फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Indian Army Surgical Strike Operation Commando Related Side Stroy

सर्जिकल स्ट्राइकः दुश्मनों को नेस्तनाबूद करने को हर कमांडो लादे था 25 किलो गोला-बारूद

Sun, 30 Sep 2018 01:20 PM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sun, 30 Sep 2018 01:20 PM IST
विज्ञापन
Indian Army Surgical Strike Operation Commando Related Side Stroy
भारतीय सेना
29 सितंबर 2016 को पीओके में 2 से 4 किलोमीटर तक घुसकर दुश्मनों को मौत की नींद सुलाने वाला सर्जिकल स्ट्राइक ऑपरेशन भारतीय कमांडो के लिए काफी कठिन था। सेना के पैरा कमांडो के शूरवीर इस पूरे ऑपरेशन में अपने कंधों पर करीब 40 किलो का भार लादे हुए थे। जिसमें 25 किलो गोलाबारूद था और 15 किलो जवान के लिए जरूरी सामान था।
विज्ञापन


ऑपरेशन पूरा करने के लिए 72 घंटे का वक्त था और हर कमांडो को अलॉट गोलाबारूद से ही सेट किए गए दुश्मन के 8 टारगेट को नेस्तनाबूद करना था। इस ऑपरेशन से जुड़े एक आला अफसर ने ‘अमर उजाला’ को बताया कि ऑपरेशन में परिस्थितियां बहुत खतरनाक थी, लेकिन भारतीय जवानों की तैयारियां इतनी जबरदस्त थी कि ऑपरेशन पूरा करने के बाद 5 घंटे तक दुश्मन की ओर से लगातार चली फायरिंग का जवाब देते हुए ऑपरेशनल टीम के सभी सदस्य सकुशल वापस लौटे थे।
विज्ञापन


लौटते हुए भी पांच आतंकियों को किया ढेर
ऑपरेशन खत्म कर वापस लौटते हुए जबरदस्त फायरिंग चल रही थी। एक टारगेट पर पाकिस्तानी चौकी के पास ये आतंकी मौजूद थे। तभी जवानों की उनसे मुठभेड़ हो गई और भारतीय कमांडो ने इन आतंकियों को भी ढेर कर दिया। एक आला सैन्य अफसर ने बताया कि पाकिस्तान हमेशा दावा करता है कि वे आतंकी नहीं पालता, लेकिन इस ऑपरेशन में पाकिस्तानी फौज की चौकी पर मिले आतंकियों ने पाक के झूठ की पोल खोलकर रखी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

जमीन और आसमान से रखी जा रही थी नजर

Indian Army Surgical Strike Operation Commando Related Side Stroy
भारतीय सेना
सर्जिकल स्ट्राइक  से पहले वैसे तो पूरी रेकी की जा चुकी थी। जिस दिन उरी हमला हुआ, उसी दिन आला सैन्य अफसरों द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला भी ले लिया गया था। लेकिन हमले के दौरान जमीन और आसमान से निगरानी रखने का भी पूरा इंतजाम किया गया। कमांडो की कैंप पर जहां माइक्रो कैमरे लगाए गए थे, वहीं आसमान से निगरानी अनमैंड एरियल व्हीकल उपकरण से हो रही थी। जैसे-जैसे टारगेट को उड़ाया गया, ये उपकरण ऑपरेशन की पूरी निगरानी कर रहा था।

गजब थी कमांडो की डाइट प्लानिंग
इस ऑपरेशन से जुड़े सैन्य अफसर ने बताया कि  दुश्मन से लड़ने की रणनीति में कमांडो की डाइट प्लानिंग भी गजब थी 72 घंटे में कई घंटे खासकर हमला करने से पहले भूखे रहना था।  डाइट में सॉलिड फूड कम, लिक्विड ज्यादा था। हाई कैलोरी डाइट इस तरह थी कि कमांडो की कैलोरी भी पूरी हो जाए और नींद भी दूर रहे। ऑपरेशन की डाइट पैकिंग में प्लास्टिक रैफर व प्लास्टिक बोतल का इस्तेमाल बैन था, ताकि प्लास्टिक रैपर और प्लास्टिक बोतल खोलते वक्त  किसी प्रकार की तनिक भी आवाज न हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed