'एमएसजी' को लेकर इनसो का चौंकाने वाला ऐलान
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सिरसा डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मूवी 'एमएसजी' को लेकर इनसो ने चौंकाने वाला ऐलान किया है। इनसो ने ऐलान किया कि डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम की फिल्म ‘एमएसजी-द मेसेंजर ऑफ गॉड’ को नहीं चलने देंगे। इनेलो के छात्र संगठन का आरोप है कि इस फिल्म के जरिए काले धन को सफेद धन में बदलने की कोशिश की गई है।
संगठन प्रदेशाध्यक्ष प्रदीप देशवाल ने आरोप लगाया है कि कार्यकर्ता इस फिल्म के विरोध में आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। सभी जिला इकाइयों को इस संबंध में सूचना भेज दी गई है कि बाबा की फिल्म प्रदेश के किसी भी सिनेमा घर में नहीं चलने दी जाए।
एमएसजी के पोस्टर को आग लगाने की कोशिश
डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह की फिल्म मेसेंजर आफ गाड को लेकर डेरा प्रेमियों व सिख श्रद्धालुओं में टकराव के आसार बने हुए हैं। बाघापुराना सब डिवीजन के गांव चीदा में एमएसजी के पोस्टर फाड़ने के कारण तनाव का माहौल है।
दूसरी तरफ सिख जत्थेबंदियों ने कस्बा समालसर के गुरुद्वारा साहिब में मीटिंग कर इस फिल्म पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग करने के अलावा फिल्म के विरोध में गांवों में लामबंदी का फैसला किया है। गांव चीदा में शुक्रवार देर रात को फिल्म एमएसजी के पोस्टर को आग लगाने की कोशिश की गई।
इस घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में प्रेमी एकत्रित हो गए। डीएसपी (डी) मोगा गुरमीत सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस भी मौके पर पहुंची और डेरा प्रेमियों को शांत किया। यह पोस्टर दूध डेयरी का काम करते डेरा प्रेमी बेअंत सिंह की इमारत पर लगा था। थाना समालसर प्रमुख दर्शन सिंह ने कहा कि किसी को माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
सिखों ने की मूवी पर प्रतिबंध की मांग
दूसरी तरफ जिले के कस्बा समालसर में मक्खण सिंह मुसाफिर, देविंदर सिंह हरीएवाला और बलतेज सिंह दद्दाहूर आदि सिख जत्थेबंदी के नेताओं ने गुरुद्वारा साहिब में बैठक कर डेरा प्रमुख की फिल्म एमएसजी पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग की। सिख संगत ने कहा कि पंजाब के शांत माहौल को खराब करने के लिए सरकार खुद शह दे रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कौम के हीरे और हमारा हक फिल्म पर तो पाबंदी लगा दी थी तो इस फिल्म पर क्यों पाबंदी नहीं लगाई जा रही। इस मौके पर सिख संगत ने यह भी चेतावनी दी कि इस फिल्म का विरोध करने वाले सिख नौजवानों खिलाफ दर्ज किए झूठे केस रद्द करने की मांग की।
उन्होंने चेताया कि पंजाब के शांत माहौल को खराब करन वाला यह फिल्म किसी भी कीमत पर रिलीज नहीं होने दी जाएगी। बाघापुराना के कार्यकारी डीएसपी गुरमीत सिंह ने बताया कि फिल्म के कारण पैदा हुए संकट से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह चौकस है। उन्होंने कहा कि थाना प्रमुख को अपने हलके में 24 घंटे की गश्त और शरारती और हालात पर नजर रखने की हिदायतें दी गई हैं।