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हरियाणा: शिक्षामंत्री की बेटी की IAS में सिफारिश वाली सूची पर रोक

Tue, 05 Dec 2017 07:25 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 05 Dec 2017 07:25 PM IST
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Interim stay on recommendation list in IAS cadre of daughter of Haryana Education Minister
Minister Ram Bilas Sharma - फोटो : File Photo
हरियाणा सरकार की ओर से नॉन स्टेट सिविल सर्विसेज आफिसर्स कैडर से पांच आवेदकों में से एक को आईएएस कैडर में पदोन्नति की लिस्ट जारी करने पर केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने अंतरिम रोक लगा दी है। इस लिस्ट में राज्य के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा की बेटी आशा शर्मा का नाम टॉप पर था। इसे हरियाणा सरकार ने पिछले साल यूपीएससी को भेजा था। वहीं, ट्रिब्यूनल ने प्रतिवादी बनाए गए मुख्य सचिव हरियाणा और आशा शर्मा को 20 दिसंबर को जवाब दाखिल करने को कहा है।
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हरियाणा के कृषि विभाग में बतौर अतिरिक्त निदेशक कार्यरत सोनीपत निवासी सुरेंद सिंह दहिया (50 वर्ष) ने ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की है। उन्होंने ट्रिब्यूनल से अपील की है कि हरियाणा सरकार की ओर से नियुक्ति के लिए स्क्रीनिंग कमेटी की सिफारिशों को अलग रखा जाए और यूपीएससी को चयनित उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने से रोकने के आदेश दिए जाएं।
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इसके पीछे उन्होंने मुख्य तर्क यह दिया था कि, जिस प्रतिभागी मेडिकल आफिसर आशा शर्मा को सूची में टॉप पर रखा गया है, वह प्रदेश के शिक्षामंत्री राम बिलास शर्मा की बेटी है। साथ ही वह इस पद के योग्य नहीं है। इसके अलावा भर्ती संबंधी आईएएस विनियम, 1997 के नियमों और विनियमों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में उत्कृष्ट रिकार्ड न होने के आधार पर उचित पात्रता और योग्यता के मानदंडों को अर्हता प्राप्त नहीं करती है। इसके बावजूद नियुक्ति के लिए चयन समिति ने उसके नाम की सिफारिश की थी। साथ ही इस कार्य अवधि में वह कई बार मेडिकल लीव पर भी रही हैं।
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वहीं, दूसरी ओर याचिकाकर्ता दहिया का दावा है कि उन्होंने हरियाणा/जिला प्रशासन की 25 से ज्यादा प्रकाशनों और चार प्रशंसा पत्र के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए जारी किए हैं। उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ नौ प्रशिक्षण भी किए हैं। याचिकाकर्ता का पक्ष सुनने के बाद ट्रिब्यूनल की चंडीगढ़ बेंच ने सोमवार को अंतरिम आदेश जारी करते हुए गैर-राज्य सिविल सेवा के बीच आईएएस की एक सीट भरने के लिए यूपीएससी को भेजे पांच नामों की सिफारिश पर अंतरिम रोक लगा दी है। साथ ही अंतिम चयन सूची को अंतिम रूप देने के लिए यूपीएससी को प्रतिबंधित किया है। ट्रिब्यूनल ने हरियाणा के मुख्य सचिव और यूपीएससी को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।
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