महिला अधिकारी की शानदार पहल, बुजुर्ग को बनाया एक दिन का डीसी, नौ साल से दर-दर रहा था भटक
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अंतरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर डीसी डा. प्रियंका सोनी ने मंगलवार को गांव कसान के बुजुर्ग शिवशरण को 9 साल पुरानी समस्या बताने के बाद ऐसा सम्मान दिया कि वे शायद ही आजीवन भूल पाएं। इसके लिए सनातन धर्म मंदिर वृद्ध आश्रम में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें डीसी डॉ. प्रियंका सोनी बतौर मुख्यातिथि शिरकत करने पहुंची ।
कार्यक्रम में डीसी ने जब बुजुर्गों का सम्मान करते हुए उनसे उनकी इच्छा और समस्या के बारे में जानकारी ली तो उसी समय कसान निवासी शिवशरण ने डीसी को रुंधे हुए स्वर में अपनी 9 साल से लंबित जमीन से जुड़ी समस्या के बारे में बताया। डीसी ने बुजुर्गों का सम्मान करते हुए और वर्तमान पीढ़ी को प्रेरणा देने के लिए बुजुर्ग से कहा कि आप खुद डीसी बनकर अपनी समस्या निवारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दें।
इसके बाद डीसी बुजुर्ग शिवशरण को कार्यक्रम के समापन के बाद लघु सचिवालय स्थित प्रथम मंजिल स्थित अपने कार्यालय में हाथ थामे कार्यालय में लाए और उन्हें डीसी की सीट पर बैठाया। उन्होंने कहा कि अब आप संबंधित अधिकारियों को बुलाएं और समस्या के समाधान के निर्देश दें। शिवशरण की 9 साल से लंबित शिकायत थी, जिसे 9 मिनट में हल कर दिया गया।
कार्यालय में बुजुर्ग को डीसी की सीट पर देखकर सभी चकित रह गए। जब उनसे पूछा गया कि आप और क्या संदेश देना चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि जिंदगी की इतने समय में आज तक इस तरह की डीसी नहीं देखी हैं, जिसने बुजुर्गों का सम्मान किया हो।
बुजुर्ग शिवशरण ने डीसी कार्यालय में फरियाद लेकर आए अध्यापक भारतभूषण व एक अन्य कर्मचारी की चुनावी ड्यूटी काटने के आदेश जारी किए। इसी प्रकार गांव कुराड़ निवासी मायादेवी ने जमीनी विवाद की समस्या रखी, उस समस्या पर भी बुजुर्ग ने शीघ्र अतिशीघ्र कार्रवाई करने की बात कही। डीसी की सीट पर बैठकर बुजुर्ग शिवशरण ने कहा कि अधिकारी ईमानदारी से काम करें तो वे भगवान से कम नहीं हैं। इसीलिए अपना काम ईमानदारी से करना चाहिए। इसके बाद उन्हें सरकारी गाड़ी से उनके घर तक छुड़वाया गया।
डीसी ने कहा कि हमें अपने बुजुर्गाें का सर्वोच्च सम्मान करना चाहिए। उनके पास डीसी की कुर्सी थी, जिसके लिए सर्वोच्च सम्मान सांकेतिक तौर पर एक दिन के लिए बुजुर्ग शिवशरण जी को इस पर बैठाया गया। हम सभी को बुजुर्गों का सम्मान करना चाहिए। अधिकारियों को चाहिए की कार्यालय में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति विशेषकर बुजुर्गों की प्राथमिकता के आधार पर समस्या सुनें और मानवता का परिचय देते हुए शीघ्र - अतिशीघ्र उनकी समस्या का समाधान करें, यही बुजुर्गों के चरणों में सच्चा नमन है।