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बार्डर आंखों-देखी: सरकार ने शरणार्थी कैंप तो लगा दिए, लोग पहुंचे ही नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Sat, 01 Oct 2016 09:41 AM IST
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इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव
- फोटो : अमर उजाला
भारत सरकार द्वारा सीमा के साथ लगते 10 किमी रेंज के गांवों को खाली करवाने के आदेश के बाद लोगों के लिए शरणार्थी कैंप तो लगा दिए गए मगर वहां पर लोग ही नहीं पहुंचे।
राज्य सरकार के खास आदेश पर इन कैंपों में खाने-पीने, रहने-सोने, मेडिकल सुविधा तक की व्यवस्था की गई है। सुबह से ही सरकारी अमला इसके लिए तैयारियों में लगा रहा और कुछ ही घंटों में कैप तैयार कर लिए गए।
अमृतसर के तहसील अजनाला में भलापिंड शूगर मिल, गुरुद्वारा गुरु का बाग घूकेवाली, गुरुद्वारा जागो शहीद गांव ख्याला, आईटीआई लोपोके, हर्षा छीना स्टेडियम, आईटीआई अजनाला, सरकारी स्कूल ओठियां, गुरुद्वारा गुरुसर बराड़ मोदे, सरकारी स्कूल टपियाला और सरकारी कॉलेज अजनाला में कैंप लगाए गए हैं।
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अटारी तहसील में सरकारी सीनिसर सेकेंडरी स्कूल भकना, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल खासा, गुरुद्वारा गुरु की वडाली छेहर्टा, गुरुद्वारा बाबा दर्शन सिंह तथा गुरुद्वारा सन साहिब बासरके में कैंप लगाए गए हैं।
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राज्य सरकार के खास आदेश पर इन कैंपों में खाने-पीने, रहने-सोने, मेडिकल सुविधा तक की व्यवस्था की गई है। सुबह से ही सरकारी अमला इसके लिए तैयारियों में लगा रहा और कुछ ही घंटों में कैप तैयार कर लिए गए।
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अमृतसर के तहसील अजनाला में भलापिंड शूगर मिल, गुरुद्वारा गुरु का बाग घूकेवाली, गुरुद्वारा जागो शहीद गांव ख्याला, आईटीआई लोपोके, हर्षा छीना स्टेडियम, आईटीआई अजनाला, सरकारी स्कूल ओठियां, गुरुद्वारा गुरुसर बराड़ मोदे, सरकारी स्कूल टपियाला और सरकारी कॉलेज अजनाला में कैंप लगाए गए हैं।
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अटारी तहसील में सरकारी सीनिसर सेकेंडरी स्कूल भकना, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल खासा, गुरुद्वारा गुरु की वडाली छेहर्टा, गुरुद्वारा बाबा दर्शन सिंह तथा गुरुद्वारा सन साहिब बासरके में कैंप लगाए गए हैं।
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एक हजार से ज्यादा लोगों के ठहरने की व्यवस्था
इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव
- फोटो : अमर उजाला
भकना स्कूल में व्यवस्था करने के लिए तहसीलदार व कैंप के नोडल अफसर अमरजीत सिंह पहुंचे हुए थे। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में यहां पर 1,000 से अधिक लोगों के खाने-पीने, रहने व सेहत आदि की व्यवस्था की गई है।
गांव के सरपंच कश्मीर सिंह ने बताया कि लोगों के लिए व्यवस्था पूरी कर ली गई है मगर अभी तक यहां कोई नहीं आ सका है। इसी तरह से खासा स्कूल में दस गांवों के लोगों के लिए कैंप बनाया गया है।
उधर लोगों की परेशानियों के हल के लिए आज जिलाधीश अमृतसर वरूण रूजम एवं अतिरिक्त जिलाधीश तेजिंद्रपाल सिंह संधू ने अपनी टीम सहित सीमवर्ती गांवों का दौरा किया।
वे लोगों से मिले और अस्थायी रूप से कायम किए राहत कैंपों में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में उन्हें जानकारी दी। उनहोंने कहा कि कोई भी जरूरतमंद इन केंपों में आ सकता है जहां खाना,स्वासथ्य सुविधाओं के अतिरिक्त बिजली आदि का प्रबंध सरकार की ओर से किया गया।
गांव के सरपंच कश्मीर सिंह ने बताया कि लोगों के लिए व्यवस्था पूरी कर ली गई है मगर अभी तक यहां कोई नहीं आ सका है। इसी तरह से खासा स्कूल में दस गांवों के लोगों के लिए कैंप बनाया गया है।
उधर लोगों की परेशानियों के हल के लिए आज जिलाधीश अमृतसर वरूण रूजम एवं अतिरिक्त जिलाधीश तेजिंद्रपाल सिंह संधू ने अपनी टीम सहित सीमवर्ती गांवों का दौरा किया।
वे लोगों से मिले और अस्थायी रूप से कायम किए राहत कैंपों में दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में उन्हें जानकारी दी। उनहोंने कहा कि कोई भी जरूरतमंद इन केंपों में आ सकता है जहां खाना,स्वासथ्य सुविधाओं के अतिरिक्त बिजली आदि का प्रबंध सरकार की ओर से किया गया।
लोगों में किसी तरह की दहशत नहीं है
इंडो पाक बॉर्डर पर हाईअलर्ट के चलते लोगों ने छोड़ा गांव
- फोटो : अमर उजाला
जिलाधीश ने आज गांव जसतरवाल, कड़ियाल, डग्गतूत, शाहपुर, मोलोके, भिंडी सैदां, भिंडी औलख एवं अजनाला सेकटर के अन्य गांवों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि लोगों में युद्ध को लेकर किसी भी तरह की कोई दहशत नहीं है।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग अपने घर नहीं छोड़ रहे लेकिन अगर कोई बिल्कुल सीमा पर बसा घर पलायन करता है तो सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके लिए जिले के सारे अधिकारियों की डयूटियां लगा दी गई हैं। उनहोंने बताया कि जिला प्रशासन ने कंट्रोल स्थापित कर दिया है जो 24 घंटे काम करेगा और सरकार कार्यालय शनिवार,रविवार छुट्टी वाले दिन भी खुले रहेंगें।
उन्होंने कहा कि ज्यादातर लोग अपने घर नहीं छोड़ रहे लेकिन अगर कोई बिल्कुल सीमा पर बसा घर पलायन करता है तो सरकार की ओर से हर संभव सहायता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसके लिए जिले के सारे अधिकारियों की डयूटियां लगा दी गई हैं। उनहोंने बताया कि जिला प्रशासन ने कंट्रोल स्थापित कर दिया है जो 24 घंटे काम करेगा और सरकार कार्यालय शनिवार,रविवार छुट्टी वाले दिन भी खुले रहेंगें।