नेकचंद का जन्मदिवस: प्रेरित होकर काला राम ने तैयार किया मिनी रॉक गार्डन , कभी यहां था कूड़े का ढेर
नेकचंद ने चंडीगढ़ में रॉक गार्डन का निर्माण किया था। उनकी रियल स्टोरी ने कई लोगों को प्रेरित किया। इन्हीं में से एक व्यक्ति हैं काला राम। नेकचंद से प्रेरित होकर काला राम ने अपने रॉक गार्डन में पौधा लगाया था। कभी यहां कूड़े का ढेर था लेकिन अब यहां का कायाकल्प हो गया है।
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कोई सोच भी नहीं सकता जहां कभी कूड़े का ढेर था वहा अब ऐसा गार्डन तैयार हो चुका है, जिसमें न केवल खूबसूरत पौधे लगे हैं बल्कि टूटे-फूटे टॉयलेट कम्बोड, मूर्तियां, पुरानी ट्यूब लाइट्स, कपड़े धोने के टब वहां की शोभा बढ़ा रहे हैं। अब तो आलम यह है कि कूड़ा फेंकने आने वाले ट्रॉली ड्राइवर कहते हैं कि उनको तो महसूस ही नहीं होता कि वे कूड़ा फेंकने आए हैं। फूलों की खुशबू और टूटी चीज से बनी कलाकृतियों को देखकर उनका मन खुश हो जाता है।
1987 में शुरू किया था रॉक प्लस गार्डन
सहज सफाई केंद्र के सफाईकर्मी काला राम ने 1987 में अपनी ज्वाइनिंग के साथ ही यह कार्य शुरू कर दिया था। जहां कूड़े का ढेर लगा होता था अब वहां हरियाली और कलाकृतियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। अब तो इसे लोग मिनी रॉक गार्डन तक कहने लगे हैं।
नेकचंद से प्रभावित काला राम अपने रूटीन कार्य से फ्री होकर और दोपहर को लंच के समय इसे देखते हैं। 2023 में रिटायर होने वाले कालाराम को चिंता इस बात की है कि जिस मिनी रॉक गार्डन को उन्होंने अपने खून पसीने से सींचा है, उनकी रिटायरमेंट के बाद उसका क्या होगा। कहीं फिर वो कूड़े के ढेर में तो नहीं तब्दील हो जाएगा। इस कार्य के लिए उन्हें गवर्नर से इनाम भी मिल चुका है।