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ऐसा गोल्फर जिसने कैंसर होते हुए जीती थी ट्राफी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 07 Apr 2015 05:17 PM IST
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समरवीर सिंह साही चंडीगढ़ के ऐसे प्रतिभाशाली गोल्फर थे, जिन्होंने कैंसर से जूझते हुए टूर्नामेंट में जीती थी ट्राफी। उनकी याद में सन 2000 में समरवीर सिंह साही अमेच्योर गोल्फ टूर्नामेंट की शुरूआत की गई थी। चार दिवसीय गोल्फ टूर्नामेंट मंगलवार को चंडीगढ़ गोल्फ में शुरू होगा।
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समरवीर सिंह साही ने चंडीगढ़ गोल्फ कोर्स से 1980 के दशक में गोल्फ की एबीसीडी शुरू की। जीव मिल्खा सिंह, हरमीत काहलों और अमनदीप जोहल ने एक साथ गोल्फ सीखी। सेंट जोंस स्कूल में पढ़े। इसके बाद डीपीएस दिल्ली और उसके बाद पढ़ाई के लिए 1989 में अमेरिका चले गए। वहां पर एलबाईट कॉलेज में दाखिला लिया।
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बेहतरीन गोल्फ प्रतिभा के कारण एलबाईट कॉलेज की टीम के कप्तान भी बने। यहीं खेलते हुए 1992 में समरवीर सिंह को मोस्ट आउट स्टेडिंग गोल्फ ट्राफी से भी नवाजा गया। 1992 में गले में प्रॉब्लम की वजह से वाशिंगटन स्थित हॉस्पिटल में इलाज के लिए गए। वहां समरवीर सिंह के कैंसर पुष्टि हुई। इसके बाद देश में आकर इलाज करवाया।
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कुछ दिन स्वस्थ लाभ लेने के बाद एक बार फिर से गोल्फ कोर्स में उतरते और सन 1993 में प्रो-ट्राफी जीती। इसी बीच उनकी कीमोथरेपी चलती रही। आखिर 1994 में वह चल बसे। गोल्फ में उपलब्धियों के कारण एलबाईट कॉलेज में समरवीर सिंह की याद में हर साल समरवीर साही स्कॉलरशिप दी जा रही है।
बेटे पर आज भी गर्व
समरवीर सिंह के पिता सेक्टर 11 में रहते है और पंजाब कैडर में आईएस ऑफिसर रह चुके है। उन्होंने बताया कि मुझे बेटे पर नाज है। आईजीयू के शेड्यूल की प्रॉब्लम के कारण पिछले तीन साल से यह टूर्नामेंट नही हुआ था। अब फिर से आईजीयू इसे शुरू कर रहा है। वह इसे फ्री करवाने के साथ विभिन्न वर्ग में जीतने वालों को ट्राफी भी देगा।
साही के साथ चंडीगढ़ गोल्फ क्लब में गोल्फ की शुरूआत करने वाले उनके दोस्त अमनदीप जोहल के जहन में आज भी उन दिनों की यादें ताजा हैं। अमनदीप ने कहा जब 1980 में खेलना शुरू किया था तो यहां पर 12 होल का गोल्फ कोर्स हुआ करता था।