फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   inquiry order against Regional Passport Officer

क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी के खिलाफ जांच के आदेश

Fri, 12 Feb 2016 01:07 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 12 Feb 2016 01:07 AM IST
विज्ञापन
inquiry order against Regional Passport Officer

पासपोर्ट रिन्यू से जुड़े एक मामले में पब्लिक रिकार्ड नष्ट करने के आरोप में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (आरपीओ) राकेश अग्रवाल के खिलाफ जिला अदालत में दायर एक आपराधिक शिकायत पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने सेक्टर-34 थाना पुलिस को आरपीओ के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं।

विज्ञापन


साथ ही थाना पुलिस को 22 मार्च तक इसकी रिपोर्ट देने को कहा है। मामले में शिकायतकर्ता सेक्टर-49 निवासी मुनीष पराशर हैं। कोर्ट से उन्होंने मांग की थी कि पुलिस को आरपीओ के खिलाफ धोखाधड़ी व सबूत मिटाने, गलत जानकारी देने की धाराओं में केस दर्ज करने के आदेश दिए जाएं।
विज्ञापन


शिकायतकर्ता ने कोर्ट से कहा था कि उनका कारोबार के सिलसिले में नियमित तौर पर यूएसए जाना होता था। उन्होंने नवंबर 2012 में पासपोर्ट रिन्यू करवाया था। उनका पासपोर्ट 20 नवंबर 2022 तक के लिए रिन्यू हुआ था। उनका कहना था कि उनके ससुर रिटायर्ड आईएएस हैं और चंडीगढ़ में तैनात आरपीओ राकेश अग्रवाल की उनसे अच्छी जान-पहचान है। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2013 में उनका ससुराल वालों से कुछ पारिवारिक विवाद हो गया। इसके बाद से उनकी पत्नी अपने माता-पिता से अलग रहने लगी। इससे पहले वह मोहाली स्थित मायके में ही रह रहीं थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उनके अनुसार उनके रिश्ते तनावपूर्ण होने का कारण यह था कि उन्होंने अपने साले के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। इसके बाद से वह उनके ससुराल पक्ष के लोग उनसे बैर रखने लगे। आरोप के अनुसार इसी कारण उनके ससुर ने आरपीओ से नजदीकी होने का फायदा उठाते हुए उन पर दबाव डाला। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उनके ससुर के साथ मिलकर साजिशन आरपीओ ने उन्हें बिना कारण बताए पासपोर्ट सरेंडर करने को कहा।

अग्रवाल ने गैरकानूनी तरीके से दबाव डालते हुए उनके विदेश यात्रा के संवैधानिक अधिकार को रोकते हुए पासपोर्ट समर्पण करने को कहा।

सितंबर 2015 को मुनीष ने पासपोर्ट से संबंधित दस्तावेज हासिल करने के लिए कार्यालय में आरटीआई डाली। इसमें राकेश अग्रवाल सेंट्रल पब्लिक इंफार्मेशन अफसर (सीपीआईओ) थे। उन्होंने उनसे अपनी फाइल की जांच करने की अपील की थी। इस पर सीपीआईओ की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया कि फाइल की फिजिकल इंस्पेक्शन करना संभव नहीं है, क्योंकि उनकी फाइल मिनिस्ट्री के आदेश पर एक साल बाद नष्ट कर दी गई है।


इस पर मुनीष ने जिला अदालत में आपराधिक शिकायत दायर की। इसमें उनकी ओर से कहा गया है कि, ‘अपने गलत काम को छिपाने के लिए आरपीओ ने पब्लिक रिकार्ड नष्ट किया है’। यह एक तरह से आपराधिक मामला है। वहीं मुनीष की ओर से मामले की शिकायत भारत सरकार के सेक्रेटरी, विदेश मंत्रालय और विशेष सचिव से राकेश अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed