद गुरुग्राम के औषधी नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान ने मोती उर रहमान अंसारी को गिरफ्तार कर लिया।
अंसारी ने बताया कि उसे इंजेक्शन दिल्ली के रमेश नगर में रहने वाला कनिष्क राजकुमार मुहैया कराता है। इस पर पुलिस ने नौ मई की देर रात नोएडा के सेक्टर 62 से कनिष्क राजकुमार को गिरफ्तार कर लिया। कनिष्क राजकुमार के ठिकाने से नकली डेफीटेलिओ इंजेक्शन की बिक्री का रिकॉर्ड भी जब्त किया गया।
1.75 लाख में खरीद कर 2.50 में बेचते थे इंजेक्शन
कनिष्क राजकुमार ने बताया कि वह जनवरी 2023 से तुर्किये के नागरिक मोहम्मद अली तरमानी के संपर्क में है। वह ये नकली इंजेक्शन मोहम्मद अली तरमानी से 1.75 लाख रुपये प्रति इंजेक्शन के हिसाब से खरीदकर 2.50 लाख रुपये में बेचता है। उसने बताया कि मोहम्मद अली तरमानी इस समय मुंबई के होटल में ठहरा हुआ है।
मुंबई के होटल से पकड़ा गया तुर्किये का मोहम्मद अली तरमानी
इसके बाद मोहम्मद अली तरमानी का मोबाइल फोन नंबर निगरानी पर लगाया गया तो उसकी लोकेशन मुंबई के कोलाबा में मिली। हरियाणा के राज्य औषधि नियंत्रक ने तुरंत मुंबई पुलिस से संपर्क किया। मुंबई पुलिस ने मोहम्मद अली तरमानी को कोलाबा के होटल से पकड़ लिया। अब उसे जरूरी कार्रवाई के बाद गुरुग्राम लाया जाएगा। मोहम्मद अली तरमानी इस नकली इंजेक्शन के निर्माता और निर्माण स्थल का पता लगाने में अहम कड़ी साबित हो सकता है।
यह अपनी तरह का पहला केस है जिसमें किसी औषधि नियंत्रक अधिकारी ने नकली दवा के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया है और तीन सप्ताह में एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। अनिल विज, गृह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री।