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विवाद: आईटीबीपी के आईजी ने हरियाणा पुलिस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
Sat, 18 Sep 2021 10:00 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 18 Sep 2021 10:00 AM IST
सार
आईजी एसबी शर्मा ने हाईकोर्ट में कहा कि वह महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर रहे हैं तथा उनका 34 वर्ष का शानदार सेवाकाल रहा है। राष्ट्रपति पदक, आतंकवाद विरोधी अभियान व शांति सेना का हिस्सा रहना उनकी उपलब्धियों से जुड़ा हुआ है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
संपत्ति विवाद के मामले में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के आईजी एसबी शर्मा ने हरियाणा पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने याचिका पर हरियाणा सरकार को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट कर दिया कि यदि याची को गिरफ्तार करना है तो पुलिस को उन्हें 15 दिन का नोटिस देना होगा।
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आईटीबीपी के आईजी तथा जोशीमठ स्थित पर्वतारोहण और स्कीइंग संस्थान के निदेशक एसबी शर्मा ने हाईकोर्ट को बताया कि उसकी मौसी पुष्पा अविवाहित है तथा याची ही उनकी देखभाल करता है। मौसी ने अपनी संपत्ति की पावर ऑफ अटॉर्नी याची को दी है। इसके चलते याची ने उस संपत्ति से अतिक्रमण हटाया था। इसके बाद उसकी मौसी के रिश्तेदारों ने याची पर अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर दर्ज मामले की जांच में शामिल होने के लिए वह दो बार जांच अधिकारी के पास पहुंचा, लेकिन उसे जांच में शामिल नहीं किया गया।
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हरियाणा पुलिस के जांच अधिकारी को लगाई फटकार
याची ने कहा कि वह महत्वपूर्ण पद पर कार्य कर रहे हैं तथा उनका 34 वर्ष का शानदार सेवाकाल रहा है। राष्ट्रपति पदक, आतंकवाद विरोधी अभियान व शांति सेना का हिस्सा रहना उनकी उपलब्धियों से जुड़ा हुआ है। शर्मा ने कहा कि जांच अधिकारी जान बूझ कर उन्हें प्रताड़ित कर रहा है और औपचारिक रूप से जांच में शामिल नहीं कर रहा है।
हाईकोर्ट ने इस पर जांच अधिकारी को फटकार लगाते हुए कहा कि आखिर क्यों औपचारिक रूप से याची को जांच में शामिल नहीं किया जा रहा है जबकि कोर्ट में बताया जाता है कि याची जांच में शामिल नहीं हो रहा है। हाईकोर्ट ने अब हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।