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बुड़ैल जेल में महिला कैदियों को दी जाएगी कानूनी अधिकारों की जानकारी,राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने महिला कैदियों के लिए शुरू किया अभियान

Fri, 28 Aug 2020 11:33 PM IST
Panchkula Bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 11:33 PM IST
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Information legal rights women prisoners Budail Jail State Legal Services Authority started campaign women prisoners
चंडीगढ़। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने बुड़ैल जेल की महिला कैदियों और उनके साथ रह रहे बच्चों को कानूनी सेवाएं मुहैया करवाने के लिए अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य महिला कैदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है।
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इस समय बुडै़ल जेल में 45 महिला कैदी हैं, इनमें सात अंडर ट्रायल और 38 महिलाएं दोषी हैं। इस समय एक मां के साथ उसका बच्चा भी मॉडल जेल में रह रहा है। अभियान संबंधी पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सह कार्यपालक जसवंत सिंह ने कहा कि महिला कैदियों को लिंग के आधार पर कमजोर माना जाता है। अधिकांश महिला कैदियों में अपने अधिकारों के प्रति जागरूकता की कमी है।
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परिवार से अलग होने के कारण वह मानसिक बीमारी से भी ग्रस्त हैं। गर्भवती महिला कैदियों की सेहत और पोषण संबंधी जरूरतों के लिए खानपान बहुत महत्वपूर्ण है। यह हमेशा से देखा गया है कि जेलों में महिलाओं को आमतौर पर पुरुषों से ज्यादा स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं। जेलों में अधिकांश महिलाओं को अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी नहीं है। अभियान के तहत अंडर ट्रायल चल रही महिलाओं को उनकी स्थिति के बारे में अवगत करवाया जाएगा। प्रतिबंधित महिला कैदियों के मामले में उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जाएगी। उन्हें मामलों में अगली तारीख और जमानत के लिए आवेदन के प्रति भी जागरूक किया जाएगा।
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अभियान में शामिल होंगे मनोवैज्ञानिक और सरकारी डॉक्टर
इस अभियान के तहत गठित टीम में मनोवैज्ञानिक और सरकारी डॉक्टर भी शामिल होंगे। प्रत्येक महिला कैदी की जांच की जाएगी कि वह किसी मानसिक बीमारी से ग्रसित तो नहीं है। जांच करने के बाद पीड़ित महिलाओं के उपचार की भी पूरी व्यवस्था होगी। डॉक्टर की सलाह के अनुसार इलाज के लिए महिला कैदियों से समन्वय करके उचित कदम उठाए जाएंगे। बच्चों के अधिकारों के लिए उनका जन्म प्रमाण पत्र, बाल नामकरण किया जाएगा। बच्चों को सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। टीम के सदस्य महिला कैदियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रशिक्षण देंगे। यदि कोई महिला पढ़ना चाहती है तो उसे सुविधा प्रदान की जाएगी ताकि वह उच्च शिक्षा प्राप्त कर सके।
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