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बीमा कंपनी को 39.98 लाख रुपये क्लेम देने का निर्देश
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चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग-एक चंडीगढ़ ने द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को बीमा क्लेम की राशि 39 लाख 98 हजार रुपये दे। इस राशि पर नौ प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज भी अदा करना होगा। इसके अलावा एक लाख रुपये मुआवजा और 50 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा।
शिकायतकर्ता सेक्टर-36 निवासी गुरसिमरन सिंह वालिया ने मुंबई के द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के चेयरमैन सह मैनेजिंग डायरेक्टर, चंडीगढ़ के उप महाप्रबंधक और पटियाला के डिवीजनल ऑफिस के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी।
गुरसिमरन सिंह वालिया ने शिकायत में बताया कि उन्होंने साल 2019 के मई महीने में एक सेकेंड हैंड ऑडी कार खरीदी। इसका एक नवंबर 2018 से 31 अक्तूबर 2019 तक की अवधि के लिए विधिवत बीमा किया गया था और उसे वही मिला। कार उनके नाम पर ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 29 मई 2019 से 31 अक्तूबर 2019 तक की शेष अवधि के लिए अपने नाम पर पॉलिसी ट्रांसफर करवा ली।
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उन्होंने कहा कि पटियाला से चंडीगढ़ आने के दौरान 6 अक्तूबर 2019 को कार में आग लग गई और वह पूरी तरह से जल गई। इस संबंध में डीडीआर दर्ज करवाया और बीमा कंपनी को सात अक्तूबर को जानकारी दी। बीमा कंपनी ने सर्वेयर नियुक्त किया। सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद भी कंपनी ने बीमा क्लेम नहीं दिया। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। बीमा कंपनी ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं की है।
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शिकायतकर्ता सेक्टर-36 निवासी गुरसिमरन सिंह वालिया ने मुंबई के द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के चेयरमैन सह मैनेजिंग डायरेक्टर, चंडीगढ़ के उप महाप्रबंधक और पटियाला के डिवीजनल ऑफिस के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी।
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गुरसिमरन सिंह वालिया ने शिकायत में बताया कि उन्होंने साल 2019 के मई महीने में एक सेकेंड हैंड ऑडी कार खरीदी। इसका एक नवंबर 2018 से 31 अक्तूबर 2019 तक की अवधि के लिए विधिवत बीमा किया गया था और उसे वही मिला। कार उनके नाम पर ट्रांसफर कर दी गई। इसके बाद शिकायतकर्ता ने 29 मई 2019 से 31 अक्तूबर 2019 तक की शेष अवधि के लिए अपने नाम पर पॉलिसी ट्रांसफर करवा ली।
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उन्होंने कहा कि पटियाला से चंडीगढ़ आने के दौरान 6 अक्तूबर 2019 को कार में आग लग गई और वह पूरी तरह से जल गई। इस संबंध में डीडीआर दर्ज करवाया और बीमा कंपनी को सात अक्तूबर को जानकारी दी। बीमा कंपनी ने सर्वेयर नियुक्त किया। सर्वेयर की रिपोर्ट के बाद भी कंपनी ने बीमा क्लेम नहीं दिया। इस संबंध में शिकायतकर्ता ने बीमा कंपनी को कानूनी नोटिस भी भेजा लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। बीमा कंपनी ने जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्होंने सेवा में कोई कोताही नहीं की है।