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देशवासियों को खूब पसंद आ रही पाकिस्तान की एक रसीली चीज, हर रोज ट्रक भरकर आती है
राजेश ढल्ल, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 03 Oct 2018 11:24 AM IST
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पाकिस्तानी आम
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पाकिस्तान का नाम आते ही हर कोई तैश में आ जाता है, लेकिन इस समय देशवासियों को दुश्मन देश की एक चीज बेहद पसंद आ रही है, जिसके ट्रक भरकर आते हैं। दरअसल, जो बाजार से आम खरीद कर खा रहे हैं वह पाकिस्तानी के ही आम हैं। पाकिस्तान से भारत में आम का निर्यात हो रहा है। पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों को यह पाकिस्तानी आम खूब भा रहा है।
भारत में पैदा होने वाले हर किस्म के आम की फसल समाप्त हो चुकी है। ऐसे में इस समय आम की मार्केट पूरी तरह से पाकिस्तान पर ही निर्भर है। दीवाली तक पाकिस्तानी आम का स्वाद शहरवासी ले पाएंगे। चंडीगढ़ से पाकिस्तानी आम अमृतसर से आ रहा है जबकि अमृतसर में इसकी सप्लाई सीधा पाकिस्तान से आ रही है। इस समय प्रतिदिन एक ट्रक पाकिस्तानी आम आ रहा है।
पाकिस्तानी आम की खासियत यह है कि इसका स्वाद काफी मीठा है और इसका साइज भी बड़ा है। एक किलो आम में सिर्फ तीन आम ही चढ़ रहे हैं। पाकिस्तानी आम देखने में काफी आकर्षक है। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सेक्टर-26 मंडी में आने वाले पाकिस्तानी आम पर दो प्रतिशत की मार्केट फीस भी चार्ज की जा रही है।
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जबकि पंचकूला की मंडी में कोई भी फीस चार्ज नहीं की जाती क्योंकि हरियाणा सरकार ने फल और सब्जियों पर मार्केट फीस समाप्त कर दी है। चंडीगढ़ और पंचकूला की मंडी से ही हिमाचल के शिमला और सोलन में पाकिस्तानी आम की सप्लाई हो रही है।
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भारत में पैदा होने वाले हर किस्म के आम की फसल समाप्त हो चुकी है। ऐसे में इस समय आम की मार्केट पूरी तरह से पाकिस्तान पर ही निर्भर है। दीवाली तक पाकिस्तानी आम का स्वाद शहरवासी ले पाएंगे। चंडीगढ़ से पाकिस्तानी आम अमृतसर से आ रहा है जबकि अमृतसर में इसकी सप्लाई सीधा पाकिस्तान से आ रही है। इस समय प्रतिदिन एक ट्रक पाकिस्तानी आम आ रहा है।
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पाकिस्तानी आम की खासियत यह है कि इसका स्वाद काफी मीठा है और इसका साइज भी बड़ा है। एक किलो आम में सिर्फ तीन आम ही चढ़ रहे हैं। पाकिस्तानी आम देखने में काफी आकर्षक है। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से सेक्टर-26 मंडी में आने वाले पाकिस्तानी आम पर दो प्रतिशत की मार्केट फीस भी चार्ज की जा रही है।
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जबकि पंचकूला की मंडी में कोई भी फीस चार्ज नहीं की जाती क्योंकि हरियाणा सरकार ने फल और सब्जियों पर मार्केट फीस समाप्त कर दी है। चंडीगढ़ और पंचकूला की मंडी से ही हिमाचल के शिमला और सोलन में पाकिस्तानी आम की सप्लाई हो रही है।
मंगवाएं हैं 500 पाकिस्तानी आम के पौधे
पाकिस्तानी आम
बागवानी विशेषज्ञ एवं दुर्गा सीड के संचालक राहुल महाजन का कहना है कि पाकिस्तानी आम का स्वाद चंडीगढ़ के लोगों को काफी भा रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने पाकिस्तान से 500 आम के पौधे भी मंगवाएं हैं ताकि उन्हें यहां पर ही उगाएं जा सके। पाकिस्तानी आम की किस्म काफी अच्छी है।
सब्जी एवं फल मंडी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृजमोहन का कहना है कि इस समय सेब का सीजन है, लेकिन पाकिस्तानी आम इस बार पहले के मुकाबले में काफी आ रहा है। एक ट्रक पाकिस्तानी आम की खपत प्रतिदिन ट्राइसिटी में हो रही है। उनका कहना है कि 60 से 100 रुपये प्रति किलो में पाकिस्तानी आम बाजार में बिक रहा है। जबकि भारत में पैदा होने वाली आम की पैदावार समाप्त हो चुकी है।
भारत के मुकाबले पाकिस्तान में 10 प्रतिशत आम की पैदावार
भारत के मुकाबले पाकिस्तान 10 प्रतिशत आम की पैदावार करता है। इसके बावजूद पाकिस्तान बड़ी संख्या में अपने आमों को निर्यात करता है। पाकिस्तान में 400 किस्मों के आम हैं जबकि भारत में 1,200 हैं। भारत दुनिया के आमों का एक तिहाई से अधिक उत्पादन करता है।
सब्जी एवं फल मंडी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष बृजमोहन का कहना है कि इस समय सेब का सीजन है, लेकिन पाकिस्तानी आम इस बार पहले के मुकाबले में काफी आ रहा है। एक ट्रक पाकिस्तानी आम की खपत प्रतिदिन ट्राइसिटी में हो रही है। उनका कहना है कि 60 से 100 रुपये प्रति किलो में पाकिस्तानी आम बाजार में बिक रहा है। जबकि भारत में पैदा होने वाली आम की पैदावार समाप्त हो चुकी है।
भारत के मुकाबले पाकिस्तान में 10 प्रतिशत आम की पैदावार
भारत के मुकाबले पाकिस्तान 10 प्रतिशत आम की पैदावार करता है। इसके बावजूद पाकिस्तान बड़ी संख्या में अपने आमों को निर्यात करता है। पाकिस्तान में 400 किस्मों के आम हैं जबकि भारत में 1,200 हैं। भारत दुनिया के आमों का एक तिहाई से अधिक उत्पादन करता है।