फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   INLD, Congress Forming Strategy to Win Haryana Assembly Elections 2019

हरियाणा में बदल गई कांग्रेस की भाषा, विधानसभा चुनाव 2019 से पहले नए समीकरणों की सुगबुगाहट

Fri, 07 Jun 2019 12:32 PM IST
खुशबू गोयल प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़
प्रवीण पाण्डेय/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 07 Jun 2019 12:32 PM IST
विज्ञापन
INLD, Congress Forming Strategy to Win Haryana Assembly Elections 2019
हरियाणा कांग्रेस सदस्य - फोटो : अमर उजाला

लोकसभा चुनाव के बाद हरियाणा में कांग्रेस की भाषा शैली बदल गई है और अब विधानसभा चुनाव से पहले नए समीकरण बनने की सुगबुगाहट है। दरअसल, इनेलो के धुर विरोधी रहे हुड्डा और चौटाला एक दूसरे की शान में कसीदे पढ़ रहे हैं। सूबे की राजनीति में हर समय कांग्रेस की खिलाफत करने वाले ओम प्रकाश चौटाला ने जहां दीपेंद्र की हार पर खेद जताया है, वहीं उनकी बात पर दो कदम आगे बढ़ते हुए पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ओम प्रकाश चौटाला के बच्चों को अपने बच्चों जैसा बताया है।

विज्ञापन


हुड्डा ने यहां कहा है कि दोनों परिवारों में राजनीतिक मतभेद भले ही हों, लेकिन मनभेद नहीं है। मेरे बच्चे चौटाला साहब के बच्चों जैसे हैं और उनके बच्चे मेरे बच्चों जैसे हैं। हुड्डा ने यह बयान उस बयान के बाद दिया जब चंद रोज पहले ओम प्रकाश चौटाला ने रोहतक में बयान दिया कि दीपेंद्र अच्छा लड़का था, उसका हारना गलत हो गया। उसके बाद पूर्व सीएम हुड्डा का भी इस बावत बयान आ चुका है कि इनेलो का विघटन शोभा नहीं देता है। जो हुआ वह अच्छा नहीं हुआ।
विज्ञापन


हुड्डा ने हरियाणा में बातचीत के दौरान महागठबंधन की संभावनाओं से भी इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में सारी संभावनाएं होती हैं। विधानसभा चुनाव तक अभी बहुत समय बाकी पड़ा है। ऐसे में तेल देखो और तेल की धार देखो।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है रणनीति

हरियाणा में पिछले कई दिनों से चौटाला परिवार और हुड्डा परिवार एक दूसरे की तारीफ करते नहीं थम रहा है। जबकि क्षेत्रीय दल होने के नाते इनेलो की यह विचारधारा है कि कांग्रेस का विरोध ही इनेलो का आधार है। ऐसे में कांग्रेसी परिवारों की तारीफ के पुल बांधने के पीछे की क्या रणनीति है। विधानसभा से पहले इसका भी खुलासा हो जाएगा।

संगठन की कमी को हार का कारण नहीं मानता
हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में संगठन की कमी को वे हार का कारण नहीं मानते हैं। हालांकि संगठन के न होने का थोड़ा बहुत असर अवश्य पड़ा है। उन्होंने भाजपा के पन्ना सम्मेलन को भी बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं बताया। साथ ही यह दावा किया कि विधानसभा तक अपना दम दिखा देंगे।

बादल परिवार से नजदीकी
इनेलो की बादल परिवार से नजदीकी का सवाल पूछने पर हुड्डा कहते हैं कि बादल परिवार से उनकी भी नजदीकी है, लेकिन अकाली दल पंजाब में भाजपा के साथ है, इस बात का जवाब किसी केपास नहीं है।

यूपी में गुल नहीं खिला सका गठबंधन
उत्तर प्रदेश में बुआ और बबुआ की भाजपा को हराने की कवायद सिरे नहीं चढ़ सकी। मायावती और अखिलेश का गठबंधन भी चुनाव पूरा होते ही अलग हो गया। ऐसे में हरियाणा में यदि महागठबंधन की बात चलती है तो किस आधार पर यह बातचीत आगे बढ़ेगी, यह देखना रोचक होगा, क्योंकि सभी दल इस समय एक दूसरे के धुर विरोधी हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed