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Chandigarh News: नाभा जेल के कैदियों ने भूख हड़ताल की, सुपरिंटेंडेंट पर लगाए गंभीर आरोप
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पटियाला। पंजाब की नाभा स्थित खुली खेतीबाड़ी जेल में करीब 33 अच्छे आचरण वाले कैदियों ने जेल सुपरिंटेंडेंट सुच्चा सिंह के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू कर दी। कैदियों का आरोप है कि सुपरिंटेंडेंट ने उनकी रिहाई संबंधी फाइलें उच्चाधिकारियों तक नहीं भेजीं और उनके साथ गलत भाषा व धमकियां की गईं।
कैदियों का कहना है कि 26 जनवरी को उनकी कैद में कटौती होनी थी, लेकिन विभागीय कार्रवाई में रुकावटें पैदा की गईं। इसके अलावा, सुपरिंटेंडेंट द्वारा पुलिस पड़ताल दोबारा कराने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया। मानवाधिकार आयोग में शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई न होने पर कैदियों को भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे डीआईजी दलजीत राणा ने कैदियों से सीधे मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। डीआईजी ने उच्च अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद कैदियों ने भरोसे पर अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
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हालांकि, कैदियों का कहना है कि सुपरिंटेंडेंट के तबादले तक उनका विरोध जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संपूर्ण जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने नाभा जेल प्रशासन में उपयुक्त निगरानी और कैदियों के अधिकारों की पालना को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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कैदियों का कहना है कि 26 जनवरी को उनकी कैद में कटौती होनी थी, लेकिन विभागीय कार्रवाई में रुकावटें पैदा की गईं। इसके अलावा, सुपरिंटेंडेंट द्वारा पुलिस पड़ताल दोबारा कराने की धमकी देने का आरोप भी लगाया गया। मानवाधिकार आयोग में शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई न होने पर कैदियों को भूख हड़ताल पर बैठना पड़ा।
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सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे डीआईजी दलजीत राणा ने कैदियों से सीधे मुलाकात की और उनकी समस्याओं को सुना। डीआईजी ने उच्च अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद कैदियों ने भरोसे पर अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।
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हालांकि, कैदियों का कहना है कि सुपरिंटेंडेंट के तबादले तक उनका विरोध जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि मामले की संपूर्ण जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने नाभा जेल प्रशासन में उपयुक्त निगरानी और कैदियों के अधिकारों की पालना को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।