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एलपीयू हिंसा मामले में बड़ा खुलासा: जम्मू-कश्मीर के तीन छात्रों समेत 40 की पहचान, चार आरोपी गिरफ्तार

Thu, 01 Oct 2026 08:57 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर
अमर उजाला ब्यूरो, जालंधर Published by: शाहिल शर्मा Updated Thu, 01 Oct 2026 08:57 PM IST
सार

एलपीयू हिंसा मामले में पुलिस ने जम्मू कश्मीर के तीन छात्रों समेत 40 की पहचान की है। इनमें एक छात्र आंध्र प्रदेश का है। जम्मू-कश्मीर के एक युवक समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक कुल चार गिरफ्तार हुए हैं।

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40 accused identified in LPU violence case
एलपीयू हिंसा मामला - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) में हुई हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट के मामले में पुलिस ने जम्मू कश्मीर के तीन छात्रों समेत 40 की पहचान की है। इनमें एक छात्र आंध्र प्रदेश का है। जम्मू-कश्मीर के एक युवक समेत तीन को गिरफ्तार कर लिया है। अब तक कुल चार गिरफ्तार हुए हैं जबकि पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है।
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पहचाने गए छात्रों में कुछ वर्तमान विद्यार्थी हैं, जबकि कई पूर्व विद्यार्थी हैं। ये पूर्व विद्यार्थी एलपीयू के लॉ गेट के पास बने पीजी में रह रहे थे। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से सभी की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस जम्मू-कश्मीर से एक छात्र को गिरफ्तार कर फगवाड़ा लाई है। दो अन्य जम्मू-कश्मीर के छात्रों की तलाश के लिए पुलिस टीम भेजी गई है। गिरफ्तार युवक को अदालत में पेश किया जाएगा। 
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बुधवार को फगवाड़ा के टिब्बी मोहल्ला निवासी गगन, जेम्स दहिया और अभि को गिरफ्तार किया गया। जेम्स दहिया एलपीयू का छात्र है, जबकि गगन डोमिनोज के लिए पिज्जा वितरण का काम करता था। तीनों को अदालत में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस इससे पहले साहिल नाम के एक युवक को गिरफ्तार कर चुकी है। साहिल के हाथ में छड़ थी और वह दुकानों में तोड़फोड़ करने वालों के साथ घूम रहा था।
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पुलिस ने पांच अन्य युवकों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक के नाबालिग होने की बात सामने आई है। पुलिस इनसे भी हिंसा और तोड़फोड़ में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर रही है। लुधियाना के एक छात्र को एलपीयू प्रबंधन ने आरोपी बताया था। पुलिस जांच में सामने आया कि बवाल के समय वह अपने घर पर था। उसके घर के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन से इसकी पुष्टि हुई है। पुलिस फिलहाल उसे जांच के दायरे में रखकर उसकी भूमिका की पड़ताल कर रही है।

26 सितंबर की रात को हुआ था हंगामा
26 सितंबर की रात एलपीयू हॉस्टल में छात्रा से दुष्कर्म की सूचना सोशल मीडिया पर फैली थी। यह सूचना फैलने के बाद ही कैंपस में बवाल शुरू हुआ था। इसके बाद कैंपस में तोड़फोड़ और यूनि मॉल की दुकानों में लूटपाट हुई। प्रदर्शनकारियों ने जालंधर-फगवाड़ा मार्ग पर एनएच-44 को जाम कर दिया था। यह जाम 18 घंटे से अधिक समय तक लगा रहा। गिरफ्तार गगन के मामा ने पुलिस पर जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया। परिजनों के अनुसार गगन एक दिन से लापता था और उसने पेशी से पहले फोन पर गिरफ्तारी की जानकारी दी। परिवार के मुताबिक वह करीब डेढ़ महीने पहले ही डोमिनोज में नौकरी पर लगा था।

पंजाब में लग रहा डर: कुलपति अशोक मित्तल
एलपीयू के चांसलर और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने हिंसा पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें पंजाब में डर लग रहा है। उन्होंने पंजाब में नशाखोरी, गैंगस्टरवाद, स्नेचिंग और अपहरण जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। मित्तल के अनुसार चितकारा यूनिवर्सिटी और एलपीयू में हुई हिंसा का स्वरूप एक जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि रेडिट के जरिये अफवाहें फैलाकर छात्रों को भड़काया गया। कुछ बाहरी तत्वों ने मौके का फायदा उठाकर एलपीयू में तोड़फोड़ और चोरी की। मित्तल ने इसे पंजाब को डिस्टर्ब करने की साजिश बताया और मामले की जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पंजाब एक सीमावर्ती राज्य है और इसके पीछे जिम्मेदार लोगों को सामने लाया जाना चाहिए।
 
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