नशा छुड़ाने के नाम पर युवाओं से अमानवीयता

आशीष वर्मा /अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 07 May 2014 11:37 AM IST
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Inhumanity with Youngers in De-Addiction Centers

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पंजाब के नशा मुक्ति केंद्रों की हालत ठीक नहीं है। प्राइवेट केंद्रों में नशा छुड़ाने की आड़ में युवकों को यातनाएं दी जा रही हैं। उन्हें पीट-पीटकर नशे से दूर रखा जा रहा है।
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इंडियन रेड क्रॉस से संचालित केंद्र में एक महीने में युवकों को नशे से आजादी दिलाई जा रही है, जबकि उसके विपरीत निजी केंद्रों में छह महीने तक युवकों को रखा जाता है।
मरीज इलाज से भी संतुष्ट नहीं है। ये हाल दोनों ही केंद्रों का है। ये खुलासे लुधियाना स्थित दयानंद मेडिकल कॉलेज एंड हास्पिटल (डीएमसी) के कम्युनिटी मेडिसिन डिपार्टमेंट की एक स्टडी में सामने आया है।
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बेड की बजाय जमीन पर सुलाया जाता है

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