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चंडीगढ़ः सांसद किरण खेर के कार्यालय का घेराव करने जा रहे कर्मियों को वाटर कैनन से खदेड़ा
Sat, 12 Oct 2019 01:02 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 12 Oct 2019 01:02 PM IST
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इंटक कर्मियों का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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चंडीगढ़ से भाजपा सांसद किरण खेर के सेक्टर 8 स्थित कार्यालय का घेराव करने जा रहे कर्मचारियों पर पुलिस ने जमकर पानी की बौछारें की गई। इसमें कई कर्मचारी चोटिल हो गए। अपनी मांगों के समर्थन में कर्मचारी सेक्टर 17 के लोकल बस अड्डा के नजदीक इंटक और चंडीगढ़ सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज फेडरेशन की ओर से रैली की गई।
रैली के बाद कर्मचारी किरण खेर के कार्यालय के घेराव के लिए पैदल मार्च शुरू कर दिया। लोकल बस अड्डा से शुरू हुआ मार्च सेक्टर 17 थाने से होते हुए नीलम सिनेमा के पीछे की सड़क पर पहुंचा। यहां पर पुलिस ने कर्मचारियों को रोकने के लिए बेरिकेड लगा रखा था। कर्मचारियों ने बेरिकेड पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने पानी की बौछार शुरू कर दी। इसमें चोटिल होने के बाद भी कर्मचारी डटे रहे।
घायल कर्मचारियों में सुरिंदर, रंजीत मिश्रा, राकेश कुमार, प्रेम और जस्सी समेत अन्य शामिल हैं। इंटक प्रदेश अध्यक्ष नसीब जाखड़ ने कहा कि सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन कर्मचारियों और मजदूरों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उनका शोषण हो रहा है। आउटसोर्स पर रखे गण कर्मचारियों के लिए सिक्योर पॉलिसी नहीं है। दस से पंद्रह साल नौकरी करने के बाद भी बिना नोटिस के निकाल दिया जाता है।
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कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की कोई पॉलिसी सरकार नहीं बना रही है। नसीब जाखड़ ने कहा कि इन सभी समस्याओं का हल करवाने के लिए इंटक चंडीगढ़ की ओर से गवर्नर समेत सभी विभागों के एचओडी को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन वार्ता के लिए अभी नहीं बुलाया गया। अगर अब भी मजदूरों और कर्मचारियों की मांगों का कोई हल नहीं निकला तो 23 अक्तूबर को प्रशासन का पुतला फूंका जाएगा।
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रैली के बाद कर्मचारी किरण खेर के कार्यालय के घेराव के लिए पैदल मार्च शुरू कर दिया। लोकल बस अड्डा से शुरू हुआ मार्च सेक्टर 17 थाने से होते हुए नीलम सिनेमा के पीछे की सड़क पर पहुंचा। यहां पर पुलिस ने कर्मचारियों को रोकने के लिए बेरिकेड लगा रखा था। कर्मचारियों ने बेरिकेड पार करने की कोशिश की तो पुलिस ने पानी की बौछार शुरू कर दी। इसमें चोटिल होने के बाद भी कर्मचारी डटे रहे।
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घायल कर्मचारियों में सुरिंदर, रंजीत मिश्रा, राकेश कुमार, प्रेम और जस्सी समेत अन्य शामिल हैं। इंटक प्रदेश अध्यक्ष नसीब जाखड़ ने कहा कि सरकार और चंडीगढ़ प्रशासन कर्मचारियों और मजदूरों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। उनका शोषण हो रहा है। आउटसोर्स पर रखे गण कर्मचारियों के लिए सिक्योर पॉलिसी नहीं है। दस से पंद्रह साल नौकरी करने के बाद भी बिना नोटिस के निकाल दिया जाता है।
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कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की कोई पॉलिसी सरकार नहीं बना रही है। नसीब जाखड़ ने कहा कि इन सभी समस्याओं का हल करवाने के लिए इंटक चंडीगढ़ की ओर से गवर्नर समेत सभी विभागों के एचओडी को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन वार्ता के लिए अभी नहीं बुलाया गया। अगर अब भी मजदूरों और कर्मचारियों की मांगों का कोई हल नहीं निकला तो 23 अक्तूबर को प्रशासन का पुतला फूंका जाएगा।