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'आप' में नहीं छटी गुटबाजी की धुंध, आपसी खींचतान और बढ़ने के आसार

Mon, 13 Nov 2017 09:16 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 13 Nov 2017 09:16 AM IST
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Internal clash in aam aadmi party punjab
- फोटो : File Photo
आम आदमी पार्टी में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। अब नगर निगमों और काउंसिलों के चुनाव आने वाले हैं। उनमें गुटबाजी और बढ़ने के आसार हैं। आप की पंजाब इकाई में पिछले दिनों गुटबाजी खुल कर सामने आ गई थी। जब छह विधायकों ने अदालत द्वारा नशा तस्करी के मामले में सम्मन जारी किए जाने के बाद सुखपाल खैरा को नेता प्रतिपक्ष पद से इस्तीफा देने को कह दिया था। 
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माना जाता है कि दिल्ली के नेताओं की लॉबी की शह पर खैरा का इस्तीफा मांगा गया था, क्योंकि तेजतर्रार खैरा इस लॉबी को रास नहीं आ रहे थे। हालांकि, बाकी विधायक खैरा के साथ आ गए थे। इसके बाद खैरा ने अपना शक्ति प्रदर्शन किया, लेकिन चार विधायक उसमें भी नहीं पहुंचे थे। ऊपरी तौर पर खैरा न यह संदेश देने की कोशिश की कि सब कुछ ठीक है। इसी बीच एक और विवाद हो गया। दिल्ली में जबरदस्त धुंध छा गया। इसी दौरान खैरा का एक पुराना विडियो वायरल हो गया, जिसमें वे विरोध स्वरूप किसानों के साथ पराली जला रहे हैं। हालांकि यह सांकेतिक था, लेकिन पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने खुलेआम इसके लिए खैरा को गलत ठहरा दिया।
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इसके बाद खैरा ने एक चैनल के कार्यक्रम फिर कहा कि अगर दोबारा जरूरत पड़ी तो वह किसानों के साथ मिल कर फिर पराली जलाएंगे। यह वही चैनल है, जिसका आप ने बायकॉट कर रखा है। पार्टी का कोई भी प्रवक्ता उस चैनल पर नहीं जाता है, लेकिन खैरा उसके कार्यक्रम में शामिल हुए। अब पार्टी की खींचतान और बढ़ने जा रही है। नगर निगम और काउंसिलों केचुनाव सिर पर हैं। लुधियाना नगर निगम चुनाव के लिए आप की साझीदार लोक इंसाफ पार्टी ने सभी सीटों पर दावा ठोंक दिया है। बैंस ब्रदर्स का कहना है कि लुधियाना में वे ही सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेंगे। 
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बाहरियों को टिकट देने का मुद्दा उठा

Internal clash in aam aadmi party punjab
arvind kejriwal - फोटो : File Photo
दिलचस्प बात यह है कि खैरा अंदरखाते उनकी हिमायत कर रहे हैं। हाल ही में जब आप विधायकों ने खैरा का इस्तीफा मांगा था तो सिमरजीत बैंस खुलकर खैरा की हिमायत में आ गए थे। अब खैरा उनकी हिमायत कर रहे हैं, लेकिन पंजाब के बाकी नेता इसके लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि समझौता तो हो सकता है, लेकिन यह संभव नहीं है कि पार्टी वहां पर चुनाव ही न लड़े।

बाहरियों को टिकट देने का मुद्दा उठा
नगर निगम और काउंसिल चुनाव से पहले ही आम आदमी पार्टी में बाहरी लोगों को टिकट देने का मुद्दा उठना शुरू हो गया। वॉलंटियर्स की मांग है कि दूसरी पार्टियों से आने वाले लोगों को टिकट न दिया जाए। पार्टी वॉलंटियर्स को ही तरजीह दी जाए। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों दिल्ली में हुई नेशनल काउंसिल की मीटिंग में भी यह मुद्दा उठा। पंजाब से गए कुछ नेताओं ने यह मांग रखी थी। शुरुआत में आप इसी सिद्धांत को लेकर चल रही थी। लेकिन विधानसभा चुनाव से ऐन पहले आप ने दूसरी पार्टियों से आए बहुत से लोगों को टिकट दिया था। पंजाब के सह-प्रधान अमन अरोड़ा भी उनमें से एक हैं।
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