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सीमा पर घुसपैठ रोकने के लिए सरकार की बड़ी कार्रवाई, खड़ी की 'लेजर वॉल'
ब्यूरो/अमर उजाला, होशियारपुर
Updated Sun, 20 Nov 2016 01:10 AM IST
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- फोटो : File Photo
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एडीजी बीएसएसफ पश्चिमी कमान अरुण कुमार ने बताया कि पश्चिमी सीमा पर घुसपैठ को बंद करने के लिए पुल-पुलियों की मदद से सीमा पर पड़ते नदी नालों पर चौकसी के साथ-साथ बीएसएफ ने ऐसे स्थानों पर लेजर दीवारों खड़ी करनी शुरू कर दी हैं। कई जगहों पर यह लेजर दीवारें लगाई जा चुकी हैं। पश्चिमी सीमा पर नदी के अंतराल को भरने के लिए ऐसी और दीवारें लगाई जाएंगी।
एडीजी पश्चिमी कमान जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर खड़कां में बीएसएफ के उपप्रशिक्षण केंद्र में बैच 241 की पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि लेजर दीवारों को मुश्किल इलाकों में, जहां मैनुअल निगरानी प्रभावी रूप से संभव नहीं है और बाड़ रहित क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा रहा है। जल्दी ही ऐसी और लेजर दीवारें खड़ी की जाएंगी। उन्होंने बताया कि राफ्ट और नौकाओं के साथ निगरानी के अलावा जल निकायों में सीमा की निगरानी के लिए अन्य तकनीकी उपायों को भी अपनाया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जाएगा गया था कि पश्चिमी सीमा को पूरी तरह से किसी भी अंतराल को बंद कर पूरी तरह कवर की जाए।
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एडीजी पश्चिमी कमान जिला मुख्यालय से 14 किलोमीटर दूर खड़कां में बीएसएफ के उपप्रशिक्षण केंद्र में बैच 241 की पासिंग आउट परेड के मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि लेजर दीवारों को मुश्किल इलाकों में, जहां मैनुअल निगरानी प्रभावी रूप से संभव नहीं है और बाड़ रहित क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा रहा है। जल्दी ही ऐसी और लेजर दीवारें खड़ी की जाएंगी। उन्होंने बताया कि राफ्ट और नौकाओं के साथ निगरानी के अलावा जल निकायों में सीमा की निगरानी के लिए अन्य तकनीकी उपायों को भी अपनाया जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जाएगा गया था कि पश्चिमी सीमा को पूरी तरह से किसी भी अंतराल को बंद कर पूरी तरह कवर की जाए।
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एडीजी बीएसएसफ पश्चिमी कमान अरुण कुमार
बीएसएफ में किसी भी यंत्रीकृत बटालियन की शुरुआत के बारे में उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं है, लेकिन जवानों को घुसपैठ और सीमा पार से घुसपैठियों की सुविधा के लिए संघर्ष विराम का उल्लंघन करने से प्रयासों से निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण, स्नाइपर राइफल और अन्य आधुनिक हथियार दिए गए हैं। उनका कहना था कि संघर्ष विराम का उल्लंघन करने पर हर बार उन्हें करारा जवाब मिला है और यदि वे आगे भी ऐसा करते हैं तो हम अनुकूल जवाब देंगे।
सहायक सिखलाई केंद्र सीमा सुरक्षा बल खड़कां में बैच नंबर 241 के ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके 115 कांस्टेबल और 41 महिला कांस्टेबलों की पासिंग आउट परेड का एडीजी बीएसएफ अरुण कुमार ने निरीक्षण किया और परेड से सलामी ली। उन्होंने बताया कि आज की पासिंग आउट परेड में कुल 156 विद्यार्थियों ने ट्रेनिंग हासिल की है। इस अवसर पर आईपीएस आईजी बीएसएफ पंजाब फ्रंटीयर अनिल पालीवाल, उप डीआईजी ब्रिगेडियर अजय सिंह पवार, उपिंदर राए कमांडर, सेकेंड इन कमांडर विकास सुंदरियाल, चीफ मेडिकल अफसर डॉ. आरपी सूद, डिप्टी कमांडेंट डिंपल खारी, डीएस पनवर, आशु रंजन राए, विशाल, जोशी, सुरेश कौंडल, अरविंद बियाला, राहल सिंह, अमित सिंह, राकेश और मैनफूल उपस्थित थे।
सहायक सिखलाई केंद्र सीमा सुरक्षा बल खड़कां में बैच नंबर 241 के ट्रेनिंग प्राप्त कर चुके 115 कांस्टेबल और 41 महिला कांस्टेबलों की पासिंग आउट परेड का एडीजी बीएसएफ अरुण कुमार ने निरीक्षण किया और परेड से सलामी ली। उन्होंने बताया कि आज की पासिंग आउट परेड में कुल 156 विद्यार्थियों ने ट्रेनिंग हासिल की है। इस अवसर पर आईपीएस आईजी बीएसएफ पंजाब फ्रंटीयर अनिल पालीवाल, उप डीआईजी ब्रिगेडियर अजय सिंह पवार, उपिंदर राए कमांडर, सेकेंड इन कमांडर विकास सुंदरियाल, चीफ मेडिकल अफसर डॉ. आरपी सूद, डिप्टी कमांडेंट डिंपल खारी, डीएस पनवर, आशु रंजन राए, विशाल, जोशी, सुरेश कौंडल, अरविंद बियाला, राहल सिंह, अमित सिंह, राकेश और मैनफूल उपस्थित थे।